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नाचे श्रद्धालु, उड़ा अबीर-गुलाल
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 01 Nov 2016 10:56 PM IST
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देवी लक्ष्मी
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धनतेरस के दिन से शुरु हुआ लक्ष्मी पूजा का समापन मंगलवार को हो गया। देर रात तक भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ मां लक्ष्मी को विदाई दी। पुरानी बस्ती और कोतवाली क्षेत्र की प्रतिमाओं का कुआनो नदी के अमहट घाट विर्सजन किया गया। ग्रामीणों इलाकों में भी मां लक्ष्मी को भक्तों ने विदाई दी।
बस्ती शहर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र और कोतवाली में कुल मिलाकर सवा सौ लक्ष्मी प्रतिमाएं स्थापित की गई थी। इनको मंगलवार के दिन विधि विधान से विदाई दी गई। शाम को ट्रैक्टर ट्राली और अन्य चार पहिया वाहनों पर मां लक्ष्मी, गणपति और सरस्वती की प्रतिमा को रखकर फूल मालाओं से सजाया गया। इतना ही नहीं वाहनों पर लाइटों का इंतजाम भी किया गया। म्यूजिक की धुन थिरकते युवाओं ने मां की प्रतिमा विसर्जन के दौरान जमकर अबीर गुलाल उड़ाए। भक्ति गीतों और मां के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। हर कोई देवी गीतों पर थिरकता हुआ नजर आया। विर्सजन के दौरान पुलिस की व्यवस्था काफी चौकस रही। सीओ सिटी, शहर कोतवाल की अगुवाई में पुलिस फोर्स की सुरक्षा में प्रतिमाओं का विसर्जन अमहट घाट पर हुआ।
पुरानी बस्ती से लेकर अमहट घाट तक पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन कुआनो के शिवाघाट पर किया गया। बहादुरपुर प्रतिनिधि के अनुसार नगर थाना क्षेत्र में स्थापित 95 प्रतिमाओं में से तकरीबन 50 प्रतिमाओं का विसर्जन मनोरमा नदी में किया गया। हर्रैया प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे और आसपास की प्रतिमाओं को विसर्जन मनोरमा के पुराने पुल पर किया गया। वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र स्थापित मां लक्ष्मी प्रतिमाओं का विसर्जन कुआनो नदी में किया गया। एसओ ने बताया कि क्षेत्र में 38 प्रतिमाओं से कुछ को मूड़घाट तो कुछ को बक्सई घाट पर विसर्जित किया गया।
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वहीं जिले के कई क्षेत्रों में प्रतिमा विसर्जन मंगलवार को नहीं हुआ। इन स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को होगा। जिन स्थानों पर मंगलवार को विसर्जन नहीं हुआ उनमें परशुरामपुर, दुबौलिया, रुधौली, छावनी, वाल्टरगंज आदि क्षेत्र में स्थापित कुछ प्रतिमाओं शामिल हैं। इनका विसर्जन बुधवार को किया जाएगा।
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बस्ती शहर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र और कोतवाली में कुल मिलाकर सवा सौ लक्ष्मी प्रतिमाएं स्थापित की गई थी। इनको मंगलवार के दिन विधि विधान से विदाई दी गई। शाम को ट्रैक्टर ट्राली और अन्य चार पहिया वाहनों पर मां लक्ष्मी, गणपति और सरस्वती की प्रतिमा को रखकर फूल मालाओं से सजाया गया। इतना ही नहीं वाहनों पर लाइटों का इंतजाम भी किया गया। म्यूजिक की धुन थिरकते युवाओं ने मां की प्रतिमा विसर्जन के दौरान जमकर अबीर गुलाल उड़ाए। भक्ति गीतों और मां के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। हर कोई देवी गीतों पर थिरकता हुआ नजर आया। विर्सजन के दौरान पुलिस की व्यवस्था काफी चौकस रही। सीओ सिटी, शहर कोतवाल की अगुवाई में पुलिस फोर्स की सुरक्षा में प्रतिमाओं का विसर्जन अमहट घाट पर हुआ।
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पुरानी बस्ती से लेकर अमहट घाट तक पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन कुआनो के शिवाघाट पर किया गया। बहादुरपुर प्रतिनिधि के अनुसार नगर थाना क्षेत्र में स्थापित 95 प्रतिमाओं में से तकरीबन 50 प्रतिमाओं का विसर्जन मनोरमा नदी में किया गया। हर्रैया प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे और आसपास की प्रतिमाओं को विसर्जन मनोरमा के पुराने पुल पर किया गया। वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र स्थापित मां लक्ष्मी प्रतिमाओं का विसर्जन कुआनो नदी में किया गया। एसओ ने बताया कि क्षेत्र में 38 प्रतिमाओं से कुछ को मूड़घाट तो कुछ को बक्सई घाट पर विसर्जित किया गया।
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वहीं जिले के कई क्षेत्रों में प्रतिमा विसर्जन मंगलवार को नहीं हुआ। इन स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को होगा। जिन स्थानों पर मंगलवार को विसर्जन नहीं हुआ उनमें परशुरामपुर, दुबौलिया, रुधौली, छावनी, वाल्टरगंज आदि क्षेत्र में स्थापित कुछ प्रतिमाओं शामिल हैं। इनका विसर्जन बुधवार को किया जाएगा।