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Bareilly News: तीन ओवरहेड टैंक का अलाइनमेंट मिला तिरछा, एक को गिराया
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बरेली। आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक के सरदारनगर में चार मई को हुए हादसे के बाद प्रशासन की जांच में तीन और ओवरहेड टैंक का अलाइनमेंट तिरछा मिला। इनमें से एक को गिराया जा चुका है, जबकि दो को गिराने की तैयारी चल रही है। ये तीनो टैंक तालाब के किनारे बनाए गए हैं।
सरदारनगर में हुए हादसे के तीन माह बाद जल निगम की ओर से सभी 876 स्कीमों (निर्माण स्थलों) की जांच कराई जा रही है। इसमें मृदा परीक्षण, कंक्रीट व अलाइनमेंट की जांच शामिल है। अब तक 150 पूर्ण परियोजनाओं में से 109 की रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें आलमपुर जफराबाद ब्लॉक के ग्राम पंचायत आलमपुर जाफराबाद में पिलर का अलाइनमेंट तिरछा मिला। विभाग की ओर से इसे जमींदोज करा दिया गया।
नवाबगंज ब्लॉक के लाइखेड़ा में ओवरहेड टैंक नहीं बना है, लेकिन पिलर खड़ा हो गया है। अलाइनमेंट तिरछा होने की वजह से अब इसको भी गिराया जाएगा। बिथरी चैनपुर के खजुरिया ग्राम पंचायत में टैंक का अलानमेंट भी तिरछा मिला है। इसे भी तोड़ा जाएगा।
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एनसीसी फर्म की लापरवाही, दोबारा करना होगा निर्माण
जल निगम ग्रामीण की अधिशासी अभियंता आकांक्षा सिंह ने बताया कि जांच में कार्यदायी फर्म एनसीसी लिमिटेड की लापरवाही पाई गई है। तालाब किनारे ओवरहेड टैंक बनाने, मृदा, कंक्रीट व अलाइनमेंट की जांच नहीं कराने की बात सामने आई है। अब ग्राम पंचायत में दूसरी जगह भूमि मिलने पर कार्यदायी फर्म को दोबारा ओवरहेड टैंक का निर्माण कराना होगा। इसका खर्च फर्म स्वयं वहन करेगी। प्रत्येक स्कीम पर ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसमें ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक, पाइप लाइन का खर्च शामिल है।
150 परियोजनाएं पूरी, 8341 किमी पाइप लाइन बिछी
जिले में अगस्त 2021 से जल जीवन मिशन के तहत काम हो रहा है। 1188 ग्राम पंचायतों के 1807 राजस्व गांवों में 8341 किमी पाइप लाइन बिछाई जानी है। जल निगम ग्रामीण को नोडल एजेंसी बनाकर एनसीसी लिमिटेड फर्म से काम कराया जा रहा है। विभाग का दावा है कि अब तक 150 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। ओवरहेड टैंक व सीधे ट्यूबवेल के जरिये 1230 गांवों में सप्लाई चालू कर दी गई है। अब तक कुल 403 टंकियां तैयार हो गई हैं।
वर्जन
सतर्कता को देखते हुए सभी स्कीम में मृदा, कंक्रीट व अलाइनमेंट जांच कराई गई है। तीन ओवरहेड टैंक में गड़बड़ी मिलने पर उनको गिराया जाएगा। इसमें आलमपुर जाफराबाद की टंकी को गिराया जा चुका है। - आकांक्षा सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
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सरदारनगर में हुए हादसे के तीन माह बाद जल निगम की ओर से सभी 876 स्कीमों (निर्माण स्थलों) की जांच कराई जा रही है। इसमें मृदा परीक्षण, कंक्रीट व अलाइनमेंट की जांच शामिल है। अब तक 150 पूर्ण परियोजनाओं में से 109 की रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें आलमपुर जफराबाद ब्लॉक के ग्राम पंचायत आलमपुर जाफराबाद में पिलर का अलाइनमेंट तिरछा मिला। विभाग की ओर से इसे जमींदोज करा दिया गया।
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नवाबगंज ब्लॉक के लाइखेड़ा में ओवरहेड टैंक नहीं बना है, लेकिन पिलर खड़ा हो गया है। अलाइनमेंट तिरछा होने की वजह से अब इसको भी गिराया जाएगा। बिथरी चैनपुर के खजुरिया ग्राम पंचायत में टैंक का अलानमेंट भी तिरछा मिला है। इसे भी तोड़ा जाएगा।
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एनसीसी फर्म की लापरवाही, दोबारा करना होगा निर्माण
जल निगम ग्रामीण की अधिशासी अभियंता आकांक्षा सिंह ने बताया कि जांच में कार्यदायी फर्म एनसीसी लिमिटेड की लापरवाही पाई गई है। तालाब किनारे ओवरहेड टैंक बनाने, मृदा, कंक्रीट व अलाइनमेंट की जांच नहीं कराने की बात सामने आई है। अब ग्राम पंचायत में दूसरी जगह भूमि मिलने पर कार्यदायी फर्म को दोबारा ओवरहेड टैंक का निर्माण कराना होगा। इसका खर्च फर्म स्वयं वहन करेगी। प्रत्येक स्कीम पर ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसमें ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक, पाइप लाइन का खर्च शामिल है।
150 परियोजनाएं पूरी, 8341 किमी पाइप लाइन बिछी
जिले में अगस्त 2021 से जल जीवन मिशन के तहत काम हो रहा है। 1188 ग्राम पंचायतों के 1807 राजस्व गांवों में 8341 किमी पाइप लाइन बिछाई जानी है। जल निगम ग्रामीण को नोडल एजेंसी बनाकर एनसीसी लिमिटेड फर्म से काम कराया जा रहा है। विभाग का दावा है कि अब तक 150 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। ओवरहेड टैंक व सीधे ट्यूबवेल के जरिये 1230 गांवों में सप्लाई चालू कर दी गई है। अब तक कुल 403 टंकियां तैयार हो गई हैं।
वर्जन
सतर्कता को देखते हुए सभी स्कीम में मृदा, कंक्रीट व अलाइनमेंट जांच कराई गई है। तीन ओवरहेड टैंक में गड़बड़ी मिलने पर उनको गिराया जाएगा। इसमें आलमपुर जाफराबाद की टंकी को गिराया जा चुका है। - आकांक्षा सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण