{"_id":"6a6273263701477d5d0d4b11","slug":"e-pass-server-down-farmers-return-from-societies-without-urea-basti-news-c-207-1-bst1006-162902-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: ई-पास सर्वर ठप, समितियों से बिना यूरिया लौटे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: ई-पास सर्वर ठप, समितियों से बिना यूरिया लौटे किसान
विज्ञापन
बनकटी। साधन सहकारी समितियों पर बृहस्पतिवार को ई-पास मशीन का सर्वर डाउन रहने से यूरिया और डीएपी खाद का वितरण प्रभावित रहा। गोदामों में पर्याप्त स्टाक होने के बावजूद बायोमीट्रिक सत्यापन नहीं हो पाने से किसानों को बिना खाद लिए ही लौटना पड़ा।
जानकारी के सजनाखोर, खोरिया, बसौढ़ी, महथा सजहरा, चिताखोर गंगौरी, मनिकौरा, बोकनार, पगार, एकमा जयनगरा, अमानाबाद और टिकरिया समेत कई साधन सहकारी समितियों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ लगी रही। किसानों ने घंटों इंतजार किया, लेकिन ई-पास मशीन का सर्वर कनेक्ट नहीं होने के कारण खाद का वितरण शुरू नहीं हो सका। समिति कर्मचारियों ने किसानों को बताया कि तकनीकी समस्या के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इसके चलते पूरे दिन वितरण कार्य ठप रहा।
किसान राजेंद्र प्रसाद चौधरी, मुरलीधर शुक्ला, बबलू दूबे, धीरज कुमार और आनंद उपाध्याय ने बताया कि धान की रोपाई के बाद फसल में इस समय यूरिया डालना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
समय पर खाद नहीं मिलने से फसल की बढ़वार और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सुबह से समितियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
किसानों ने प्रशासन से ई-पॉस और नेटवर्क संबंधी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि खाद वितरण सुचारु रूप से हो सके।
विज्ञापन
जानकारी के सजनाखोर, खोरिया, बसौढ़ी, महथा सजहरा, चिताखोर गंगौरी, मनिकौरा, बोकनार, पगार, एकमा जयनगरा, अमानाबाद और टिकरिया समेत कई साधन सहकारी समितियों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ लगी रही। किसानों ने घंटों इंतजार किया, लेकिन ई-पास मशीन का सर्वर कनेक्ट नहीं होने के कारण खाद का वितरण शुरू नहीं हो सका। समिति कर्मचारियों ने किसानों को बताया कि तकनीकी समस्या के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इसके चलते पूरे दिन वितरण कार्य ठप रहा।
विज्ञापन
किसान राजेंद्र प्रसाद चौधरी, मुरलीधर शुक्ला, बबलू दूबे, धीरज कुमार और आनंद उपाध्याय ने बताया कि धान की रोपाई के बाद फसल में इस समय यूरिया डालना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
समय पर खाद नहीं मिलने से फसल की बढ़वार और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सुबह से समितियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
किसानों ने प्रशासन से ई-पॉस और नेटवर्क संबंधी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि खाद वितरण सुचारु रूप से हो सके।