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छह सूत्री मांगों के समर्थन में एंबुलेंस कर्मियों ने किया चक्का जाम
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एंबुलेंस कर्मियों ने किया चक्काजाम
जीआईसी ग्राउंड में एंबुलेंस खड़ी कर कर्मियों ने दिया धरना
कर्मियों को समायोजित करने की मांग पर अड़े आंदोलनकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जीवनदायिनी एंबुलेंस संगठन के बैनर तले व एंबुलेंस संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पांडेय व जिला महामंत्री आरबी साहू के नेतृत्व में कर्मियों ने मांगों के समर्थन में चक्का जाम किया। एंबुलेंस कर्मियों ने जिला अस्पताल में अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी और वहीं धरना देने लगे। बाद में एंबुलेंस को जीआईसी ग्राउंड में खड़ा कर दिया गया। संघ के जिला महामंत्री आरबी साहू ने बताया कि प्रदेश में जीवनदायिनी एंबुलेंस संघ के समस्याओं का जब तक कोई निराकरण नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
साहू ने बताया कि सरकार से संगठन की मांग है कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस कर्मियों को समायोजित किया जाए, कंपनी बदलने के बाद कर्मियों को न बदला जाए, अनुभवी कर्मियों को ही रखा जाए। कोरोना योद्धा कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त किया जाए, शहीद एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को 50 लाख का बीमा सरकार जारी करे। इस मौके पर जिला कोषाध्यक्ष महेंद्र दुबे, उप कोषाध्यक्ष रमेश यादव, जिला महासचिव वीरेंद्र यादव, जिला संगठन मंत्री राममणि ओझा, जिला उपाध्यक्ष राजकिशोर पांडेय, उप मीडिया प्रभारी अनूप पांडेय, जिला प्रवक्ता महेंद्र कुमार, जिला सलाहकार शंभूनाथ, रमेश यादव, रविप्रताप पाठक, अभय पाठक, अंकित पांडेय, श्यामसुंदर, परमात्मा प्रसाद, कुशल यादव, श्रीनिवास मिश्रा आदि मौजूद रहे।
जिला महामंत्री आरबी साहू ने कहा कि एंबुलेंस कर्मियों से सरकार व शासन को कोई सहानुभूति नहीं है। क्योंकि कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मी अपनी जान पर खेलकर कोरोना पॉजिटिव व शवों को पहुंचाता था। आपदा काल में जब सब दहशत में थे तो उस समय एंबुलेंस कर्मी बिना जान की परवाह किए अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। ऐसे में सरकार को अब उनके संबंध में गंभीर निर्णय लेना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है तो कर्मी अब आरपार का संघर्ष करेंगे।
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जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पांडेय ने कहा कि यह चक्का जाम मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा। कहा कि एंबुलेंस कर्मी तीन दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, मगर यहां कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया है। अब जब एंबुलेंस कर्मियों की स्थिति को जानने की जरूरत कोई अधिकारी नहीं समझता तो फिर अब मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मरीज रहे परेशान
एंबुलेंस चालकों के चक्का जाम से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। 108 पर फोन करने के बाद भी कइयों को मदद नहीं मिली। ऐसे में उन्हें निजी वाहनों या फिर निजी एंबुलेंस से अस्पताल जाना पड़ा।
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जीआईसी ग्राउंड में एंबुलेंस खड़ी कर कर्मियों ने दिया धरना
कर्मियों को समायोजित करने की मांग पर अड़े आंदोलनकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जीवनदायिनी एंबुलेंस संगठन के बैनर तले व एंबुलेंस संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पांडेय व जिला महामंत्री आरबी साहू के नेतृत्व में कर्मियों ने मांगों के समर्थन में चक्का जाम किया। एंबुलेंस कर्मियों ने जिला अस्पताल में अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी और वहीं धरना देने लगे। बाद में एंबुलेंस को जीआईसी ग्राउंड में खड़ा कर दिया गया। संघ के जिला महामंत्री आरबी साहू ने बताया कि प्रदेश में जीवनदायिनी एंबुलेंस संघ के समस्याओं का जब तक कोई निराकरण नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
साहू ने बताया कि सरकार से संगठन की मांग है कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस कर्मियों को समायोजित किया जाए, कंपनी बदलने के बाद कर्मियों को न बदला जाए, अनुभवी कर्मियों को ही रखा जाए। कोरोना योद्धा कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त किया जाए, शहीद एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को 50 लाख का बीमा सरकार जारी करे। इस मौके पर जिला कोषाध्यक्ष महेंद्र दुबे, उप कोषाध्यक्ष रमेश यादव, जिला महासचिव वीरेंद्र यादव, जिला संगठन मंत्री राममणि ओझा, जिला उपाध्यक्ष राजकिशोर पांडेय, उप मीडिया प्रभारी अनूप पांडेय, जिला प्रवक्ता महेंद्र कुमार, जिला सलाहकार शंभूनाथ, रमेश यादव, रविप्रताप पाठक, अभय पाठक, अंकित पांडेय, श्यामसुंदर, परमात्मा प्रसाद, कुशल यादव, श्रीनिवास मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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जिला महामंत्री आरबी साहू ने कहा कि एंबुलेंस कर्मियों से सरकार व शासन को कोई सहानुभूति नहीं है। क्योंकि कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मी अपनी जान पर खेलकर कोरोना पॉजिटिव व शवों को पहुंचाता था। आपदा काल में जब सब दहशत में थे तो उस समय एंबुलेंस कर्मी बिना जान की परवाह किए अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। ऐसे में सरकार को अब उनके संबंध में गंभीर निर्णय लेना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है तो कर्मी अब आरपार का संघर्ष करेंगे।
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जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पांडेय ने कहा कि यह चक्का जाम मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा। कहा कि एंबुलेंस कर्मी तीन दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, मगर यहां कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया है। अब जब एंबुलेंस कर्मियों की स्थिति को जानने की जरूरत कोई अधिकारी नहीं समझता तो फिर अब मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मरीज रहे परेशान
एंबुलेंस चालकों के चक्का जाम से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। 108 पर फोन करने के बाद भी कइयों को मदद नहीं मिली। ऐसे में उन्हें निजी वाहनों या फिर निजी एंबुलेंस से अस्पताल जाना पड़ा।