फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   भासपा से विनोद राजभर बनाए गए प्रत्याशी

भासपा से विनोद राजभर बनाए गए प्रत्याशी

Tue, 16 Apr 2019 11:59 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2019 11:59 PM IST
विज्ञापन
भासपा से विनोद राजभर बनाए गए प्रत्याशी
फोटो
विज्ञापन

भासपा से विनोद राजभर बनाए गए प्रत्याशी
कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का भाजपा से मोहभंग हो गया। मंगलवार को 39 सीटों पर दल के प्रत्याशियों की घोषणा की। इसमें बस्ती लोकसभा क्षेत्र से विनोद राजभर को प्रत्याशी बनाया गया है।
भानपुर तहसील के बस्थनवां गांव निवासी विनोद राजभर पार्टी की स्थापना काल 2005 में जिला अध्यक्ष बने। इसके बाद पार्टी को पहचान दिलाने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ लेकर लगे रहे। लोगों की समस्याओं के लिए संघर्ष करते रहे। पार्टी के प्रति समर्पण को देखते हुए इन्हें मंडल अध्यक्ष का दायित्व सौंप दिया गया। फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी दी। प्रत्याशी बनाए गए विनोद का कहना है कि जिले में लगभग एक लाख 30 हजार की आबादी राजभर समाज की है। इसमें करीब 80 हजार मतदाता हैं। कम से कम 50 से 60 हजार लोग मतदान करते हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में भी उम्मीदवार रहे विनोद को 12 हजार से अधिक वोट मिले थे। 2012 में कप्तानगंज विधान सभा क्षेत्र से पार्टी ने प्रत्याशी बनाया था, जिसमें लगभग 14 हजार से अधिक वोट मिले थे। इसको देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विश्वास करते हुए लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। लोकसभा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद जिले में पहुंच विनोद राजभर का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है। फोरलेन के बड़ेवन बाईपास पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मंगलवार दोपहर पहुंचने पर फूलमालाओं से लाद दिया। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष बृजभूषण मिश्र, मंडल अध्यक्ष मनोज राजभर, जिलाध्यक्ष अमन राजभर, पप्पू शुक्ला, दीनानाथ निषाद, रामचंद्र प्रजापति, रामसहाय राजभर, राजेश राजभर मौजूद रहे।
विज्ञापन



भाजपा में नहीं मिला सम्मान: विनोद
लोकसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने पर विनोद ने खुलकर अपनी बात रखी। कहा कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं को भाजपा में सम्मान नहीं मिलता था। सम्मान नहीं मिलने के कारण ही राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अलग होने का फैसला लिया है। कहा कि सत्ता में रहते हुए पूर्वांचल राज्य अलग बनाने, शराब बंदी के साथ आरक्षण में विभाजन के लिए मांग करते रहे लेकिन भाजपा शासन ने एक भी नहीं सुनी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed