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Basti News: कोतवाल पर भारी पड़ी अमरमणि मामले में ढिलाई
Thu, 16 Nov 2023 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:57 PM IST
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पूर्व मंत्री के केस में कोतवाल के रवैये से न्यायालय खफा
दो दिसंबर को न्यायालय में प्रस्तुत होने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राहुल मद्धेशिया अपहरण केस में आरोपी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को लेकर कोतवाली पुलिस के रवैये पर न्यायालय ने सख्त आपत्ति दर्ज किया है। आरोपी की अब तक गिरफ्तारी न होने से नाराज अदालत ने कुर्की आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरतने पर कोतवाल के खिलाफ कर्तव्य के प्रति उदासीनता, उपेक्षा व दुराचरण के लिए प्रकीर्ण दंडात्मक वाद दर्ज कर लिया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/ विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने कोतवाल को दो दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सफाई देने को कहा है कि क्यों न उन्हें कर्तव्य के प्रति उदासीनता, उपेक्षा व दुराचरण के आरोप में दंडित किया जाए।
बृहस्पतिवार को न्यायालय ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि पिछली तारीख पर कोतवाल को आदेशित किया गया था कि आरोपी अमरमणि त्रिपाठी की फरारी की उद्घोषणा स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएं और संबंधित प्रपत्र न्यायालय में प्रस्तुत करें। कोतवाल ने इस उद्घोषणा को सीजेएम न्यायालय से जारी लिखकर छपवा दिया, जिससे आरोपी को भ्रम हो सकता है। इसलिए थानाध्यक्ष कोतवाली को कर्तव्य के प्रति उदासीनता, उपेक्षा और दुराचरण का प्रकीर्ण वाद दर्ज कर लिया गया। एसपी की कार्यप्रणाली पर भी तीखी टिप्पणी की गई है। न्यायालय ने कहा कि एसपी बस्ती विशेष टीम बनाकर आरोपी अमरमणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कराएं। मगर, अब तक एसपी बस्ती की तरफ से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
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दो दिसंबर को न्यायालय में प्रस्तुत होने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राहुल मद्धेशिया अपहरण केस में आरोपी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को लेकर कोतवाली पुलिस के रवैये पर न्यायालय ने सख्त आपत्ति दर्ज किया है। आरोपी की अब तक गिरफ्तारी न होने से नाराज अदालत ने कुर्की आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरतने पर कोतवाल के खिलाफ कर्तव्य के प्रति उदासीनता, उपेक्षा व दुराचरण के लिए प्रकीर्ण दंडात्मक वाद दर्ज कर लिया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/ विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने कोतवाल को दो दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सफाई देने को कहा है कि क्यों न उन्हें कर्तव्य के प्रति उदासीनता, उपेक्षा व दुराचरण के आरोप में दंडित किया जाए।
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बृहस्पतिवार को न्यायालय ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि पिछली तारीख पर कोतवाल को आदेशित किया गया था कि आरोपी अमरमणि त्रिपाठी की फरारी की उद्घोषणा स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएं और संबंधित प्रपत्र न्यायालय में प्रस्तुत करें। कोतवाल ने इस उद्घोषणा को सीजेएम न्यायालय से जारी लिखकर छपवा दिया, जिससे आरोपी को भ्रम हो सकता है। इसलिए थानाध्यक्ष कोतवाली को कर्तव्य के प्रति उदासीनता, उपेक्षा और दुराचरण का प्रकीर्ण वाद दर्ज कर लिया गया। एसपी की कार्यप्रणाली पर भी तीखी टिप्पणी की गई है। न्यायालय ने कहा कि एसपी बस्ती विशेष टीम बनाकर आरोपी अमरमणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कराएं। मगर, अब तक एसपी बस्ती की तरफ से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
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