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‘देवदूत’ बन भीमसेन ने अधेड़ को बचाया
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:12 PM IST
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कलवारी क्षेत्र के भीम सेन ऊर्फ सोनू ने घाघरा नदी मे डूबते व्यक्ति को बचाया।
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घाघरा नदी में कूदकर जान देने पहुंचे अधेड़ के लिए ‘वीर बालक’ सोनू देवदूत साबित हुआ। टांडा पुल से मंगलवार को दोपहर एक बजे घाघरा नदी में छलांग लगा दी। राहगीरों के शोर मचाने पर भीमसेन उर्फ सोनू पहुंच गया और उसने खुद की जान जोखिम में डालकर बचा लिया।
मंगलवार को दोपहर टांडा पुल पर 50 वर्षीय एक व्यक्ति आया और नदी की तरफ देखने लगा । आसपास के लोगों को शक हुआ। लेकिन राहगीर अभी कुछ समझ पाते कि वह नदी में कूद पड़ा। इसके बाद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। तभी कहीं से भीमसेन उर्फ सोनू वहां आ गया और एक डोंगी नाव लेकर पानी में उतर गया। तेजी से नाव लेकर धारा में पहुंचने के बाद सोनू ने डूबते व्यक्ति को पकड़कर नाव में चढ़ा लिया। इसी बीच माझा खुर्द चौकी के प्रभारी खदेरू प्रसाद भी आ गये। अधेड़ की पहचान दुबौलिया थाना क्षेत्र के सबई-धीसा निवासी यदुनाथ यादव के रूप में की गई।
सोनू पिछले वर्ष डूबती नाव से कई लोगों की जान बचाने के कारण चर्चा में आया था। सोनू ने एक फिर साबित कर दिखाया कि उसे राष्ट्रपति के हाथों वीरता पुरस्कार यूं ही नहीं दिया गया था।
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मंगलवार को दोपहर टांडा पुल पर 50 वर्षीय एक व्यक्ति आया और नदी की तरफ देखने लगा । आसपास के लोगों को शक हुआ। लेकिन राहगीर अभी कुछ समझ पाते कि वह नदी में कूद पड़ा। इसके बाद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। तभी कहीं से भीमसेन उर्फ सोनू वहां आ गया और एक डोंगी नाव लेकर पानी में उतर गया। तेजी से नाव लेकर धारा में पहुंचने के बाद सोनू ने डूबते व्यक्ति को पकड़कर नाव में चढ़ा लिया। इसी बीच माझा खुर्द चौकी के प्रभारी खदेरू प्रसाद भी आ गये। अधेड़ की पहचान दुबौलिया थाना क्षेत्र के सबई-धीसा निवासी यदुनाथ यादव के रूप में की गई।
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सोनू पिछले वर्ष डूबती नाव से कई लोगों की जान बचाने के कारण चर्चा में आया था। सोनू ने एक फिर साबित कर दिखाया कि उसे राष्ट्रपति के हाथों वीरता पुरस्कार यूं ही नहीं दिया गया था।
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