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हिरन पर कुत्तों का हमला
basti
Updated Sun, 06 May 2018 11:39 PM IST
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इलाज
- फोटो : amar ujala
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परशुरामपुर।
तालाब सूखे हैं, खेत, खलिहान खाली हैं। बढ़ती गर्मी में पशु, पक्षी भी पानी की तलाश में आबादी की तरफ भाग रहे हैं। रविवार को हिरन का झुंड आबादी की ओर पहुंचा तभी कुत्तों ने एक पर हमला कर दिया। जब तक लोग बचाने पहुंचते तब तक घायल कर दिया था।
परशुरामपुर थाना क्षेत्र के अगया गांव के पास पूर्वाह्न करीब 11 बजे हिरन का झुंड पहुंचा। इसमें से नर हिरन पर करीब 12-14 कुत्ते हमलावर हो गए। जबकि इस बीच मादा हिरन अपने तीन बच्चों के साथ पास के बाग में जा छिपी। कुछ ही दूरी पर चाय की दुकान पर बैठे अनिल कुमार मिश्र, कमला दीन यादव, श्रीराम, रामू ,निरंजन, तिलकराम, पवन कुमार आदि नजारा देखकर लाठी-डंडे लेकर हिरन के बचाव के लिए दौड़ पड़े। तब तक कुत्तों ने हिरन को घायल कर दिया था। अनिल मिश्र ने इसकी सूचना पशु चिकित्सक तथा वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे डॉ. लालमणि ने हिरन का उपचार किया। मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारी उसे अपने साथ ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि आज-कल काफी संख्या में हिरन बागों में देखे जा रहे हैं। पिछले वर्ष भी एक हिरन की मौत कुत्ते के काटने से हो गई थी। वन विभाग यदि सक्रिय हो जाए तो इन हिरनों को सही स्थान पर संरक्षित किया जा सकता है।
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तालाब सूखे हैं, खेत, खलिहान खाली हैं। बढ़ती गर्मी में पशु, पक्षी भी पानी की तलाश में आबादी की तरफ भाग रहे हैं। रविवार को हिरन का झुंड आबादी की ओर पहुंचा तभी कुत्तों ने एक पर हमला कर दिया। जब तक लोग बचाने पहुंचते तब तक घायल कर दिया था।
परशुरामपुर थाना क्षेत्र के अगया गांव के पास पूर्वाह्न करीब 11 बजे हिरन का झुंड पहुंचा। इसमें से नर हिरन पर करीब 12-14 कुत्ते हमलावर हो गए। जबकि इस बीच मादा हिरन अपने तीन बच्चों के साथ पास के बाग में जा छिपी। कुछ ही दूरी पर चाय की दुकान पर बैठे अनिल कुमार मिश्र, कमला दीन यादव, श्रीराम, रामू ,निरंजन, तिलकराम, पवन कुमार आदि नजारा देखकर लाठी-डंडे लेकर हिरन के बचाव के लिए दौड़ पड़े। तब तक कुत्तों ने हिरन को घायल कर दिया था। अनिल मिश्र ने इसकी सूचना पशु चिकित्सक तथा वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे डॉ. लालमणि ने हिरन का उपचार किया। मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारी उसे अपने साथ ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि आज-कल काफी संख्या में हिरन बागों में देखे जा रहे हैं। पिछले वर्ष भी एक हिरन की मौत कुत्ते के काटने से हो गई थी। वन विभाग यदि सक्रिय हो जाए तो इन हिरनों को सही स्थान पर संरक्षित किया जा सकता है।
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