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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The path to reach Chaupula from satellite is more difficult

सेटेलाइट से चौपुला जाने की राह और मुश्किल

Thu, 04 Feb 2021 01:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2021 01:11 AM IST
सार

एक रास्ता पहले से ऊबड़-खाबड़, अब दूसरा भी बंद.. जाइए अब किधर जाएंगे
 

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The path to reach Chaupula from satellite is more difficult
चौपुला चौराहे पर लगाए गए अवरोध से गुजरते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

विस्तार

शहरवासियों पर जल निगम की दबंगई, कालीबाड़ी रोड ठीक कराए बगैर डीआईसी के सामने भी बंद कर दी सड़क
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जिला उद्योग केंद्र और बियावानी कोठी के बीच शुरू की सड़क की खोदाई
गंगाचरण अस्पताल से प्रभा टॉकीज रोड तक पहले से बंद है यह सड़क

बरेली। शहर के अफसरों और जनप्रतिनिधियों की खामोशी की वजह से शहर में सीवर लाइन डालने के लिए खोदाई करा रहा जल निगम शहरवासियों पर जमकर दबंगई दिखा रहा है। तमाम सड़कों के साथ पानी और बिजली की अंडरग्राउंड लाइनों को बर्बाद करने के साथ लोगों की आवाजाही तक को मुश्किल से और मुश्किल किया जा रहा है। सेटेलाइट की तरफ से चौपुला की ओर जाने वाला कालीबाड़ी रोड खोदने के बाद अब तक ठीक नहीं किया गया है, अब बियावानी कोठी होते हुए जाने वाला दूसरा रास्ता भी बंद कर दिया है।
जिला उद्योग केंद्र के सामने सड़क पर खोदाई करने के लिए बुधवार दोपहर बाद दोनों तरफ बैरिकेडिंग करके ट्रैफिक को रोक दिया गया। अचानक रोड बंद कर दिए जाने से इधर से गाड़ियां लेकर निकले लोग हैरान हो गए। काफी देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ देर के लिए बियावानी कोठी चौराहे पर जाम भी लग गया। इसके बाद ट्रैफिक को डायवर्ट करके जैसे-तैसे निकाला गया। प्रभा टॉकीज के सामने पहले से खोदाई जारी है और अब तक आधी सड़क पर ही खोदाई हो पाई है। लिहाजा यहां पहले से ही ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी हुई है। बुधवार को भी जाम की स्थिति बनी रही। चौकी चौराहे तक लोग जाम से जूझते रहे। आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा बिगड़ने के आसार है।

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दरअसल सेटेलाइट चौराहे की तरफ से चौपुला, सिविल लाइंस मार्केट, दिल्ली रोड, कुतुबखाना जैसे शहर के प्रमुख इलाकों में जाने के लिए कालीबाड़ी रोड के अलावा बियावानी कोठी होते हुए जाने वाला रास्ता ही है। करीब दो साल पहले ईसाईयों वाली पुलिया से ही खोदाई की शुरुआत की गई थी जो श्यामगंज चौराहा होते हुए बरेली कॉलेज गेट तक पूरी हो चुकी है। फिर भी जल निगम ने अब तक इस रोड को दोबारा नहीं बनवाया है। कहीं बेहद ऊबड़खाबड़ और कहीं दलदल जैसी हालत होने के कारण इस रोड पर चलना अब तक बेहद मुश्किल है। यह रोड खराब होने की वजह से ही बियावानी कोठी वाली सड़क पर ट्रैफिक बढ़ गया था लेकिन अब इस रोड को भी बंद कर दिया गया है।
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पहले से बेहाल श्यामगंज की अब और भी ज्यादा शामत

बुधवार को बियावानी कोठी से कंपनी गार्डन चौराहे के बीच बैरिकेडिंग कर खोदाई शुरू करने के बाद दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब चौकी चौराहे की ओर से आने वाले वाहन श्यामगंज और कैंट क्षेत्र में नटराज टॉकीज रोड की ओर से आने वाले वाहन खुर्रम गौंटिया रोड से होकर सेटेलाइट चौराहे की ओर आ-जा रहे हैं। चौकी चौराहे से कंपनी गार्डन के बीच पहले से पूरा ट्रैफिक एक लेन पर चल रहा है। नई व्यवस्था से खुदे पड़े श्यामगंज में ट्रैफिक का लोड बढ़ने से और ज्यादा बुरी स्थिति पैदा होने की आशंका है। उधर, चौपुला पर फ्लाईओवर के निर्माण की वजह से बदायूं की ओर से आने वाले छोटे वाहन सुभाषनगर पुलिया की ओर से गुजर रहे हैं। ऐसे में यहां भी रोज जाम लग रहा है।
प्रभा टॉकीज के सामने रोड पर खोदाई का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। जहां लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है, वहां सड़क पर मिट्टी का भराव करा दिया गया है। - संजय कुमार, एक्सईएन जल निगम

पूरा तंत्र बेबस.. सुन ही नहीं रहा जल निगम

जल निगम बेलगाम है। हर बैठक में जल निगम के अधिकारियों से इस बारे में बात की जाती है कि वह किस तरह बिना किसी प्लानिंग के शहर में खोदाई करते जा रहे हैं। अब इस मामले को प्रभारी मंत्री के सामने रखा जाएगा। - उमेश गौतम, मेयर

जल निगम और नगर निगम की घनघोर लापरवाही है। इन्हें एक प्वाइंट से शुरू करके एक तरफ से काम पूरा करने के बाद दूसरी जगह खोदाई करनी चाहिए। यातायात विभाग से बात करके काम करना चाहिए। खोदाई में मानकों का भी पालन नहीं हो रहा है। न शटरिंग की जा रही है न ही पाइप के नीचे आरसीसी बेस तैयार किया जा रहा है। भविष्य में यह सीवर लाइन बैठ जाएगी। - डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर

बिना किसी प्लानिंग के बेहद लापरवाही के साथ काम हो रहा है। जल निगम पर कोई नियंत्रण नहीं है। यहां अधिकारियों की उदासीनता तो है ही लेकिन शासन भी बेअसर है। बिना किसी विभागीय तालमेल के शहर में खोदाई हो रही है। शहर में केंद्रीय मंत्री हैं, प्रभारी मंत्री भी आते हैं, कैसे काम हो रहा है, इन्हें भी देखना चाहिए। - सुप्रिया ऐरन, पूर्व मेयर

यह स्थिति बड़ी दुखदायी है। इस रोड पर बहुत ट्रैफिक है, इसलिए दिन भर बड़ी मुसीबत रहती है। लोग परेशान है। पता नहीं कैसे बगैर योजना बनाए खोदाई की जा रही है। अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें शहर के लोगों की परेशानियों को समझना चाहिए। -डॉ. प्रमेन्द्र महेश्वरी

जल निगम पर बेतरतीब तरीके से काम करने पर एक बार जुर्माना लगाया जा चुका है। बैठक में भी इस बात को रखा गया है। इस संबंध में जल निगम अधिकारियों से फिर बात की जाएगी। - अभिषेक आनन्द, नगर आयुक्त

रोड मैप और प्लानिंग के बारे में न नगर निगम को कुछ पता न प्रशासन को

बरेली। डेढ़ साल से भी ज्यादा वक्त से जल निगम की मनमानी ने शहरवासियों का बुरा हाल कर दिया है। हालत यह है कि जल निगम ने शहर में सीवर और पानी लाइनें बिछाने का रोडमैप और प्लानिंग तक सार्वजनिक नहीं की है। फिर भी जनप्रतिनिधि और अफसर मौन साधे हुए हैं।
जल निगम ने 2019 में अमृत योजना के तहत शहर में पुरानी ट्रंक सीवर लाइनों की जगह नई लाइनें बिछाने और पेयजल योजना का नेटवर्क तैयार करने का काम शुरू किया था। बताया जाता है कि ठेके की शर्तों के मुताबिक लाइनें बिछाने का काम 2020 में पूरा हो जाना था लेकिन अफसरों की मिलीभगत के कारण काम की रफ्तार बेहद सुस्ती के साथ चलती रही। नगर निगम को न कोई मानचित्र दिया गया न सड़क की खोदाई के लिए उससे कोई अनुमति ली गई।

भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ने की शिकायत

भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष व कैंट विधायक राजेश अग्रवाल ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जल निगम और उसके ठेकेदार की शिकायत की थी। उन्होंने शहरवासियों के दो सालों से मुसीबत झेलने का जिक्र करते हुए काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया था और जांच कराने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि मनमानी खोदाई से कई जगह संचार, बिजली, पानी और दूसरी भूमिगत लाइनों को नष्ट कर दिया गया है। खोदाई में निकले क्षतिग्रस्त टेलीफोन लाइनों का केबिल उखाड़ कर कबाड़ बाजार में बेचा जा रहा है। बिना किसी प्लानिंग और रोडमैप के काम करना लापरवाही ही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार भी है। इसलिए निर्माण सामग्री का नमूने लेकर जांच कराना जरूरी है।
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