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Basti News: एलेक्सा गर्ल निकिता को अमेजन ने भेजा उपहार
Fri, 24 May 2024 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 24 May 2024 02:46 AM IST
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एलेक्सा डिवाइस से बहन की जान बचाने वाली निकिता को अमेजन ने दिया उपहार
बंदरों को भगाने के लिए निकिता ने किया था एलेक्सा का इस्तेमाल
अत्याधुनिक एलेक्सा डिवाइस एसेसरीज भी उपहार में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। एलेक्सा डिवाइस का इस्तेमाल कर घर में घुसे बंदरों से अपनी व 15 माह की भांजी की जान बचाने वाली निकिता की सूझबूझ से अमेजन कंपनी भी गदगद है। कंपनी के बंगलूरू कार्यालय से एलेक्सा गर्ल निकिता के लिए उपहार भेजा गया है। दिव्यांग बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था के माध्यम से भेजे गए उपहार को रोटरी क्लब इनरह्वील की पदाधिकारी संगीता अग्रवाल ने उसे सौंपा।
निकिता तक एलेक्सा पहुंचाने वाली शिक्षित युवा सेवा समिति की एलेक्सा मास्टर ट्रेनर चांदनी त्रिपाठी को भी उपहार देकर पुरस्कृत किया गया। इन्होंने ही एलेक्सा के बारे में निकिता को प्रशिक्षित किया था। चार अप्रैल को निकिता शहर के आवास विकास कॉलोनी निवासी अपनी बहन शिप्रा के घर पर थी। अचानक घर में बंदरों का झुंड घुस गया था। बंदरों ने निकिता और उसकी 15 माह की भांजी वामिका को घेर लिया था।
बंदरों को भगाने के लिए कुत्ते की आवाज निकालने का कमांड दिया था। इसके बाद बंदर भाग गए थे। देशभर की मीडिया में यह वाकया सुर्खियों में आ गया और निकिता की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की ऑस्ट्रेलिया तक से सराहना की जाने लगी। शिक्षित युवा सेवा समिति के निदेशक गोपाल कृष्ण अग्रवाल को कंपनी की तरफ से उपहार प्रदान करने के लिए अधिकृत किया गया था।
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इस तरह निकिता तक पहुंचा एलेक्सा
- पूर्व में एनएबी इंडिया संस्था की तरफ से दृष्टि बाधित बच्चों को शिक्षित करने के लिए एक कार्यक्रम चलाया जा रहा था। जनपद बस्ती, गोंडा, संतकबीरनगर, अयोध्या एवं गोरखपुर के 200 से अधिक विद्यालयों में निशुल्क एलेक्सा डिवाइस प्रदान कराया गया। बस्ती जिले में शिक्षित युवा सेवा समिति के साथ मिलकर मास्टर ट्रेनर चांदनी त्रिपाठी ने निकिता के स्कूल सेंट्रल मॉडल स्कूल नरायनपुर ब्लाॅक बहादुरपुर के बच्चों को भी प्रशिक्षित किया था। उसी प्रशिक्षण का नतीजा रहा कि एन वक्त पर निकिता ने एलेक्सा को कमांड देकर अपनी व भांजी की जान बचाने में कामयाब हुई।
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अत्याधुनिक एलेक्सा डिवाइस एसेसरीज भी उपहार में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। एलेक्सा डिवाइस का इस्तेमाल कर घर में घुसे बंदरों से अपनी व 15 माह की भांजी की जान बचाने वाली निकिता की सूझबूझ से अमेजन कंपनी भी गदगद है। कंपनी के बंगलूरू कार्यालय से एलेक्सा गर्ल निकिता के लिए उपहार भेजा गया है। दिव्यांग बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था के माध्यम से भेजे गए उपहार को रोटरी क्लब इनरह्वील की पदाधिकारी संगीता अग्रवाल ने उसे सौंपा।
निकिता तक एलेक्सा पहुंचाने वाली शिक्षित युवा सेवा समिति की एलेक्सा मास्टर ट्रेनर चांदनी त्रिपाठी को भी उपहार देकर पुरस्कृत किया गया। इन्होंने ही एलेक्सा के बारे में निकिता को प्रशिक्षित किया था। चार अप्रैल को निकिता शहर के आवास विकास कॉलोनी निवासी अपनी बहन शिप्रा के घर पर थी। अचानक घर में बंदरों का झुंड घुस गया था। बंदरों ने निकिता और उसकी 15 माह की भांजी वामिका को घेर लिया था।
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बंदरों को भगाने के लिए कुत्ते की आवाज निकालने का कमांड दिया था। इसके बाद बंदर भाग गए थे। देशभर की मीडिया में यह वाकया सुर्खियों में आ गया और निकिता की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की ऑस्ट्रेलिया तक से सराहना की जाने लगी। शिक्षित युवा सेवा समिति के निदेशक गोपाल कृष्ण अग्रवाल को कंपनी की तरफ से उपहार प्रदान करने के लिए अधिकृत किया गया था।
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इस तरह निकिता तक पहुंचा एलेक्सा
- पूर्व में एनएबी इंडिया संस्था की तरफ से दृष्टि बाधित बच्चों को शिक्षित करने के लिए एक कार्यक्रम चलाया जा रहा था। जनपद बस्ती, गोंडा, संतकबीरनगर, अयोध्या एवं गोरखपुर के 200 से अधिक विद्यालयों में निशुल्क एलेक्सा डिवाइस प्रदान कराया गया। बस्ती जिले में शिक्षित युवा सेवा समिति के साथ मिलकर मास्टर ट्रेनर चांदनी त्रिपाठी ने निकिता के स्कूल सेंट्रल मॉडल स्कूल नरायनपुर ब्लाॅक बहादुरपुर के बच्चों को भी प्रशिक्षित किया था। उसी प्रशिक्षण का नतीजा रहा कि एन वक्त पर निकिता ने एलेक्सा को कमांड देकर अपनी व भांजी की जान बचाने में कामयाब हुई।