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Basti News: पांच अफसरों का डीएम ने रोका वेतन
Wed, 08 May 2024 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 08 May 2024 01:25 AM IST
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फोटो जिले भर में महज चार हजार मीट्रिक टन गेहूं की हुई हैं खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गेहूं खरीद की प्रगति धीमी मिलने पर डीएम अंद्रा वामसी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने विभिन्न क्रय एजेंसियों के पांच अधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं।
चेतावनी दी कि गेहूं खरीद में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सचिव के विरुद्ध केस भी दर्ज कराया जाएगा।समीक्षा के दौरान जनपद में महज चार प्रतिशत गेहूं की खरीद पाई गई। जबकि राज्य स्तर पर यह खरीद 11 प्रतिशत हैं। जिले का लक्ष्य 87000 मीट्रिक टन है और अभी तक मात्र 4000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।
डीएम ने इस शिथिलता पर सहायक निबंधक सहकारिता, डिप्टी आरएमओ, पीसीएफ, पीसीयू के जिला प्रबंधक तथा मंडी सचिव का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का निर्देश दिया है। कहा कि गेहूं खरीद में मार्केट दर तथा सरकारी दर में कोई विशेष अंतर नहीं है।
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बावजूद इसके सरकारी केंद्रों पर खरीद नहीं हो रही है। जबकि, गेहूं खरीद से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्वाचन कार्य से मुक्त रखा गया है। कहा कि प्रत्येक गेहूं क्रय केंद्र की जिला स्तरीय अधिकारियों से जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर क्रय केंद्र के सचिव के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
डीएम ने ने सभी किसानों से अपील किया हैं कि वे अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर लाकर ही बेचें। यदि कोई कठिनाई आती है, तो वह अपनी शिकायत संबंधित एसडीएम या कलक्ट्रेट में आकर उन्हें दे सकते हैं। कहा कि गेहूं खरीद में पीसीएफ के सचिवों की शिकायतें प्राप्त हो रही है। दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई अवश्य होगी। इस मौके पर सीडीओ जयदेव सीएस, एडीएम कमलेश चंद्र, एआरकाेआपरेटिव आशीष श्रीवास्तव, डिप्टी आरएमओ एके सिंह आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गेहूं खरीद की प्रगति धीमी मिलने पर डीएम अंद्रा वामसी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने विभिन्न क्रय एजेंसियों के पांच अधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं।
चेतावनी दी कि गेहूं खरीद में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सचिव के विरुद्ध केस भी दर्ज कराया जाएगा।समीक्षा के दौरान जनपद में महज चार प्रतिशत गेहूं की खरीद पाई गई। जबकि राज्य स्तर पर यह खरीद 11 प्रतिशत हैं। जिले का लक्ष्य 87000 मीट्रिक टन है और अभी तक मात्र 4000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।
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डीएम ने इस शिथिलता पर सहायक निबंधक सहकारिता, डिप्टी आरएमओ, पीसीएफ, पीसीयू के जिला प्रबंधक तथा मंडी सचिव का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का निर्देश दिया है। कहा कि गेहूं खरीद में मार्केट दर तथा सरकारी दर में कोई विशेष अंतर नहीं है।
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बावजूद इसके सरकारी केंद्रों पर खरीद नहीं हो रही है। जबकि, गेहूं खरीद से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्वाचन कार्य से मुक्त रखा गया है। कहा कि प्रत्येक गेहूं क्रय केंद्र की जिला स्तरीय अधिकारियों से जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर क्रय केंद्र के सचिव के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
डीएम ने ने सभी किसानों से अपील किया हैं कि वे अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर लाकर ही बेचें। यदि कोई कठिनाई आती है, तो वह अपनी शिकायत संबंधित एसडीएम या कलक्ट्रेट में आकर उन्हें दे सकते हैं। कहा कि गेहूं खरीद में पीसीएफ के सचिवों की शिकायतें प्राप्त हो रही है। दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई अवश्य होगी। इस मौके पर सीडीओ जयदेव सीएस, एडीएम कमलेश चंद्र, एआरकाेआपरेटिव आशीष श्रीवास्तव, डिप्टी आरएमओ एके सिंह आदि मौजूद रहे।

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