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Bareilly News: जहां जिम्मेदारों ने लगाई थी झाड़ू... उसी परिसर में कूड़े के ढेर
Tue, 16 Jan 2024 03:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 16 Jan 2024 03:45 AM IST
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बरेली। अलखनाथ मंदिर परिसर में रविवार को स्वच्छ तीर्थ अभियान का शुभारंभ हुआ था। अफसरों व जनप्रतिनिधियों ने वहां झाड़ू लगाई थी। सोमवार को वहां कोई कूड़ा उठाने तक नहीं पहुंचा। परिसर के किनारे ही दो महीने से कूड़े का ढेर लगा है। जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रविवार को सुबह नौ बजे से अभियान शुरू हुआ तो अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने खूब उत्साह दिखाया। राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद संतोष गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, महापौर उमेश गौतम, नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने झाड़ू लगाई। कूड़े को जेसीबी से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्राॅली में डाला गया। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को इसकी पड़ताल की तो परिसर में कूड़े के ढेर नजर आए। जहां कूड़ा था, वहीं बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। ऐसे में श्रद्धालुओं का सवाल यही है कि क्या एक ही दिन के लिए अभियान है। यह अभियान तब तक चलना चाहिए, जब तक मंदिर परिसर चमक न जाए।
वर्जन
नगर निगम ने स्वच्छता का संदेश देने के लिए रविवार को अभियान चलाया था। अब अगर अलखनाथ मंदिर प्रबंधन की ओर से कूूड़ा हटाने के लिए गाड़ी मांगी जाएगी तो उपलब्ध कराएंगे। परिसर को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी मंदिर प्रबंधन की ही है। नगर निगम सहयोग देने के लिए तैयार है और समय-समय पर अभियान भी चलाता है। - अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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जिम्मेदारों को तो दिखाना था कि हम अलखनाथ मंदिर में सफाई कर रहे हैं सो वे दिखाकर चले गए। अब ये जनता खुद देख रही है कि क्या सफाई करके गए हैं। हमसे तो बात भी नहीं की। अधिकतर लोग तो सड़क से नीचे ही नहीं उतरे। सफाई पूरी नहीं हुई। - बाबा पवन गिरि, अलखनाथ मंदिर
श्रद्धालु भी जिम्मेदारी निभाएं
साफ-सफाई और सुंदरता तभी दिखेगी जब श्रद्धालु और नगर निगम जिम्मेदारी निभाए। फिलहाल, नगर निगम दिन में एक बार सफाई कराता है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि सुबह-शाम दो बार सफाई कराई जाए। मंदिर परिसर में आने-जाने वालों ने बताया कि तमाम श्रद्धालु पुरानी मूर्तियां, पूजन सामग्री व कबाड़ मंदिर परिसर में नाले के पास फेंक जाते हैं। लोगों की जिम्मेदारी है कि वे कूड़ेदान में ही कूड़ा फेंके। मूर्तियां व पूजन सामग्री आदि का भी निस्तारण कहीं नदी के किनारे किया जाए।
आने-जाने वाले भी फैला रहे कचरा
मंदिर परिसर में आने वाले लोग थैली में भरकर कूड़ा लाते हैं। यहीं फेंक कर चले जाते हैं। इससे बचना चाहिए। पहले से एकत्र कूड़ा भी हटना चाहिए। - ओमप्रकाश, दुकानदार
दो-तीन महीने से कूड़ा और पूजन सामग्री पड़ी है। सफाई हो जाए तो ठीक रहेगा। मंदिर में 22 जनवरी को भव्य तरीके से दिवाली मनाई जाएगी। - ध्रुव गिरि, निवासी, मंदिर परिसर
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रविवार को सुबह नौ बजे से अभियान शुरू हुआ तो अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने खूब उत्साह दिखाया। राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद संतोष गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, महापौर उमेश गौतम, नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने झाड़ू लगाई। कूड़े को जेसीबी से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्राॅली में डाला गया। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को इसकी पड़ताल की तो परिसर में कूड़े के ढेर नजर आए। जहां कूड़ा था, वहीं बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। ऐसे में श्रद्धालुओं का सवाल यही है कि क्या एक ही दिन के लिए अभियान है। यह अभियान तब तक चलना चाहिए, जब तक मंदिर परिसर चमक न जाए।
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नगर निगम ने स्वच्छता का संदेश देने के लिए रविवार को अभियान चलाया था। अब अगर अलखनाथ मंदिर प्रबंधन की ओर से कूूड़ा हटाने के लिए गाड़ी मांगी जाएगी तो उपलब्ध कराएंगे। परिसर को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी मंदिर प्रबंधन की ही है। नगर निगम सहयोग देने के लिए तैयार है और समय-समय पर अभियान भी चलाता है। - अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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जिम्मेदारों को तो दिखाना था कि हम अलखनाथ मंदिर में सफाई कर रहे हैं सो वे दिखाकर चले गए। अब ये जनता खुद देख रही है कि क्या सफाई करके गए हैं। हमसे तो बात भी नहीं की। अधिकतर लोग तो सड़क से नीचे ही नहीं उतरे। सफाई पूरी नहीं हुई। - बाबा पवन गिरि, अलखनाथ मंदिर
श्रद्धालु भी जिम्मेदारी निभाएं
साफ-सफाई और सुंदरता तभी दिखेगी जब श्रद्धालु और नगर निगम जिम्मेदारी निभाए। फिलहाल, नगर निगम दिन में एक बार सफाई कराता है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि सुबह-शाम दो बार सफाई कराई जाए। मंदिर परिसर में आने-जाने वालों ने बताया कि तमाम श्रद्धालु पुरानी मूर्तियां, पूजन सामग्री व कबाड़ मंदिर परिसर में नाले के पास फेंक जाते हैं। लोगों की जिम्मेदारी है कि वे कूड़ेदान में ही कूड़ा फेंके। मूर्तियां व पूजन सामग्री आदि का भी निस्तारण कहीं नदी के किनारे किया जाए।
आने-जाने वाले भी फैला रहे कचरा
मंदिर परिसर में आने वाले लोग थैली में भरकर कूड़ा लाते हैं। यहीं फेंक कर चले जाते हैं। इससे बचना चाहिए। पहले से एकत्र कूड़ा भी हटना चाहिए। - ओमप्रकाश, दुकानदार
दो-तीन महीने से कूड़ा और पूजन सामग्री पड़ी है। सफाई हो जाए तो ठीक रहेगा। मंदिर में 22 जनवरी को भव्य तरीके से दिवाली मनाई जाएगी। - ध्रुव गिरि, निवासी, मंदिर परिसर