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बैठक में अफसर की जगह लिपिक पहुंचा
basti
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:57 PM IST
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विकास भवन में निर्माण कार्यदाई संस्थाओं की बैठक हुई
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती विकास भवन सभागार में सोमवार को डीएम नरेंद्र सिंह पटेल की अध्यक्षता में निर्माण कार्यदाई संस्थाओं की बैठक हुई। इसमें निर्माण कार्य की धीमी प्रगति और कार्यों की खराब गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई। वहीं बैठक में बांट माप विभाग के अधिकारी की बजाय क्लर्क बैठा मिलने पर डीएम ने उसे बाहर भेज दिया।
इस दौरान डीएम ने कहा कि जिस विभाग का कार्य हो रहा है, उस विभाग के अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वह कार्य स्थल पर जाए और कार्यों की प्रगति व गुणवत्ता की जांच करें। करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को कार्यदाई संस्थाओं के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है।
उन्होंने कार्यदाई संस्थाओं और संबधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में पुनरीक्षित आगणन की मंजूरी नहीं दी जाएगी। बिना उनकी स्वीकृति के अगर किसी ने पुनरीक्षित आगणन भेजा तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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चूंकि सर्वाधिक कार्य समाज कल्याण निगम के पास है इसलिए इस संस्था के कार्यों की विशेष समीक्षा हुई। डीएम ने एक्सईएन को गुुणवत्ता परक और समय से कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया। वहीं विधिक माप बांट के अधिकारी के स्थान पर बैठक में लिपिक के मौजूद रहने पर नाराजगी जताई। लिपिक को बैठक से यह कहते हुए बाहर कर दिया कि अपने अधिकारी को बुलाकर लाओ।
पीडब्लूडी के दोनों एक्सईएन से कहा कि सड़क की गुणवत्ता क्या होनी चाहिए इसकी जानकारी आम जन को प्रचार प्रसार कराकर दिया जाए। कार्य स्थल पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए। डीएम ने सभी कार्यदाई और विभाग के अधिकारियों से कहा कि अगर किसी परियोजना पर धन का अभाव है तो उसे इसके लिए शासन और संबधित विभागों में खुद जाकर पैरवी करनी चाहिए। इस मौके सीडीओ सोबरन सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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इस दौरान डीएम ने कहा कि जिस विभाग का कार्य हो रहा है, उस विभाग के अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वह कार्य स्थल पर जाए और कार्यों की प्रगति व गुणवत्ता की जांच करें। करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को कार्यदाई संस्थाओं के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है।
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उन्होंने कार्यदाई संस्थाओं और संबधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में पुनरीक्षित आगणन की मंजूरी नहीं दी जाएगी। बिना उनकी स्वीकृति के अगर किसी ने पुनरीक्षित आगणन भेजा तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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चूंकि सर्वाधिक कार्य समाज कल्याण निगम के पास है इसलिए इस संस्था के कार्यों की विशेष समीक्षा हुई। डीएम ने एक्सईएन को गुुणवत्ता परक और समय से कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया। वहीं विधिक माप बांट के अधिकारी के स्थान पर बैठक में लिपिक के मौजूद रहने पर नाराजगी जताई। लिपिक को बैठक से यह कहते हुए बाहर कर दिया कि अपने अधिकारी को बुलाकर लाओ।
पीडब्लूडी के दोनों एक्सईएन से कहा कि सड़क की गुणवत्ता क्या होनी चाहिए इसकी जानकारी आम जन को प्रचार प्रसार कराकर दिया जाए। कार्य स्थल पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए। डीएम ने सभी कार्यदाई और विभाग के अधिकारियों से कहा कि अगर किसी परियोजना पर धन का अभाव है तो उसे इसके लिए शासन और संबधित विभागों में खुद जाकर पैरवी करनी चाहिए। इस मौके सीडीओ सोबरन सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।