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Basti News: पोर्टल पर बकाया, कागज में मिलों को दे दिया किसानों का ढाई सौ क्विंटल धान
Tue, 09 May 2023 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 09 May 2023 01:48 AM IST
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बस्ती। सदर ब्लॉक के क्रय विक्रय सहकारी समिति खदरा केंद्र पर ढाई सौ क्विंटल धान का बकाया पाए जाने पर सहकारिता विभाग में हड़कंप मच गया है। जबकि इस केंद्र का पूरा धान संबंधित मिलों को भेजकर रसीद भी ले ली गई है और मिलों ने इसे स्वीकार कर लिया है। हैरानी की बात है कि खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर पहले सबकुछ ठीक था, लेकिन अचानक पोर्टल पर बकाया दिखने से साइबर क्राइम की आशंका ने सबके होश उड़ा दिया है। वहीं, सहकारिता विभाग के एआर आशीष कुमार श्रीवास्तव ने डिप्टी आरएमओ व अन्य अधिकारियों को पत्र भेज कर पूरी जांच कराने व संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा है।
सदर ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित चौधरी समेत विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी कि न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के तहत ऑनलाइन धान खरीद की सूचना के अनुसार, क्रय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड खदरा के केंद्र प्रभारी संजय कुमार ने 104 किसानों से 995.832 मीटिक टन धान की खरीद की है और आवंटित मिल को 970.832 एमटी धान की डिलीवरी की गई है। शेष 25 एमटी यानी कि ढाई सौ क्विंटल धान क्रय केंद्र प्रभारी ने आवंटित मिल को डिलीवरी नहीं कराई है। इस सूचना के आधार पर खदरा केंद्र के धान का सत्यापन कराया जा रहा है। अगर जांच में अनियमितता पाई गई तो प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और अगर पुष्टि नहीं हो पाती है तो इसे साइबर क्राइम की श्रेणी में रखकर कार्रवाई की जाएगी। ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो और गड़बड़ी करने वालों का खुलासा कर उन्हें दंडित किया जा सके।
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केंद्र प्रभारी ने दिए पुख्ता सबूत
कय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड खदरा के केंद्र प्रभारी संजय कुमार ने एडीओ सहकारिता के आरोप के जवाब में 4 मई को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा और पुख्ता प्रमाण भी दिए। स्टॉक रजिस्टर में 104 किसानों से 995.832 एमटी धान खरीद की गई है और 995.832 एमटी धान आवंटित मिलों को भेज दिया गया है। उसे सभी मिलों ने स्वीकार भी कर लिया है। बावजूद इसके, 2 मई को पीसीएफ की ओर से पोर्टल पर खदरा केंद्र के ऊपर 250 क्विंटल धान का बकाया दिखना अधिकारियों के लिए चौंकाने वाला है। वहीं, केंद्र प्रभारी ने 11 अप्रैल 2023 व 26 अप्रैल 2023 को पोर्टल की सूचना को भी उपलब्ध कराया है। उसके अनुसार, मिलों की ओर से शत-प्रतिशत धान की रिसीविंग दिखाई जा रही है। दूसरी तरफ, पूर्व पोर्टल पर नंबर भी बदल दिया गया है।
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स्वीकार के बाद नहीं हो सकता अस्वीकृत
खाद्य विभाग से जुड़े सेवानिवृत्त अधिकारी शिव नारायन लाल श्रीवास्तव ने बताया कि एक बार पोर्टल पर दर्ज होने के बाद स्टॉक को अस्वीकृत करने का अधिकार किसी के पास नहीं रह जाता है। जबकि यह पहली बार हो रहा है। वहीं, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जब केंद्र पर 11 व 26 अप्रैल को समस्त स्टाॅक शून्य हो गया था और सभी स्टाॅक मिलों ने स्वीकार भी कर ली तो अचानक 2 मई को 25 एमटी धान बकाया कैसे दिखने लगा। स्टाॅक स्वीकृत होने के बाद अस्वीकृत नहीं किया जा सकता। यह प्रकरण गंभीर साइबर क्राइम की श्रेणी में दिखाई पड़ रहा है। इससे जिले में अस्वीकृत करने की एक नई परंपरा का जन्म होगा और जनपद का अन्य कोई भी केंद्र प्रभारी प्रभावित हो सकता है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसमें लिप्त दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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सदर ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित चौधरी समेत विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी कि न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के तहत ऑनलाइन धान खरीद की सूचना के अनुसार, क्रय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड खदरा के केंद्र प्रभारी संजय कुमार ने 104 किसानों से 995.832 मीटिक टन धान की खरीद की है और आवंटित मिल को 970.832 एमटी धान की डिलीवरी की गई है। शेष 25 एमटी यानी कि ढाई सौ क्विंटल धान क्रय केंद्र प्रभारी ने आवंटित मिल को डिलीवरी नहीं कराई है। इस सूचना के आधार पर खदरा केंद्र के धान का सत्यापन कराया जा रहा है। अगर जांच में अनियमितता पाई गई तो प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और अगर पुष्टि नहीं हो पाती है तो इसे साइबर क्राइम की श्रेणी में रखकर कार्रवाई की जाएगी। ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो और गड़बड़ी करने वालों का खुलासा कर उन्हें दंडित किया जा सके।
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केंद्र प्रभारी ने दिए पुख्ता सबूत
कय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड खदरा के केंद्र प्रभारी संजय कुमार ने एडीओ सहकारिता के आरोप के जवाब में 4 मई को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा और पुख्ता प्रमाण भी दिए। स्टॉक रजिस्टर में 104 किसानों से 995.832 एमटी धान खरीद की गई है और 995.832 एमटी धान आवंटित मिलों को भेज दिया गया है। उसे सभी मिलों ने स्वीकार भी कर लिया है। बावजूद इसके, 2 मई को पीसीएफ की ओर से पोर्टल पर खदरा केंद्र के ऊपर 250 क्विंटल धान का बकाया दिखना अधिकारियों के लिए चौंकाने वाला है। वहीं, केंद्र प्रभारी ने 11 अप्रैल 2023 व 26 अप्रैल 2023 को पोर्टल की सूचना को भी उपलब्ध कराया है। उसके अनुसार, मिलों की ओर से शत-प्रतिशत धान की रिसीविंग दिखाई जा रही है। दूसरी तरफ, पूर्व पोर्टल पर नंबर भी बदल दिया गया है।
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स्वीकार के बाद नहीं हो सकता अस्वीकृत
खाद्य विभाग से जुड़े सेवानिवृत्त अधिकारी शिव नारायन लाल श्रीवास्तव ने बताया कि एक बार पोर्टल पर दर्ज होने के बाद स्टॉक को अस्वीकृत करने का अधिकार किसी के पास नहीं रह जाता है। जबकि यह पहली बार हो रहा है। वहीं, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जब केंद्र पर 11 व 26 अप्रैल को समस्त स्टाॅक शून्य हो गया था और सभी स्टाॅक मिलों ने स्वीकार भी कर ली तो अचानक 2 मई को 25 एमटी धान बकाया कैसे दिखने लगा। स्टाॅक स्वीकृत होने के बाद अस्वीकृत नहीं किया जा सकता। यह प्रकरण गंभीर साइबर क्राइम की श्रेणी में दिखाई पड़ रहा है। इससे जिले में अस्वीकृत करने की एक नई परंपरा का जन्म होगा और जनपद का अन्य कोई भी केंद्र प्रभारी प्रभावित हो सकता है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसमें लिप्त दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।