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Basti News: नई धाराओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अध्ययन जरूरी
Fri, 22 Mar 2024 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 22 Mar 2024 01:28 AM IST
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कार्यक्रम का शुभारंभ करते आईजी आरके भारद्वाज। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। एक जुलाई 2024 से लागू होने वाले नए कानून के क्रियान्वयन के लिए बृहस्पतिवार को अभियोजन निदेशालय लखनऊ की ओर से पुलिस लाइंस सभागार में सेमिनार आयोजित किया गया। आईजी आरके भारद्वाज ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने नए कानून लागू करने के लिए नए सिरे से अध्ययन पर जोर दिया। कहा कि नवीन धाराओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए उनका अध्ययन जरूरी है। एक जुलाई 2024 से नए कानून लागू होने वाले हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में जो परिवर्तन आने वाले हैं, उसके लिए अभी से तैयारी कर ली जाए। इससे कानूनोें के क्रियान्वयन में प्रभावशाली उपयोगिता सिद्ध हो सकें।
एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने कहा कि बेहतर पुलिस सेवा के लिए नियम कानूनों की जानकारी होना अति आवश्यक है। एक जुलाई 2024 से कानून में होने वाले परिवर्तन की विस्तृत जानकारी होनी आवश्यक है, ताकि पुलिसकर्मी और बेहतर ढंग से पीड़ित को न्याय दिला सकते हैं।
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अपर निदेशक अभियोजन राम अचरज चतुर्वेदी, प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन बस्ती अशोक कुमार त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक अभियोजन सिद्धार्थनगर आरके मिश्र, संतकबीर नगर के दयानंद पटेल ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य नए कानूनों के प्रति जागरूकता लानी है। सेमिनार में शासकीय अधिवक्ता, सहायक शासकीय अधिवक्ता, थानों के विवेचनाधिकारी, पर्यवेक्षण अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
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बस्ती। एक जुलाई 2024 से लागू होने वाले नए कानून के क्रियान्वयन के लिए बृहस्पतिवार को अभियोजन निदेशालय लखनऊ की ओर से पुलिस लाइंस सभागार में सेमिनार आयोजित किया गया। आईजी आरके भारद्वाज ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने नए कानून लागू करने के लिए नए सिरे से अध्ययन पर जोर दिया। कहा कि नवीन धाराओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए उनका अध्ययन जरूरी है। एक जुलाई 2024 से नए कानून लागू होने वाले हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में जो परिवर्तन आने वाले हैं, उसके लिए अभी से तैयारी कर ली जाए। इससे कानूनोें के क्रियान्वयन में प्रभावशाली उपयोगिता सिद्ध हो सकें।
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एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने कहा कि बेहतर पुलिस सेवा के लिए नियम कानूनों की जानकारी होना अति आवश्यक है। एक जुलाई 2024 से कानून में होने वाले परिवर्तन की विस्तृत जानकारी होनी आवश्यक है, ताकि पुलिसकर्मी और बेहतर ढंग से पीड़ित को न्याय दिला सकते हैं।
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अपर निदेशक अभियोजन राम अचरज चतुर्वेदी, प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन बस्ती अशोक कुमार त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक अभियोजन सिद्धार्थनगर आरके मिश्र, संतकबीर नगर के दयानंद पटेल ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य नए कानूनों के प्रति जागरूकता लानी है। सेमिनार में शासकीय अधिवक्ता, सहायक शासकीय अधिवक्ता, थानों के विवेचनाधिकारी, पर्यवेक्षण अधिकारियों ने हिस्सा लिया।