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Basti News: सरकारी महकमों में साथ लाएं पानी...वरना प्यासे रह जाएंगे
Wed, 08 May 2024 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 08 May 2024 01:15 AM IST
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भीषण गर्मी में भी विभाग में फरियादियों के लिए नहीं है पेयजल की व्यवस्था
जिला अस्पताल, रोडवेज, विद्युत निगम आदि जगहों पर बड़ी संख्या में आते हैं फरियादी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भीषण गर्मी में तरोताजा रहने के लिए पानी की जरुरत ज्यादा पड़ती है। उम्मीद करें कि आप चिलचिलाती धूप में सफर कर गंतव्य पर पहुंचे हों और वहां पीने का शुद्ध पानी न मिले तो कैसा लगेगा। ऐसे स्थिति होने पर आपका गुस्सा होना लाजमी है। जिले के सरकारी विभागों और सार्वजनिक स्थलों पर कुछ ऐसा हो रहा है। जहां लोगों को गर्मी में शुद्ध पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। ऐसे में यदि आप किसी कार्य के लिए सरकारी विभागों में जा रहे हैं तो अपने साथ पानी की बोतल लेकर जाएं वरना आपको को प्यासा ही रहना पड़ सकता है।
गर्मी में जिले की ज्यादातर नहर, तालाब, पोखरे सूख चुके हैं। सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। गर्मी में सरकारी महकमों में आने वाले फरियादी प्यास लगने पर पानी ढूंढते दिख जाएंगे। अंतत: उन्हें पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। जबकि विभागों में साहब और विभागीय कर्मियों के लिए पानी का जार अंदर रखा रहता है। चुनाव के चलते आजकल विभागों में कम संख्या में फरियादी पहुंच रहे हैं। लेकिन अस्पताल, रोडवेज डिपो, विद्युत निगम, कृषि भवन में बड़ी संख्या में लोग आते जाते हैं। इन जगहों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था को परखने के लिए मंगलवार को जायजा लिया गया।
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रोडवेज डिपो : बाहर सजी हैं दुकानें, अंदर पीने लायक नहीं है पानी
आजकल ट्रेनों के समय से न चलने के कारण रोडवेज डिपो में बड़ी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं। शिकायत मिल रही थी कि डिपो परिसर में स्थापित एक मात्र वाटर कूलर खराब पड़ा है। हमने यहां की स्थिति देखी तो पूछताछ काउंटर के पीछे स्थापित वाटर कूलर खराब मिला। इससे थोड़ी दूर लगीं टोटियां गर्म पानी उगल रही हैं। पानी को हाथ में लेकर देखने पर इसमें काले रंग के बारीक कण दिखे। इसके अलावा परिसर में पीने के लिए पानी का अन्य कोई इंतजाम नहीं दिखा।
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जिला अस्पताल : बस नाम की व्यवस्था, हैंडपंप ही सहारा
- जिला अस्पताल में रोजाना 600-700 मरीजों की ओपीडी होती। यहां शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तो है लेकिन यह बस नाम की है। अस्पताल में एक वाटर कूलर आयुष विभाग में लगा है और दूसरा सीएमओ कार्यालय के गेट पर लगाया गया है। इसके अलावा दो इंडिया मार्का हैंडपंप एक शिव मंदिर के सामने और दूसरा एआरटी सेंटर के सामने लगा है। तीमारदार विजय शंकर ने बताया कि दोनों हैंडपंप से निकलने वाला पानी साफ होता है लेकिन इसे थोड़ी देर रख देने पर पीला पड़ जा रहा है। वार्डों में शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है।
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विद्युत निगम : परिसर में पानी के लिए टोटी तक इंतजाम नहीं
- मालवीय मार्ग स्थित विद्युत निगम में प्रतिदिन 150-200 फरियादी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं। यहां मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता सहित चारों वितरण खंडों के अधिशासी अभियंता व उपखंड अधिकारी बैठते हैं। यहां अधीक्षण अभियंता परिसर में एक वाटर कूलर लगा है। जबकि परिसर के दूसरे छोर पर स्थापित अधिशासी अभियंता नगरीय, द्वितीय, तृतीय व हर्रैया का कार्यालय है। इसी परिसर में ही अधिशासी अभियंता मीटर भी बैठते हैं और बिल जमा काउंटर भी है। जहां दिनभर फरियादियों का आना जाना लगा रहता है। लेकिन यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं दिखती है।
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कृषि भवन : साहब के लिए वाटरकूलर, फरियादी ढूंढ रहे पानी
कृषि भवन में संयुक्त कृषि निदेशक, उप कृषि निदेशक, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी का कार्यालय है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी सम्मान निधि में अपनी त्रुटियां दुरुस्त कराने आते हैं। लेकिन भवन परिसर में पीने के लिए शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं दिखती है। भवन के अंदर दाखिल होते ही पानी का जार दिख जाता है, वहां मौजूद लोगों ने बताया कि यह पानी सिर्फ साहब के लिए आता है। कर्मियों के लिए अलग व्यवस्था है। लेकिन फरियादियों के लिए परिसर में पानी की कोई व्यवस्था नहीं दिखी।
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जिला अस्पताल, रोडवेज, विद्युत निगम आदि जगहों पर बड़ी संख्या में आते हैं फरियादी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भीषण गर्मी में तरोताजा रहने के लिए पानी की जरुरत ज्यादा पड़ती है। उम्मीद करें कि आप चिलचिलाती धूप में सफर कर गंतव्य पर पहुंचे हों और वहां पीने का शुद्ध पानी न मिले तो कैसा लगेगा। ऐसे स्थिति होने पर आपका गुस्सा होना लाजमी है। जिले के सरकारी विभागों और सार्वजनिक स्थलों पर कुछ ऐसा हो रहा है। जहां लोगों को गर्मी में शुद्ध पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। ऐसे में यदि आप किसी कार्य के लिए सरकारी विभागों में जा रहे हैं तो अपने साथ पानी की बोतल लेकर जाएं वरना आपको को प्यासा ही रहना पड़ सकता है।
गर्मी में जिले की ज्यादातर नहर, तालाब, पोखरे सूख चुके हैं। सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। गर्मी में सरकारी महकमों में आने वाले फरियादी प्यास लगने पर पानी ढूंढते दिख जाएंगे। अंतत: उन्हें पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। जबकि विभागों में साहब और विभागीय कर्मियों के लिए पानी का जार अंदर रखा रहता है। चुनाव के चलते आजकल विभागों में कम संख्या में फरियादी पहुंच रहे हैं। लेकिन अस्पताल, रोडवेज डिपो, विद्युत निगम, कृषि भवन में बड़ी संख्या में लोग आते जाते हैं। इन जगहों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था को परखने के लिए मंगलवार को जायजा लिया गया।
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रोडवेज डिपो : बाहर सजी हैं दुकानें, अंदर पीने लायक नहीं है पानी
आजकल ट्रेनों के समय से न चलने के कारण रोडवेज डिपो में बड़ी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं। शिकायत मिल रही थी कि डिपो परिसर में स्थापित एक मात्र वाटर कूलर खराब पड़ा है। हमने यहां की स्थिति देखी तो पूछताछ काउंटर के पीछे स्थापित वाटर कूलर खराब मिला। इससे थोड़ी दूर लगीं टोटियां गर्म पानी उगल रही हैं। पानी को हाथ में लेकर देखने पर इसमें काले रंग के बारीक कण दिखे। इसके अलावा परिसर में पीने के लिए पानी का अन्य कोई इंतजाम नहीं दिखा।
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जिला अस्पताल : बस नाम की व्यवस्था, हैंडपंप ही सहारा
- जिला अस्पताल में रोजाना 600-700 मरीजों की ओपीडी होती। यहां शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तो है लेकिन यह बस नाम की है। अस्पताल में एक वाटर कूलर आयुष विभाग में लगा है और दूसरा सीएमओ कार्यालय के गेट पर लगाया गया है। इसके अलावा दो इंडिया मार्का हैंडपंप एक शिव मंदिर के सामने और दूसरा एआरटी सेंटर के सामने लगा है। तीमारदार विजय शंकर ने बताया कि दोनों हैंडपंप से निकलने वाला पानी साफ होता है लेकिन इसे थोड़ी देर रख देने पर पीला पड़ जा रहा है। वार्डों में शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है।
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विद्युत निगम : परिसर में पानी के लिए टोटी तक इंतजाम नहीं
- मालवीय मार्ग स्थित विद्युत निगम में प्रतिदिन 150-200 फरियादी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं। यहां मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता सहित चारों वितरण खंडों के अधिशासी अभियंता व उपखंड अधिकारी बैठते हैं। यहां अधीक्षण अभियंता परिसर में एक वाटर कूलर लगा है। जबकि परिसर के दूसरे छोर पर स्थापित अधिशासी अभियंता नगरीय, द्वितीय, तृतीय व हर्रैया का कार्यालय है। इसी परिसर में ही अधिशासी अभियंता मीटर भी बैठते हैं और बिल जमा काउंटर भी है। जहां दिनभर फरियादियों का आना जाना लगा रहता है। लेकिन यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं दिखती है।
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कृषि भवन : साहब के लिए वाटरकूलर, फरियादी ढूंढ रहे पानी
कृषि भवन में संयुक्त कृषि निदेशक, उप कृषि निदेशक, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी का कार्यालय है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी सम्मान निधि में अपनी त्रुटियां दुरुस्त कराने आते हैं। लेकिन भवन परिसर में पीने के लिए शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं दिखती है। भवन के अंदर दाखिल होते ही पानी का जार दिख जाता है, वहां मौजूद लोगों ने बताया कि यह पानी सिर्फ साहब के लिए आता है। कर्मियों के लिए अलग व्यवस्था है। लेकिन फरियादियों के लिए परिसर में पानी की कोई व्यवस्था नहीं दिखी।