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रोजगार के मौके मुहैया कराना आजीविका मिशन का उद्देश्यः डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:20 AM IST
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प्रेरणा दिवस पर लोगों को संबोधित करते डा.जय सिंह।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से ग्राम्य विकास विभाग मिशन प्रबंधन इकाई ने शनिवार को प्रेरणा दिवस का आयोजन किया। इसमें लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया। प्रभारी जिलाधिकारी सीडीओ सोबरन सिंह ने कहा कि ग्रामीण गरीब परिवारों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाभदायक रोजगार के अवसर प्रदान करना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि समूहों के माध्यम से निर्धन परिवारों को एक छतरी के नीचे एकत्र कर सम्मिलित प्रयास से चहुमुखी विकास को गति देने की दिशा में यह कार्यक्रम प्रभावी है।
घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देकर तथा स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को क्रियान्वित करना और उनसे लाभ अर्जित करना मिशन के दायित्व में शामिल है।
लीड बैंक ऑफिसर जगदीश नरायन तिवारी ने कहा कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में प्रबंधन की क्षमता बेहतर होती हैं। समूहों के गठन के पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में डेयरी, जनरल स्टोर, सिलाई-कढ़ाई, प्रशिक्षण, महिला ब्यूटीपार्लर, मुर्गी पालन, कृषि कार्य, बकरी पालन आदि कार्य संचालित किए जा रहे हैं। बैंकों से कैश क्रेडिट लिंक कराए जाते हैं। अब तक जनपद में 118 स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल के माध्यम से जोड़ा गया है।
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डीडीओ दुर्गा दत्त शुक्ला ने ग्रामीण आजीविका मिशन की रणनीति को रेखांकित किया। कहा कि बनकटी ब्लॉक को रिसोर्स ब्लॉक के रूप में विकसित किया जाएगा। आंतरिक सीआरपी का चयन और प्रशिक्षित कर उन्हें जनपद के दूसरे ब्लॉकों में भेजकर अधिक से अधिक लोगों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा। जिला संख्या अधिकारी डॉ आरएस पांडेय ने बताया कि इसके माध्यम से चयनित परिवारों को बढ़ावा दिया जाता हैं तथा उसका विस्तार किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि समूहों के माध्यम से निर्धन परिवारों को एक छतरी के नीचे एकत्र कर सम्मिलित प्रयास से चहुमुखी विकास को गति देने की दिशा में यह कार्यक्रम प्रभावी है।
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घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देकर तथा स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को क्रियान्वित करना और उनसे लाभ अर्जित करना मिशन के दायित्व में शामिल है।
लीड बैंक ऑफिसर जगदीश नरायन तिवारी ने कहा कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में प्रबंधन की क्षमता बेहतर होती हैं। समूहों के गठन के पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में डेयरी, जनरल स्टोर, सिलाई-कढ़ाई, प्रशिक्षण, महिला ब्यूटीपार्लर, मुर्गी पालन, कृषि कार्य, बकरी पालन आदि कार्य संचालित किए जा रहे हैं। बैंकों से कैश क्रेडिट लिंक कराए जाते हैं। अब तक जनपद में 118 स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल के माध्यम से जोड़ा गया है।
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डीडीओ दुर्गा दत्त शुक्ला ने ग्रामीण आजीविका मिशन की रणनीति को रेखांकित किया। कहा कि बनकटी ब्लॉक को रिसोर्स ब्लॉक के रूप में विकसित किया जाएगा। आंतरिक सीआरपी का चयन और प्रशिक्षित कर उन्हें जनपद के दूसरे ब्लॉकों में भेजकर अधिक से अधिक लोगों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा। जिला संख्या अधिकारी डॉ आरएस पांडेय ने बताया कि इसके माध्यम से चयनित परिवारों को बढ़ावा दिया जाता हैं तथा उसका विस्तार किया जा रहा है।