{"_id":"6637e6fbc70d747bf308d179","slug":"first-know-the-u-dice-number-of-the-school-basti-news-c-207-1-sgkp1004-116451-2024-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: पहले जान लें विद्यालय का यू-डायस नंबर, तब बच्चे का कराएं प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: पहले जान लें विद्यालय का यू-डायस नंबर, तब बच्चे का कराएं प्रवेश
Mon, 06 May 2024 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 06 May 2024 01:37 AM IST
विज्ञापन
- यू-डायस नंबर वाले विद्यालय की ही है शिक्षा विभाग से मान्यता
- बिना मान्यता वाले विद्यालयों पर अंकुश लगाने के लिए जारी हुआ है यू-डायस नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यदि आप अपने बच्चे का प्रवेश किसी विद्यालय में कराने जा रहे हैं तो विद्यालय का यू-डायस नंबर जरूर जाने लें, अन्यथा बाद में पछताना पड़ सकता है। जिले में अभी भी तमाम विद्यालय बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। बिना मान्यता वाले स्कूलों पर अंकुश लगाने के लिए शासन की ओर से यू-डायस पोर्टल बनाया गया है।
इस पोर्टल पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों का ब्यौरा दर्ज किया गया है। इस पोर्टल पर पंजीकृत होने वाले विद्यालयों को यू-डायस नंबर भी जारी किया गया है। यह नंबर विद्यालय की पहचान होता है। इसमें पढ़ने वाले बच्चों का विवरण भी पोर्टल पर अपलोड होता है। जिस बच्चे का विवरण पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा, उसका पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन) जारी होता है। जिस स्कूल के पास यू-डायस नंबर होगा, वह बच्चों को पेन जारी कर सकेंगे।
यह नंबर बच्चे की शैक्षिक पहचान होती है। यू डायस व पेन नंबर न होने पर बच्चे का दाखिला बाद में किसी दूसरे विद्यालय में नहीं हो पाएगा। इससे उसके भविष्य पर संकट खड़ा हो सकता है।
विज्ञापन
...
कोट
जब बच्चा विद्यालय में पढ़ाई पूरी कर लेता है, तो उसकी टीसी पर स्कूल यू-डायस नंबर व पेन नंबर अंकित किया जाता है। इसी के आधार पर उसे दूसरे विद्यालय में प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में बच्चे का विद्यालय में प्रवेश कराते समय उसका यू-डायस कोड अवश्य जान लें।
अनूप कुमार, बीएसए।
विज्ञापन
- बिना मान्यता वाले विद्यालयों पर अंकुश लगाने के लिए जारी हुआ है यू-डायस नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यदि आप अपने बच्चे का प्रवेश किसी विद्यालय में कराने जा रहे हैं तो विद्यालय का यू-डायस नंबर जरूर जाने लें, अन्यथा बाद में पछताना पड़ सकता है। जिले में अभी भी तमाम विद्यालय बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। बिना मान्यता वाले स्कूलों पर अंकुश लगाने के लिए शासन की ओर से यू-डायस पोर्टल बनाया गया है।
इस पोर्टल पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों का ब्यौरा दर्ज किया गया है। इस पोर्टल पर पंजीकृत होने वाले विद्यालयों को यू-डायस नंबर भी जारी किया गया है। यह नंबर विद्यालय की पहचान होता है। इसमें पढ़ने वाले बच्चों का विवरण भी पोर्टल पर अपलोड होता है। जिस बच्चे का विवरण पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा, उसका पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन) जारी होता है। जिस स्कूल के पास यू-डायस नंबर होगा, वह बच्चों को पेन जारी कर सकेंगे।
विज्ञापन
यह नंबर बच्चे की शैक्षिक पहचान होती है। यू डायस व पेन नंबर न होने पर बच्चे का दाखिला बाद में किसी दूसरे विद्यालय में नहीं हो पाएगा। इससे उसके भविष्य पर संकट खड़ा हो सकता है।
विज्ञापन
...
कोट
जब बच्चा विद्यालय में पढ़ाई पूरी कर लेता है, तो उसकी टीसी पर स्कूल यू-डायस नंबर व पेन नंबर अंकित किया जाता है। इसी के आधार पर उसे दूसरे विद्यालय में प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में बच्चे का विद्यालय में प्रवेश कराते समय उसका यू-डायस कोड अवश्य जान लें।
अनूप कुमार, बीएसए।