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Basti News: सराय एक्ट में पांच मैरिज हॉल पंजीकृत, अवैध रूप से चल रहे 65
Sun, 03 Mar 2024 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 03 Mar 2024 12:34 AM IST
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मुख्य सड़कों के अलावा आबादी क्षेत्रों में भी संचालित हो रहे मैरिज हॉल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिलेभर में सिर्फ पांच मैरिज हाॅल सराय एक्ट में पंजीकृत हैं।
करीब 70 मैरिज हॉल का संचालन हो रहा है। जबकि 65 मैरिज हॉल अवैध रूप से चल रहे हैं। पंजीकृत मैरिज हॉल संचालकों ने फायर विभाग से एनओसी भी ले रखा है। जबकि अन्य न तो पंजीकृत हैं और न ही फायर विभाग से एनओसी प्राप्त किए हैं। सहालग का समय चल रहा है। ऐसे में शहर में शाम के समय जगह-जगह जाम की स्थिति पैदा हो रही है। प्रशासन अब इन पर शिकंजा कसने जा रहा है।
प्रशासन के रिकॉर्ड में मैरिज हाॅल की संख्या सिर्फ पांच होने के कारण शाम को जाम से निपटने के लिए अतिरिक्त प्रयास भी नही किए जाते हैं। बताया जाता है कि मानक पूरा न करने के कारण अवैध रूप से चल रहे मैरिज हॉल के संचालक पंजीकरण कराने से कतराते हैं। प्रशासन पंजीकरण के लिए लगातार संचालकों को नोटिस दे रहा है। इसके बाद भी रुचि नहीं ली जा रही है। शनिवार को शहर के कुछ मैरिज हॉलों का जायजा लिया गया तो किसी में आग से बचने का इंतजाम नहीं दिखे।
यहां होने वाले समारोह में सैकड़ों की भीड़ होने के बाद भी आग से निपटने के इंतजाम नहीं हैं। मानक विहीन और पार्किंग के अभाव में अवैध रूप से संचालित मैरिज हाॅल जाम बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मुख्य सड़कों के साथ ही आबादी के मध्य जगह-जगह मैरिज हॉल संचालित हो रहे हैं।
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...
यह है मानक
- दो जीने दो मीटर से कम चौड़े न हों।
- चार मीटर से कम छत की ऊंचाई न हो।
- गैस भट्ठी जलने वाले स्थान पर दो अग्निशमन यंत्र होने चाहिए।
- 10 हजार लीटर की पानी की टंकी होनी चाहिए।
- पानी के लिए 1620 एलपीएम का इंजन लगा होना चाहिए।
- आपात स्थिति में ढाई मिनट में मैरिज हॉल खाली करने के लिए विशेष गेट होना चाहिए।
- बिजली कनेक्शन की वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जनरेटर का इंतजाम होना चाहिए।
...
कोट
सभी संचालकों को नोटिस जारी कर सराय एक्ट में पंजीकरण कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। पंजीकरण कराने के लिए तमाम आवेदन आए हैं। कार्रवाई चल रही है। मार्च तक सभी काे पंजीकरण कराने का समय दिया गया है।
-कमलेश चंद्र, एडीएम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिलेभर में सिर्फ पांच मैरिज हाॅल सराय एक्ट में पंजीकृत हैं।
करीब 70 मैरिज हॉल का संचालन हो रहा है। जबकि 65 मैरिज हॉल अवैध रूप से चल रहे हैं। पंजीकृत मैरिज हॉल संचालकों ने फायर विभाग से एनओसी भी ले रखा है। जबकि अन्य न तो पंजीकृत हैं और न ही फायर विभाग से एनओसी प्राप्त किए हैं। सहालग का समय चल रहा है। ऐसे में शहर में शाम के समय जगह-जगह जाम की स्थिति पैदा हो रही है। प्रशासन अब इन पर शिकंजा कसने जा रहा है।
प्रशासन के रिकॉर्ड में मैरिज हाॅल की संख्या सिर्फ पांच होने के कारण शाम को जाम से निपटने के लिए अतिरिक्त प्रयास भी नही किए जाते हैं। बताया जाता है कि मानक पूरा न करने के कारण अवैध रूप से चल रहे मैरिज हॉल के संचालक पंजीकरण कराने से कतराते हैं। प्रशासन पंजीकरण के लिए लगातार संचालकों को नोटिस दे रहा है। इसके बाद भी रुचि नहीं ली जा रही है। शनिवार को शहर के कुछ मैरिज हॉलों का जायजा लिया गया तो किसी में आग से बचने का इंतजाम नहीं दिखे।
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यहां होने वाले समारोह में सैकड़ों की भीड़ होने के बाद भी आग से निपटने के इंतजाम नहीं हैं। मानक विहीन और पार्किंग के अभाव में अवैध रूप से संचालित मैरिज हाॅल जाम बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मुख्य सड़कों के साथ ही आबादी के मध्य जगह-जगह मैरिज हॉल संचालित हो रहे हैं।
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यह है मानक
- दो जीने दो मीटर से कम चौड़े न हों।
- चार मीटर से कम छत की ऊंचाई न हो।
- गैस भट्ठी जलने वाले स्थान पर दो अग्निशमन यंत्र होने चाहिए।
- 10 हजार लीटर की पानी की टंकी होनी चाहिए।
- पानी के लिए 1620 एलपीएम का इंजन लगा होना चाहिए।
- आपात स्थिति में ढाई मिनट में मैरिज हॉल खाली करने के लिए विशेष गेट होना चाहिए।
- बिजली कनेक्शन की वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जनरेटर का इंतजाम होना चाहिए।
...
कोट
सभी संचालकों को नोटिस जारी कर सराय एक्ट में पंजीकरण कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। पंजीकरण कराने के लिए तमाम आवेदन आए हैं। कार्रवाई चल रही है। मार्च तक सभी काे पंजीकरण कराने का समय दिया गया है।
-कमलेश चंद्र, एडीएम