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Basti News: जीडी में गुडवर्क दर्ज कर की बोहनी

Tue, 02 Jan 2024 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 02 Jan 2024 12:20 AM IST
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Bohani by registering good work in GD
बस्ती। थानों में गुडवर्क की बोहनी करके साल की शुरुआत करने का टोटका इस बार भी दोहराया गया। जिले के सभी थानों की रोजनामचा (जीडी) में अपराध क्रमांक एक पर गुडवर्क दर्ज किया गया। कलवारी, हर्रैया, रुधौली सहित ज्यादातर थानों में आबकारी एक्ट के केस दर्ज करके खाता खोला गया। प्रत्येक वर्ष पहली तारीख को निभाई जाने वाली इस परंपरा के बारे में कई लोग चुटकी लेते भी सुने गए। उनका तर्क था कि वैज्ञानिक, तकनीकी तथ्यों, साक्ष्यों और गवाहों के बयान को आधार बनाकर चलने वाली पुलिस आज भी इन टोटकों की गिरफ्त से आजाद नहीं हो सकी।
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आज भी कायम हैं ऐसे टोटके
- थाने से इलाके में जाने के लिए रवानगी और वापसी में आमद दर्ज करने में आड-ईवेन (सम क्रमांक-विषम क्रमांक) का टोटका वर्षों से आजमाए जा रहे हैं। थाने की जनरल डायरी (जीडी) में सम संख्या वाले क्रमांक में आमद और विषम संख्या वाले क्रमांक पर रवानगी करने से बचते हैं। इस क्रम संख्या पर पुलिसकर्मी ड्यूटी पर पहुंचता है तो वह क्रम बदलने तक इंतजार करता है। क्रम संख्या आठ, 18, 28 जैसे सम क्रम संख्या पर आमद नहीं करते। तीन, 13 और 23 जैसी विषम क्रम संख्या होने पर रवानगी दर्ज कराने से बचते हैं। जीडी (जनरल डायरी) में तस्करा लिखने के लिए काले रंग की स्याही इस्तेमाल भी नहीं होता है। अफसर और मातहत कारण पूछने पर हंसकर टाल देते हैं। दबी जुबां बस यही कहा जाता है कि सुरक्षित नौकरी और क्राइम कंट्रोल के लिए ऐसे पैंतरे आजमाने में क्या हर्ज। पुलिस की ओर से वर्षों से जीडी लिखने में काली स्याही वाला पेन इस्तेमाल न करने का दस्तूर आज भी कायम है।
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दंग कर देंगे टोटके

- यदि थाने के मुंशी का रूल गिर जाए तो थाने में किसी की मौत की रिपोर्ट आती है। थाने के लॉकअप (हवालात) में यदि कोई आरोपी न हो तो उसे खुला रखा जाता है। इससे यह दर्शित होता है कि थाने में कोई आरोपी नहीं है। थाने के चौखट में यदि कोई खड़ा हो जाए तो उसे तत्काल यह कहकर हटा दिया जाता है कि या तो अंदर आ जाओ या बाहर। ज्यादा देर किसी के चौखट पर खड़े रहने से गंभीर अपराध होने की आशंका या थाने के लिए अच्छा न होने की बात कही जाती है।
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जीडी की उतारी जाती है आरती
- थाने के (मुंशी) 31 दिसंबर रात 12 बजे जीडी की आरती भी करते हैं और अपने आराध्य से प्रार्थना करते हैं कि थाने को हत्या, लूट, डकैती जैसे संगीन अपराधों से दूर रखे। यही कारण है कि थानों में पहला मुकदमा या तो एनडीपीएस का होता है या एक्साइज एक्ट का। जिसमें आरोपियों को पकड़ा जाता है यानी गुडवर्क दिखाया जाता है। कोई अपराध हुआ तो पुलिस गुडवर्क का इंतजार करती है कई बार तो ऐसा भी होता है कि यदि 12 बजे के बाद कोई अपराध हुआ तो पुलिस गुडवर्क का इंतजार ही करती है।
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