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वृद्धाआश्रम की हकीकत जानने पहुंचे न्यायिक अफसर
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:35 AM IST
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वृद्धाश्रम की हकीकत जानने पहुंचे न्यायिक अफसर
बनकटा स्थित वृद्धा आश्रम के औचक निरीक्षण में मिलीं खामियां
जिला जज के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी ने लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। न्यायिक अफसरों की तीन सदस्यीय टीम शनिवार को वृद्धा आश्रम की हकीकत जानने पहुंची। जिले में एक मात्र मान्यता प्राप्त बेसहारा लोगों के लिए वृद्धा आश्रम बनकटा में संचालित किया जा रहा है। अफसरों ने खामियां मिलने पर कड़े निर्देश दिए।
जिला जज जयशील पाठक के आदेश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मोहन लाल की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय न्यायिक अधिकारियों की टीम में जुडिशियल मजिस्ट्रेट तृषा मिश्रा और न्यायिक मजिस्ट्रेट इला चौधरी को जांच में कई खामियां मिलीं। इसके सुधार के लिए आश्रम संचालक को कड़े निर्देश दिए। 19 सितंबर को दो वृद्ध आश्रमों का निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों की न्यायिक कमेटी ने समीक्षा की। जज मोहनलाल ने आश्रम के पेयजल की जांच के लिए खुद पानी पीकर कहा कि यहां शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। निर्देश दिए कि सभी आश्रमवासियों को शुद्ध पेयजल दिया जाए। न्यायिक मजिस्ट्रेट तृषा मिश्रा ने कहा कि आश्रम में रह रहे महिला व पुरुष वृद्ध जनों को ठंड को ध्यान में रखते हुए गरम कपड़े आदि की व्यवस्था की जाए। मेडिकल चेकअप कराए जाएं। आश्रम वासियों के लिए नेत्र चिकित्सा कैंप आयोजित किया जाए। न्यायिक अधिकारी इला चौधरी ने कहा कि शासन की ओर से यहां की व्यवस्था के संचालन के लिए प्रति वर्ष लाखों रुपये दिए जाते हैं। फिर भी मानक के मुताबिक आश्रम वासियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। नियमित स्वास्थ्य का परीक्षण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान दूसरे आश्रम से शिफ्ट की गईं महिलाओं ने बताया कि उनके कपड़े और सामान पहले के आश्रम के संचालक नहीं दे रहे हैं। इसको नोटिस में लेते हुए न्यायिक अफसरों ने कार्रवाई की बात कही। निरीक्षण के दौरान आश्रम में 20 महिलाएं और 15 पुरुष मिले। केयरटेकर ने बताया कि न्यायिक अफसरों के आदेश की नाफरमानी नहीं की जाएगी जो भी निर्देश प्राप्त हुए हैं उनका शत-प्रतिशत अनुपालन किया जाएगा।
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बनकटा स्थित वृद्धा आश्रम के औचक निरीक्षण में मिलीं खामियां
जिला जज के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी ने लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। न्यायिक अफसरों की तीन सदस्यीय टीम शनिवार को वृद्धा आश्रम की हकीकत जानने पहुंची। जिले में एक मात्र मान्यता प्राप्त बेसहारा लोगों के लिए वृद्धा आश्रम बनकटा में संचालित किया जा रहा है। अफसरों ने खामियां मिलने पर कड़े निर्देश दिए।
जिला जज जयशील पाठक के आदेश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मोहन लाल की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय न्यायिक अधिकारियों की टीम में जुडिशियल मजिस्ट्रेट तृषा मिश्रा और न्यायिक मजिस्ट्रेट इला चौधरी को जांच में कई खामियां मिलीं। इसके सुधार के लिए आश्रम संचालक को कड़े निर्देश दिए। 19 सितंबर को दो वृद्ध आश्रमों का निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों की न्यायिक कमेटी ने समीक्षा की। जज मोहनलाल ने आश्रम के पेयजल की जांच के लिए खुद पानी पीकर कहा कि यहां शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। निर्देश दिए कि सभी आश्रमवासियों को शुद्ध पेयजल दिया जाए। न्यायिक मजिस्ट्रेट तृषा मिश्रा ने कहा कि आश्रम में रह रहे महिला व पुरुष वृद्ध जनों को ठंड को ध्यान में रखते हुए गरम कपड़े आदि की व्यवस्था की जाए। मेडिकल चेकअप कराए जाएं। आश्रम वासियों के लिए नेत्र चिकित्सा कैंप आयोजित किया जाए। न्यायिक अधिकारी इला चौधरी ने कहा कि शासन की ओर से यहां की व्यवस्था के संचालन के लिए प्रति वर्ष लाखों रुपये दिए जाते हैं। फिर भी मानक के मुताबिक आश्रम वासियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। नियमित स्वास्थ्य का परीक्षण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान दूसरे आश्रम से शिफ्ट की गईं महिलाओं ने बताया कि उनके कपड़े और सामान पहले के आश्रम के संचालक नहीं दे रहे हैं। इसको नोटिस में लेते हुए न्यायिक अफसरों ने कार्रवाई की बात कही। निरीक्षण के दौरान आश्रम में 20 महिलाएं और 15 पुरुष मिले। केयरटेकर ने बताया कि न्यायिक अफसरों के आदेश की नाफरमानी नहीं की जाएगी जो भी निर्देश प्राप्त हुए हैं उनका शत-प्रतिशत अनुपालन किया जाएगा।
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