{"_id":"681e5297f4c37009e50f413b","slug":"ex-servicemen-are-ready-to-help-the-administration-in-case-of-emergency-basti-news-c-207-1-bst1004-136255-2025-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: आपात स्थिति में प्रशासन की मदद को तैयार हैं पूर्व सैनिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: आपात स्थिति में प्रशासन की मदद को तैयार हैं पूर्व सैनिक
Sat, 10 May 2025 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 10 May 2025 12:38 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। युद्ध के दौरान प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चाहे जैसी सहायता चाहिए पूर्व सैनिक हर तरह से तैयार हैं। पूरे जिले में तकरीबन चार हजार पूर्व सैनिक हैं जो हर तरीके से प्रशासन की मदद करने में सक्षम हैं। यह बात जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल देवेंद्र गोहानी ने कहीं।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने बैठक में उनसे जिले में पूर्व सैनिकों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न गांवों में तकरीबन 4 हजार पूर्व सैनिक रहते हैं। उनमें एक हजार से अधिक सैनिक पूरी तरह स्वस्थ हैं और वे प्रशासन की मदद के लिए हमेशा तत्पर हैं।
इतना ही नहीं, इनमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक सीमा पर जा कर लड़ाई करने का जज्बा रखते हैं। सरकार जब चाहेगी वे अपनी सेवा देने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंंने कहा कि युद्ध के दौरान जो आपात परिस्थितियां आएंगी, उनके लिए पूर्व सैनिकों को पहले से ही सजग कर दिया गया है। उनसे कहा गया है कि वे जिस भी गांव में रहते हैं वहीं वे आसपास के लोगों को आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दें। इसके अलावा उन्हें यह भी कहा गया है कि युद्ध के दौरान कैसे लोगों को अस्पताल तक पहुंचाया जाए और कैसे लोगों की मदद की जाए, इसके बारे में लोगों को जानकारी दें ताकि प्रशासन की मदद हो सके। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने बैठक में उनसे जिले में पूर्व सैनिकों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न गांवों में तकरीबन 4 हजार पूर्व सैनिक रहते हैं। उनमें एक हजार से अधिक सैनिक पूरी तरह स्वस्थ हैं और वे प्रशासन की मदद के लिए हमेशा तत्पर हैं।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, इनमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक सीमा पर जा कर लड़ाई करने का जज्बा रखते हैं। सरकार जब चाहेगी वे अपनी सेवा देने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंंने कहा कि युद्ध के दौरान जो आपात परिस्थितियां आएंगी, उनके लिए पूर्व सैनिकों को पहले से ही सजग कर दिया गया है। उनसे कहा गया है कि वे जिस भी गांव में रहते हैं वहीं वे आसपास के लोगों को आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दें। इसके अलावा उन्हें यह भी कहा गया है कि युद्ध के दौरान कैसे लोगों को अस्पताल तक पहुंचाया जाए और कैसे लोगों की मदद की जाए, इसके बारे में लोगों को जानकारी दें ताकि प्रशासन की मदद हो सके। संवाद
विज्ञापन