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Basti News: 163 मतदाताओं के दोहराव की आशंका सत्यापन में जुटा निर्वाचन विभाग
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बस्ती। मतदाता सूची में 163 लोगों का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने की आशंका है। इनमें 137 मामले विधानसभा क्षेत्र के एक ही भाग में और 26 इस विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग भाग में चिह्नित हुए हैं। प्रशासन के अनुसार, इनका सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान लंबे समय से चल रहा है। जिले के लगभग 2300 मतदान केंद्रों के लगभग 17.45 लाख मतदाताओं का सत्यापन पूर्ण हो चुका है। इस बीच मतदाता सूची में लगभग 163 ऐसे व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनके नाम, उम्र, पता आदि विवरण मिलते-जुलते हैं। निर्वाचन विभाग की भाषा में इसे डीएसई (डेमोग्राफिकल सिमिलर एंट्री) कहा जाता है। इससे यह आशंका जताई गई कि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक जगह दर्ज हो सकता है।
जिला प्रशासन के अनुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की ओर से 22 अक्तूबर को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डीएसई के मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिले में चिह्नित मामलों का सत्यापन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के स्तर पर किया जा रहा है।
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कप्तानगंज में सबसे अधिक मामले
जिला प्रशासन के अनुसार, कप्तानगंज में ऐसे सर्वाधिक 52 मामले मिले हैं। इसके अलावा महादेवा में 47, हर्रैया में 26, रुधौली में 20 और बस्ती सदर में 18 डीएसई चिह्नित किए गए हैं।
जुलाई में 5411 मतदाताओं के मामले में हुई थी कार्रवाई
जिला प्रशासन के मुताबिक, जुलाई में भी डीएसई टूल से चिह्नित 5411 मतदाताओं के मामलों में कार्रवाई की गई थी। इस प्रक्रिया में 2540 मतदाताओं के फार्म-7 तैयार किए गए थे। मौजूदा मामलों में भी सत्यापन के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
कोट
मतदाता सूची में 7,000 नाम संदिग्ध मिलने की सूचना भ्रामक है। मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चल रही है। इसी क्रम में कुछ समान नाम-पते के मतदाता चिह्नित हुए हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -कृत्तिका ज्योत्स्ना, जिलाधिकारी, बस्ती
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जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान लंबे समय से चल रहा है। जिले के लगभग 2300 मतदान केंद्रों के लगभग 17.45 लाख मतदाताओं का सत्यापन पूर्ण हो चुका है। इस बीच मतदाता सूची में लगभग 163 ऐसे व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनके नाम, उम्र, पता आदि विवरण मिलते-जुलते हैं। निर्वाचन विभाग की भाषा में इसे डीएसई (डेमोग्राफिकल सिमिलर एंट्री) कहा जाता है। इससे यह आशंका जताई गई कि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक जगह दर्ज हो सकता है।
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जिला प्रशासन के अनुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की ओर से 22 अक्तूबर को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डीएसई के मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिले में चिह्नित मामलों का सत्यापन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के स्तर पर किया जा रहा है।
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कप्तानगंज में सबसे अधिक मामले
जिला प्रशासन के अनुसार, कप्तानगंज में ऐसे सर्वाधिक 52 मामले मिले हैं। इसके अलावा महादेवा में 47, हर्रैया में 26, रुधौली में 20 और बस्ती सदर में 18 डीएसई चिह्नित किए गए हैं।
जुलाई में 5411 मतदाताओं के मामले में हुई थी कार्रवाई
जिला प्रशासन के मुताबिक, जुलाई में भी डीएसई टूल से चिह्नित 5411 मतदाताओं के मामलों में कार्रवाई की गई थी। इस प्रक्रिया में 2540 मतदाताओं के फार्म-7 तैयार किए गए थे। मौजूदा मामलों में भी सत्यापन के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
कोट
मतदाता सूची में 7,000 नाम संदिग्ध मिलने की सूचना भ्रामक है। मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चल रही है। इसी क्रम में कुछ समान नाम-पते के मतदाता चिह्नित हुए हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -कृत्तिका ज्योत्स्ना, जिलाधिकारी, बस्ती