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निकला जुलूस-ए-गिलाफ
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Fri, 11 Nov 2016 12:59 AM IST
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The procession turned-e-sheath
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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दाता करीम साबिर, मौला करीम साबिर की सदाओं से रुहानियत में भरे माहौल के बीच साबरी खाकसारों ने जुलूस गिलाफ-ए-जियारत मखदूम साबिर कलियरी निकाला। आजमनगर में निकले जुलूस का जगह-जगह स्वागत हुआ।
इस जुलूस को लेकर आजमनगर में रुहानी माहौल रहा। सुबह कुरान ख्वानी हुई। इसके बाद अंजुमन खाकसार-ए-साबरी गुलाम की ओर से जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान राह चलते लोगों ने रुक कर चादरों की जियारत की और गिलाफ चूम कर आंखों से लगाते हुए अकीदत का इजहार किया। जुलूस का आगाज अंजुमन के सदर बाबा इमरान अली साबरी के घर से हुआ। जो पूरे आजमनगर में धूमने के बाद वापस यहीं पर संपन्न हुआ। इसके बाद लंगर हुआ। रात में साबरी महफिल में शब्बू शादाब कव्वाल कुंदरकी ने कलाम पेश किया।
यह कार्यक्रम साबरी दरगाह के सज्जादानशीन शाह अली एजाज कुद्दूसी साबरी की सरपरस्ती और शाह यावर मंजर एजाज कुद्दूसी साबरी की निगरानी में हुआ। जुलूस का स्वागत कुरैशी यूथ सेवा समिति, चिश्तिया कमेटी, जमियतुल कुरैशी, कमेटी दरगाह बहादुर शाह वली आदि ने किया। कार्यक्रम इरशाद साबरी, फुरकान साबरी, मुस्तकीम साबरी, उवैस साबरी, फैजान जहांगीरी, सलीम साबरी, जीशान चिश्ती, नूरी साबरी, जैद साबरी, सलमान कुरैशी रिजवान कुरैशी आदि का सहयोग रहा।
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इस जुलूस को लेकर आजमनगर में रुहानी माहौल रहा। सुबह कुरान ख्वानी हुई। इसके बाद अंजुमन खाकसार-ए-साबरी गुलाम की ओर से जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान राह चलते लोगों ने रुक कर चादरों की जियारत की और गिलाफ चूम कर आंखों से लगाते हुए अकीदत का इजहार किया। जुलूस का आगाज अंजुमन के सदर बाबा इमरान अली साबरी के घर से हुआ। जो पूरे आजमनगर में धूमने के बाद वापस यहीं पर संपन्न हुआ। इसके बाद लंगर हुआ। रात में साबरी महफिल में शब्बू शादाब कव्वाल कुंदरकी ने कलाम पेश किया।
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यह कार्यक्रम साबरी दरगाह के सज्जादानशीन शाह अली एजाज कुद्दूसी साबरी की सरपरस्ती और शाह यावर मंजर एजाज कुद्दूसी साबरी की निगरानी में हुआ। जुलूस का स्वागत कुरैशी यूथ सेवा समिति, चिश्तिया कमेटी, जमियतुल कुरैशी, कमेटी दरगाह बहादुर शाह वली आदि ने किया। कार्यक्रम इरशाद साबरी, फुरकान साबरी, मुस्तकीम साबरी, उवैस साबरी, फैजान जहांगीरी, सलीम साबरी, जीशान चिश्ती, नूरी साबरी, जैद साबरी, सलमान कुरैशी रिजवान कुरैशी आदि का सहयोग रहा।
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