Bareilly News: अपने भाई की जमीन हड़पने के लिए शख्स ने रची ऐसी साजिश, अफसर भी रह गए दंग
एक शख्स ने दूसरे के शव को अपने भाई का बताकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। भाई की हत्या का आरोप विरोधियों पर लगा दिया। जब जीवित भाई पुलिस के पास पहुंचा तो पूरा मामला खुल गया।
विस्तार
बरेली में भाई की जमीन हड़पने और अपने दुश्मनों को निपटाने के लिए बदायूं जिला निवासी एक व्यक्ति ने ऐसी साजिश रची कि अफसर भी सुनकर दंग रह गए। पता लगा कि किसी और का शव अपने लापता भाई का बताकर अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं गांव जाकर विरोधी पक्ष के खिलाफ हत्या की तहरीर दे दी। एसएसपी ने सीओ प्रथम को मामले की जांच सौंप दी है।
बदायूं के दातागंज क्षेत्र के गांव गुलड़िया निवासी दिव्यांग मनोहर बृहस्पतिवार दोपहर एसएसपी बरेली अनुराग आर्य से शिकायत करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके भाई मुन्नालाल ने अपनी जमीन बेचने के बाद कुछ दबंगों से दोस्ती करके उनके हिस्से की जमीन भी कब्जा ली है। इस बारे में उन्होंने थाना दातागंज में 30 नवंबर 2023 को पत्र दिया था। प्रशासनिक अफसरों से भी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तब वह भाई के डर से दातागंज के गांव नेता झुकसा में एक मढ़ी पर जाकर रहने लगा। उसके भाई ने उनके लापता होने की अफवाह उड़ा दी।
अज्ञात शव को भाई का बताकर कराई कार्रवाई
मनोहर के मुताबिक उनके भाई ने 21 जुलाई को बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में सरदार पेट्रोल पंप के पास पड़े एक शव की जानकारी पुलिस को दी। बताया कि ये उनके भाई मनोहर का शव है। भमोरा पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसका पोस्टमार्टम कराया।
शव पर कई चोटों थीं लेकिन मौत का सही कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित कर दिया गया। पुलिस ने शव उनके भाई के हवाले कर दिया। आरोपियों ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव गांव न ले जाकर रामगंगा किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया। तय दिन पूरे होने से पहले दसवां संस्कार भी रामगंगा किनारे ही कर दिया। यहां भाई के साथ सीमित ही लोग रहे।
विरोधियों को फंसाने के लिए दी फर्जी तहरीर
मनोहर ने एसएसपी को बताया कि उसकी हत्या का आरोप लगाकर उसके भाई ने गांव के ही नरेंद्र, हरिओम व रामप्रसाद के खिलाफ झूठी तहरीर दे दी। ये लोग फंसे तो इन्होंने ही उसकी तलाश शुरू की और नेता झुकसा जाकर उसे खोज लिया। मनोहर ने डर जताया कि आरोपी उसकी हत्या कर उसके शव को ठिकाने लगा सकते हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मनोहर के आरोपों की जांच सीओ प्रथम को दी गई है। अगर आरोपों में सच्चाई है तो उसके साथ साजिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।