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Basti News: तहसीलदार कोर्ट का अधिवक्ताओं ने किया बहिष्कार

Wed, 20 Mar 2024 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 20 Mar 2024 12:10 AM IST
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Advocates boycotted Tehsildar Court
एक पक्षीय मुकदमों को खारिज करने से हैं नाराज
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संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। तहसीलदार के रवैये से नाराज अधिवक्ताओं ने रोष व्यक्त किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर प्रसाद दुबे ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं व पदाधिकारियों से बातचीत के बाद तहसीलदार के कोर्ट का बहिष्कार का निर्णय लिया। यह निर्णय मंगलवार को बार एसोसिएशन की बैठक लिया गया।
बैठक में अधिवक्ताओं ने एक सुर में तहसीलदार अनुराग सिंह की कार्य शैली को तानाशाही बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। आरोप लगाया कि तहसीलदार ने दफा 34 के वादों में दाखिले पर बिना किसी कारण के रोक लगा दी है। एक पक्षीय फैसले कर मुकदमों को निस्तारित किया जा रहा है। इससे वादी का हित प्रभावित हो रहा है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष महावीर दुबे ने बताया कि तहसीलदार अनुराग सिंह के व्यवहार से अधिवक्ता संघ आहत है।
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एक पक्षीय निस्तारित फाइलों में कायमी प्रार्थनापत्र नहीं लिया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने पत्रावलियों को आदेश में सुरक्षित किए जाने की मांग की थी। इन मांगों को लेकर अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को पत्र भी दिया, लेकिन तहसीलदार के कार्य प्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया। इसी के चलते तहसीलदार न्यायालय के कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जातीं तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। बैठक में एसोसिएशन के मंत्री प्रेमनारायण, अवनीश कुमार श्रीवास्तव, बालभद्र श्रीवास्तव, राजेंद्र प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, उमाकांत तिवारी, रघुवंश लाल, शैलेश सिंह, महिनाथ त्रिपाठी, आरबी रोशन सहित अन्य मौजूद रहे।
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तहसीलदार बोले- अधिवक्ताओं का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण
तहसीलदार अनुराग सिंह ने कहा कि वर्षों से लंबित मामलों में मेरिट के आधार पर सुनवाई के बाद आदेश किए गए है। कायमी प्रार्थनापत्र पर भी उचित निर्णय लेकर विधिक आदेश पारित किए जा रहे है। अधिवक्ताओं का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ अधिवक्ता जानबूझकर नियमों का गलत हवाला देकर मुकदमों को लटकाने का प्रयास करते हैं। न्यायालय में सभी निर्णय विधि संवत तर्कों व साक्ष्य के आधार पर लिए जाते हैं।
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