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Basti News: आशा कार्यकर्ताओं और डॉक्टरों में नोकझोंक... डॉक्टरों ने कर दी हड़ताल
Sat, 27 Jul 2024 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 27 Jul 2024 11:40 PM IST
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कप्तानगंज सीएचसी में जांच करने पहुंचे सीएमओ।
- सूचना के बाद कप्तानगंज सीएचसी पर पहुंचे सीएमओ, समझा बुझाकर स्टॉफ एवं डॉक्टरों को कराया शांत
अस्पताल में अक्सर मनमानी से पेश आने वाली आशा कार्यकर्ता की गई चिह्नित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/ महराजगंज। कप्तानगंज सीएचसी में शनिवार को बवाल हो गया। कुछ आशा कार्यकर्ताओं से स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों की तीखी नोकझोंक हुई। मामला इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। सूचना के बाद आनन-फानन सीएमओ डॉ. आरएस दुबे भी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक मान- मनव्वल के बाद उन्होंने डॉक्टरों को शांत कराया।
दोपहर करीब 12 बजे कप्तानगंज सीएचसी पर ओपीडी में डॉ. अनूप कुमार मरीजों को देख रहे थे। खबर है कि एक मरीज की जांच सीएचसी के बाहर एक निजी पैथोलॉजी से कराने की सलाह दी गई। तभी वहां पर मौजूद एक आशा कार्यकर्ता ने दूसरे पैथाेलॉजी से जांच कराने के लिए कहा। इसी के बाद चिकित्सक और आशा में कहासुनी हाेने लगी। तब तक कुछ अन्य आशा कार्यकर्ता भी अपने साथी कर्मचारी के समर्थन मेें उतर आईं।
इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं, कर्मचारियों और चिकित्सक के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। इससे नाराज डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। यह खबर मुख्यालय पर पहुंचते ही कुछ देर के बाद सीएमओ डॉ. आरएस दुबे भी पहुंचे। नाराज डॉक्टरों ने चार-पांच आशा कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया कि वे मनमाने ढंग से मरीजों को बाहर ले जाती हैं। बाहर से जांच लिखने के दबाव बनाया जाता है।
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सीएचसी प्रभारी समेत सभी डॉक्टरों ने सीएचसी पर हर समय मौजूद रहने वाली आशा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की। वहीं आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कमीशन के चक्कर में सीएचसी पर आए मरीजों का अल्ट्रासाउंड जांच, एक्स-रे, खून जांच आदि बाहर के पैथाेलॉजी से कराया जा रहा है। दोेनों पक्षों को सुनने के बाद सीएमओ ने जांच कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। तब जाकर डॉक्टर काम पर लौटे।
...
कोट
प्रथम दृष्टया कुछ आशा कार्यकर्ताओं की ओर से चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। मरीजों को बाहर सेंटर और अस्पतालों में ले जाने का प्रयास किया जाता है। इनकी सेवा समाप्त करने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ
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अस्पताल में अक्सर मनमानी से पेश आने वाली आशा कार्यकर्ता की गई चिह्नित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/ महराजगंज। कप्तानगंज सीएचसी में शनिवार को बवाल हो गया। कुछ आशा कार्यकर्ताओं से स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों की तीखी नोकझोंक हुई। मामला इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। सूचना के बाद आनन-फानन सीएमओ डॉ. आरएस दुबे भी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक मान- मनव्वल के बाद उन्होंने डॉक्टरों को शांत कराया।
दोपहर करीब 12 बजे कप्तानगंज सीएचसी पर ओपीडी में डॉ. अनूप कुमार मरीजों को देख रहे थे। खबर है कि एक मरीज की जांच सीएचसी के बाहर एक निजी पैथोलॉजी से कराने की सलाह दी गई। तभी वहां पर मौजूद एक आशा कार्यकर्ता ने दूसरे पैथाेलॉजी से जांच कराने के लिए कहा। इसी के बाद चिकित्सक और आशा में कहासुनी हाेने लगी। तब तक कुछ अन्य आशा कार्यकर्ता भी अपने साथी कर्मचारी के समर्थन मेें उतर आईं।
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इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं, कर्मचारियों और चिकित्सक के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। इससे नाराज डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। यह खबर मुख्यालय पर पहुंचते ही कुछ देर के बाद सीएमओ डॉ. आरएस दुबे भी पहुंचे। नाराज डॉक्टरों ने चार-पांच आशा कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया कि वे मनमाने ढंग से मरीजों को बाहर ले जाती हैं। बाहर से जांच लिखने के दबाव बनाया जाता है।
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सीएचसी प्रभारी समेत सभी डॉक्टरों ने सीएचसी पर हर समय मौजूद रहने वाली आशा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की। वहीं आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कमीशन के चक्कर में सीएचसी पर आए मरीजों का अल्ट्रासाउंड जांच, एक्स-रे, खून जांच आदि बाहर के पैथाेलॉजी से कराया जा रहा है। दोेनों पक्षों को सुनने के बाद सीएमओ ने जांच कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। तब जाकर डॉक्टर काम पर लौटे।
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कोट
प्रथम दृष्टया कुछ आशा कार्यकर्ताओं की ओर से चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। मरीजों को बाहर सेंटर और अस्पतालों में ले जाने का प्रयास किया जाता है। इनकी सेवा समाप्त करने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ