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Basti News: 200 बेड का भवन तैयार,चालू नहीं हो पाया
Thu, 16 May 2024 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 16 May 2024 12:56 AM IST
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मेडिकल कॉलेज : शासन ने व्यवस्था के लिए अवमुक्त किए 13 करोड़ रुपये, अब तक काम शुरू नहीं कर पाई कायदायी संस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मेडिकल कॉलेज का सुसज्जित भवन देखकर सुविधाओं को लेकर संशय करने की गुंजाइश नहीं बचती, मगर यह सिर्फ भ्रम है। यहां संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन लापरवाही के चलते व्यवस्था लड़खड़ा गई है। यहां 200 बेड का भवन बनकर तैयार है। मगर, इसके संचालन की व्यवस्था अब तक नहीं बन सकी।
शासन ने 200 बेड के इस अस्पताल भवन के संचालन के लिए 13 करोड़ रुपये भी दे दिए हैं। यह धन निर्माण इकाई के खाते में है। दो माह बाद भी यहां कोई काम नहीं हो सका है। रामपुर में स्थापित मेडिकल कॉलेज के संपूर्ण स्वरूप को अब तक मुकाम नहीं मिल सका है। छिटपुट मरीजों को यहां भर्ती किया गया है। जिस उद्देश्य के लिए इसे बनवाया गया है वह सार्थक नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यहां कोई भर्ती नहीं होना चाहता है।
200 बेड इस अस्पताल भवन में सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम, सेंट्रालाइज्ड वातानुकूलित, सेमी माड्यूलर दो ओटी व माड्यूलर ओटी बनाया जाना है, लेकिन काम तक शुरू नहीं हो पाया है। अस्पताल प्रशासन की मानें तो यदि आज से काम शुरू हो जाए तो इसकी साज-सज्जा में तीन माह लग जाएंगे।
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अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अनिल कुमार यादव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के नए भवन में सभी संसाधनों को व्यवस्थित किया जा रहा है। निर्माण इकाई को 200 बेड वाले भवन के लिए मार्च में ही धन दे दिया गया, मगर अब तक कोई काम नहीं हो सका है। इसके लिए उनसे बातचीत की गई है। इमरजेंसी में वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से सेवा दी जा रही है। शीघ्र ही सबकुछ दुरुस्त हो जाएगा।
...
वैकल्पिक संसाधानों पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी
मेडिकल कॉलेज में जो लोग रेफर होकर जाते हैं, उनके लिए यहां कोई व्यवस्था ऐसी नहीं है, जिससे तत्काल राहत मिल सके। यदि ऑक्सीजन की जरूरत है तो बेड मिलना मुश्किल हो जाता है। ऑक्सीजन सिलिंडर बाहर से मंगाना पड़ता है। यही हाल अन्य संसाधनों की भी है। ऑपरेशन थियेटर में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथालोजिकल जांच, वेंटिलेटर व ऑक्सीजन बेड तक उपलब्ध नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था को यहां का तंत्र भी स्वीकारता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मेडिकल कॉलेज का सुसज्जित भवन देखकर सुविधाओं को लेकर संशय करने की गुंजाइश नहीं बचती, मगर यह सिर्फ भ्रम है। यहां संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन लापरवाही के चलते व्यवस्था लड़खड़ा गई है। यहां 200 बेड का भवन बनकर तैयार है। मगर, इसके संचालन की व्यवस्था अब तक नहीं बन सकी।
शासन ने 200 बेड के इस अस्पताल भवन के संचालन के लिए 13 करोड़ रुपये भी दे दिए हैं। यह धन निर्माण इकाई के खाते में है। दो माह बाद भी यहां कोई काम नहीं हो सका है। रामपुर में स्थापित मेडिकल कॉलेज के संपूर्ण स्वरूप को अब तक मुकाम नहीं मिल सका है। छिटपुट मरीजों को यहां भर्ती किया गया है। जिस उद्देश्य के लिए इसे बनवाया गया है वह सार्थक नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यहां कोई भर्ती नहीं होना चाहता है।
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200 बेड इस अस्पताल भवन में सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम, सेंट्रालाइज्ड वातानुकूलित, सेमी माड्यूलर दो ओटी व माड्यूलर ओटी बनाया जाना है, लेकिन काम तक शुरू नहीं हो पाया है। अस्पताल प्रशासन की मानें तो यदि आज से काम शुरू हो जाए तो इसकी साज-सज्जा में तीन माह लग जाएंगे।
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अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अनिल कुमार यादव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के नए भवन में सभी संसाधनों को व्यवस्थित किया जा रहा है। निर्माण इकाई को 200 बेड वाले भवन के लिए मार्च में ही धन दे दिया गया, मगर अब तक कोई काम नहीं हो सका है। इसके लिए उनसे बातचीत की गई है। इमरजेंसी में वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से सेवा दी जा रही है। शीघ्र ही सबकुछ दुरुस्त हो जाएगा।
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वैकल्पिक संसाधानों पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी
मेडिकल कॉलेज में जो लोग रेफर होकर जाते हैं, उनके लिए यहां कोई व्यवस्था ऐसी नहीं है, जिससे तत्काल राहत मिल सके। यदि ऑक्सीजन की जरूरत है तो बेड मिलना मुश्किल हो जाता है। ऑक्सीजन सिलिंडर बाहर से मंगाना पड़ता है। यही हाल अन्य संसाधनों की भी है। ऑपरेशन थियेटर में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथालोजिकल जांच, वेंटिलेटर व ऑक्सीजन बेड तक उपलब्ध नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था को यहां का तंत्र भी स्वीकारता है।