फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   A procession of Alam and Taboot was taken out on the death of Hazrat Mohammad.

Basti News: हजरत मोहम्मद की वफात पर अलम व ताबूत का जुलूस निकाला

Thu, 13 Aug 2026 01:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
A procession of Alam and Taboot was taken out on the death of Hazrat Mohammad.
अलम व ताबूत का जुलूस निकाला गया। - फोटो : 1
बस्ती। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद की वफात और उनके बड़े नवासे इमाम हसन की शहादत की याद में मंगलवार रात इमामबाड़ा शाबान मंजिल, गांधीनगर में अलम व ताबूत का जुलूस निकाला गया। इस दौरान सोगवारों ने नौहा पढ़कर मातम किया और आंसू बहाए।
विज्ञापन

कार्यक्रम का संचालन कर रहे मौलाना हैदर मेंहदी ने बताया कि अरबी तारीख 28 सफर को पैगंबर-ए-इस्लाम ने दुनिया को अलविदा कहा था। उनके मानने वालों के लिए यह बड़ा सदमा था। पैगंबर की बेटी हजरत फातिमा जहरा और उनके घरवालों ने उनका सोग मनाया। उन्होंने कहा कि पैगंबर के घराने और इमाम हसन की शहादत की याद मनाने का सिलसिला आज भी जारी है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि इमाम हसन को सीरिया के शासक माविया के दौर में कथित रूप से जहर देकर शहीद किया गया था। इसी शहादत की याद में कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर हरे और सफेद रंग के ताबूत निकाले गए। सफेद ताबूत पैगंबर और हरा ताबूत इमाम हसन की याद का प्रतीक बताया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस अवसर पर मौलाना अली हसन, हाजी अनवार काजमी, शम्स आबिद, जीशान रिजवी, जावेद, आले मुस्तफा, सफदर रजा, हसनैन रिजवी समेत अन्य मौजूद रहे।
-------------
पैगंबर और उनके घराने की याद मनाना जरूरी : मौलाना जमाल
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना जमाल हैदर ने कहा कि पैगंबर के अंतिम संस्कार में गिने-चुने लोग ही मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मौला अली और उनके करीबियों ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई। इमाम हसन की शहादत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि माविया के साथ इमाम हसन ने खून-खराबे से बचने के लिए सुलह की थी। सुलह की शर्तों में शासन व्यवस्था और उत्तराधिकारी को लेकर प्रावधान शामिल थे। मौलाना ने कहा कि इमाम हसन की शहादत के बाद उन्हें उनके नाना की कब्र के करीब दफनाने का प्रयास किया गया, लेकिन विरोध हुआ। उन्होंने कहा कि बातिल ताकतों को बेनकाब करने के लिए पैगंबर और उनके घराने की याद मनाना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed