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Basti News: नाक के जरिये सीधे फेफड़े तक असर डाल रही धूल
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जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श के लिए बैठे मरीज संवाद
- फोटो : 1
बस्ती। बदलते मौसम के कारण अस्थमा और सांस संबंधी मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से फूड पॉइजनिंग और पीलिया के मरीजों में भी बढ़ोतरी हुई है।
चिकित्सकों ने बताया कि बारिश के बाद धूप से उड़ रही धूल नाक के जरिये सीधे फेफड़े तक असर डाल रही है। इससे सांस में तकलीफ की समस्या बढ़ी है। चेस्ट एंड टीबी विभागाध्यक्ष डॉ. मो. फखरजमां ने बताया कि मौसम बार-बार बदल रहा है। ऐसे में अस्थमा-सांस के मरीजों को दिक्कत हो रही है। सोमवार को ओपीडी में 100 मरीज आए, अधिकतर में एलर्जी की समस्या थी। खांसी, बार-बार छींक आना, सांस फूलना और सीने में जकड़न की परेशानी मिल रही है। ऐसे मरीज जिन्होंने दवा बंद कर दी है, उनकी परेशानी उभर आई है। इस वजह से पुराने मरीजों की संख्या दोगुना हो गई है। रोजाना चार से पांच मरीजों को भर्ती कर ऑक्सीजन देनी पड़ रही है।
मेडिसिन विभाग के डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि गर्मी में लोग बाहर के पेय पदार्थ अधिक उपयोग कर रहे हैं। इससे उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, फूड प्वाइजनिंग और पीलिया की परेशानी मिल रही है। पसीना अधिक निकलने पर बीपी भी कम मिल रहा है। ऐसे में दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।
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चिकित्सकों ने बताया कि बारिश के बाद धूप से उड़ रही धूल नाक के जरिये सीधे फेफड़े तक असर डाल रही है। इससे सांस में तकलीफ की समस्या बढ़ी है। चेस्ट एंड टीबी विभागाध्यक्ष डॉ. मो. फखरजमां ने बताया कि मौसम बार-बार बदल रहा है। ऐसे में अस्थमा-सांस के मरीजों को दिक्कत हो रही है। सोमवार को ओपीडी में 100 मरीज आए, अधिकतर में एलर्जी की समस्या थी। खांसी, बार-बार छींक आना, सांस फूलना और सीने में जकड़न की परेशानी मिल रही है। ऐसे मरीज जिन्होंने दवा बंद कर दी है, उनकी परेशानी उभर आई है। इस वजह से पुराने मरीजों की संख्या दोगुना हो गई है। रोजाना चार से पांच मरीजों को भर्ती कर ऑक्सीजन देनी पड़ रही है।
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मेडिसिन विभाग के डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि गर्मी में लोग बाहर के पेय पदार्थ अधिक उपयोग कर रहे हैं। इससे उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, फूड प्वाइजनिंग और पीलिया की परेशानी मिल रही है। पसीना अधिक निकलने पर बीपी भी कम मिल रहा है। ऐसे में दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।
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