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फिजिक्स की कॉपियों के मूल्यांकन में पेच
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:44 AM IST
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जीजीआईसी में बोर्ड की काॅपियों का मूल्यांकन करते शिक्षक।
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बस्ती। बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन के तीसरे दिन शुक्रवार को इंटर के फिजिक्स विषय के परीक्षकों के न मिलने से राजकीय इंटर कालेज केंद्र को गंभीर संकट का सामना करना पड़ा। परीक्षक न मिलने से फिजिक्स विषय के मूल्यांकन पर प्रभाव पड़ा। तीन दिन से जिले में इस विषय के परीक्षक ढूंढे जा रहे हैं।
राजकीय इंटर कालेज केंद्र पर फिजिक्स के कुल 64019 कापियों का मूल्यांकन करने के लिए भेजा गया है। इसके लिए बोर्ड द्वारा फिजिक्स विषय के सौ परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। उनमें सिर्फ 38 परीक्षक ही मुश्किल से मिल पाए। इसके चलते तीन दिन में मात्र एक हजार फिजिक्स विषय की कापियों का मूल्यांकन हो पाया। हालांकि इस संकट से निपटने के लिए डीआईओएस ने वित्तविहीन विद्यालयों से फिजिक्स विषय के परीक्षक की व्यवस्था करने की बात कही है।
वहीं दूसरी ओर सक्सेरिया इंटर कालेज में भी हाईस्कूल के फिजिक्स और रसायन शास्त्र विषयों के परीक्षकों के बदल जाने से अफरातफरी का माहौल रहा है। यहां पर 22 फिजिक्स के रसायन और रसायन शास्त्र के फिजिक्स विषय के मूल्यांकन करने का मामला सामने आया। मूल्यांकन के तीसरे दिन कुल 43117 कापियों का मूल्यांकन हुआ।
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इस बार के कापियों के मूल्यांकन में केंद्र व्यवस्थापकों का सबसे अधिक समय बोर्ड की गलतियों को सुधारने में लग रहा है। जिसके चलते मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। सबसे खराब स्थित राजकीय इंटर कालेज में इंटर के फिजिक्स विषय के मूल्यांकन में परीक्षकों के न मिलने के कारण रही। इस विद्यालय की स्थित यह है कि जैसे ही कोई इस विषय का परीक्षक आता है, उसका स्वागत मेेहमान की तरह किया जाता है, और बिना किसी देरी के उसे मूल्यांकन के कार्य में लगा दिया जाता है। जबकि इसी विद्यालय में आर्ट विषय के परीक्षक मूल्यांकन करने के लिए लाइन लगाएं हैं। शहर के चार विद्यालयों में मात्र दो अध्यापक फिजिक्स के हैं। जिस विद्यालय में मूल्यांकन हो रहा है, वहां पर फिजिक्स के अध्यापक नही हैं।
22 परीक्षकों का विषय बदल दिया
बस्ती। बोर्ड की लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सक्सेरिया इंटर कालेज में हाईस्कूल के विज्ञान सहित अन्य विषयों का मूल्यांकन हो रहा है। यहां पर बोर्ड की ओर से जिन परीक्षकों की तैनाती की गई, उनमें 22 ऐसे परीक्षक निकले जिनका विषय ही बदल दिया गया। पार्ट वन को पार्ट टू और पार्ट टू को पार्ट वन में लगा दिया गया, यानि फिजिक्स वाले को जीवविज्ञान और जीवविज्ञान वाले को रसायन शास्त्र विषय में लगा दिया गया। इसे लेकर शुक्रवार को विद्यालय में अफरा तफरी का माहौल रहा।
वित्तविहीन विद्यालयों से लाएंगे परीक्षक
बस्ती। फिजिक्स विषय के परीक्षक न मिलने से परेशान डीआईओएस राजेश कुमार आर्य ने बताया कि सभी वित्तविहीन विद्यालयों से फिजिक्स विषय के परीक्षक लाएं जाएंगे। बताया कि अगर किसी विद्यालय ने परीक्षक देने से इंकार किया तो सबसे पहले उस विद्यालय के लगाए गए परीक्षक को मूल्यांकन कार्य से विरत कर दिया जाएगा और उसके बाद उस विद्यालय की मान्यता को निरस्त करने की सिफारिश बोर्ड से कर दी जाएगी। बताया कि एक दो दिन में परीक्षकों की व्यवस्था कर ली जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि इस बार फिजिक्स विषय के परीक्षक की समस्या गंभीर है।
तीसरे दिन 43117 काॅपियां जांचीं
सक्सेरिया स्कूल के मूल्यांकन प्रभारी उमेंशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार को 12648 कापियों का मूल्यांकन हुआ। 379 परीक्षक के सापेक्ष 350 और 40 उप मुख्य परीक्षक के सापेक्ष 40 ने मूल्यांकन कार्य किया। श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कालेज के मूल्यांकन प्रभारी योगेश शुक्ल ने बताया कि 10269 कापियों का मूल्यांकन हुआ। जिसमें 437 परीक्षक के सापेक्ष 400 और 44 डीएचई के मुकाबले शत-प्रतिशत ने कार्य किया। राजकीय इंटर कालेज के मूल्यांकन प्रभारी हरिनंदन यादव ने बताया कि शुक्रवार को 12400 कापियों का मूल्याकंन हुआ। 483 परीक्षक के सापेक्ष मात्र 254 और 51 डीएचई के स्थान पर 50 ने कार्य किया। इसी तरह राजकीय गर्ल्स इंटर कालेज के मूल्यांकन प्रभारी उमेशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मूल्यांकन के तीसरे दिन शुक्रवार को 12648 कापियों का मूल्यांकन हुआ।
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राजकीय इंटर कालेज केंद्र पर फिजिक्स के कुल 64019 कापियों का मूल्यांकन करने के लिए भेजा गया है। इसके लिए बोर्ड द्वारा फिजिक्स विषय के सौ परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। उनमें सिर्फ 38 परीक्षक ही मुश्किल से मिल पाए। इसके चलते तीन दिन में मात्र एक हजार फिजिक्स विषय की कापियों का मूल्यांकन हो पाया। हालांकि इस संकट से निपटने के लिए डीआईओएस ने वित्तविहीन विद्यालयों से फिजिक्स विषय के परीक्षक की व्यवस्था करने की बात कही है।
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वहीं दूसरी ओर सक्सेरिया इंटर कालेज में भी हाईस्कूल के फिजिक्स और रसायन शास्त्र विषयों के परीक्षकों के बदल जाने से अफरातफरी का माहौल रहा है। यहां पर 22 फिजिक्स के रसायन और रसायन शास्त्र के फिजिक्स विषय के मूल्यांकन करने का मामला सामने आया। मूल्यांकन के तीसरे दिन कुल 43117 कापियों का मूल्यांकन हुआ।
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इस बार के कापियों के मूल्यांकन में केंद्र व्यवस्थापकों का सबसे अधिक समय बोर्ड की गलतियों को सुधारने में लग रहा है। जिसके चलते मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। सबसे खराब स्थित राजकीय इंटर कालेज में इंटर के फिजिक्स विषय के मूल्यांकन में परीक्षकों के न मिलने के कारण रही। इस विद्यालय की स्थित यह है कि जैसे ही कोई इस विषय का परीक्षक आता है, उसका स्वागत मेेहमान की तरह किया जाता है, और बिना किसी देरी के उसे मूल्यांकन के कार्य में लगा दिया जाता है। जबकि इसी विद्यालय में आर्ट विषय के परीक्षक मूल्यांकन करने के लिए लाइन लगाएं हैं। शहर के चार विद्यालयों में मात्र दो अध्यापक फिजिक्स के हैं। जिस विद्यालय में मूल्यांकन हो रहा है, वहां पर फिजिक्स के अध्यापक नही हैं।
22 परीक्षकों का विषय बदल दिया
बस्ती। बोर्ड की लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सक्सेरिया इंटर कालेज में हाईस्कूल के विज्ञान सहित अन्य विषयों का मूल्यांकन हो रहा है। यहां पर बोर्ड की ओर से जिन परीक्षकों की तैनाती की गई, उनमें 22 ऐसे परीक्षक निकले जिनका विषय ही बदल दिया गया। पार्ट वन को पार्ट टू और पार्ट टू को पार्ट वन में लगा दिया गया, यानि फिजिक्स वाले को जीवविज्ञान और जीवविज्ञान वाले को रसायन शास्त्र विषय में लगा दिया गया। इसे लेकर शुक्रवार को विद्यालय में अफरा तफरी का माहौल रहा।
वित्तविहीन विद्यालयों से लाएंगे परीक्षक
बस्ती। फिजिक्स विषय के परीक्षक न मिलने से परेशान डीआईओएस राजेश कुमार आर्य ने बताया कि सभी वित्तविहीन विद्यालयों से फिजिक्स विषय के परीक्षक लाएं जाएंगे। बताया कि अगर किसी विद्यालय ने परीक्षक देने से इंकार किया तो सबसे पहले उस विद्यालय के लगाए गए परीक्षक को मूल्यांकन कार्य से विरत कर दिया जाएगा और उसके बाद उस विद्यालय की मान्यता को निरस्त करने की सिफारिश बोर्ड से कर दी जाएगी। बताया कि एक दो दिन में परीक्षकों की व्यवस्था कर ली जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि इस बार फिजिक्स विषय के परीक्षक की समस्या गंभीर है।
तीसरे दिन 43117 काॅपियां जांचीं
सक्सेरिया स्कूल के मूल्यांकन प्रभारी उमेंशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार को 12648 कापियों का मूल्यांकन हुआ। 379 परीक्षक के सापेक्ष 350 और 40 उप मुख्य परीक्षक के सापेक्ष 40 ने मूल्यांकन कार्य किया। श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कालेज के मूल्यांकन प्रभारी योगेश शुक्ल ने बताया कि 10269 कापियों का मूल्यांकन हुआ। जिसमें 437 परीक्षक के सापेक्ष 400 और 44 डीएचई के मुकाबले शत-प्रतिशत ने कार्य किया। राजकीय इंटर कालेज के मूल्यांकन प्रभारी हरिनंदन यादव ने बताया कि शुक्रवार को 12400 कापियों का मूल्याकंन हुआ। 483 परीक्षक के सापेक्ष मात्र 254 और 51 डीएचई के स्थान पर 50 ने कार्य किया। इसी तरह राजकीय गर्ल्स इंटर कालेज के मूल्यांकन प्रभारी उमेशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मूल्यांकन के तीसरे दिन शुक्रवार को 12648 कापियों का मूल्यांकन हुआ।