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राज्य सभा में तीन तलाक बिल को लेकर चली बहस पर दिन भर सभी की लगी निगाहें
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Triple Talaq
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बरेली। तीन तलाक बिल पर राज्यसभा में चली बहस और वोटिंग पर दिन भर तमाम निगाहें लगी रहीं। जहां तीन तलाक पीड़ित महिलाएं बिल पास होने की आस में टीवी पर निगाहें जमाए हुईं थीं। इसके अलावा नाराज होने के बावजूद उलमा भी टेलीविजन से दिन भर चिपके रहे।
तीन तलाक पर दिन भर बहस के दौरान मुस्लिम इलाकों में अच्छी-खासी हलचल रही। घरों से लेकर पान की दुकानों तक यह चर्चा होती रही कि इस बिल पर बहस का अंजाम क्या होगा। बिल पास हो पाएगा या नहीं। शाम को कानून पास हुआ तो मिलीजुली प्रतिक्रिया सामने आई। किसी ने कहा चलो ठीक हुआ तो किसी ने इसे सरकार का शरीयत में हस्तक्षेप करार दिया।
आलिमों के साथ ज्यादा बुद्धिजीवियों ने भी इसे इस्लामी कानून में दखल करार दिया। मौलानां इंतजार कादरी के कांकरटोला में निवास पर कुछ आलिमों का घंटों जमावड़ा रहा। चर्चा थी कि कि इस कानून का औरतों को फायदा कम नुकसान ज्यादा हो सकते हैं। सैलानी में सलमान खान के निवास पर जमे युवाओं में कुछ का कहना था कि बहुमत की सरकार है तो कानून बनेगा ही। अब यह अपने अमाल पर है कि कोई इस कानून का सहारा ले या न ले। पुराना शहर की एक पान की दुकान पर कुछ लोगों ने कहा कि चलो कानून बन गया और एक मुद्दा खत्म हुआ।
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तीन तलाक पीड़ित महिलाओं की लड़ाई लड़ रही आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी अध्यक्ष निदा खान के घर जश्न का माहौल रहा। यहां तमाम पीड़िताएं इकट्ठी थीं और शाम को जब बिल पास हुआ तो सभी ने एक दूसरे को मुबारकबाद देते हुए मिठाइयां खिलाईं। टीवी डिवेट के लिए दिल्ली गई मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने अपने साथ गई महिलाओं को मुबारकबाद दी।
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तीन तलाक पर दिन भर बहस के दौरान मुस्लिम इलाकों में अच्छी-खासी हलचल रही। घरों से लेकर पान की दुकानों तक यह चर्चा होती रही कि इस बिल पर बहस का अंजाम क्या होगा। बिल पास हो पाएगा या नहीं। शाम को कानून पास हुआ तो मिलीजुली प्रतिक्रिया सामने आई। किसी ने कहा चलो ठीक हुआ तो किसी ने इसे सरकार का शरीयत में हस्तक्षेप करार दिया।
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आलिमों के साथ ज्यादा बुद्धिजीवियों ने भी इसे इस्लामी कानून में दखल करार दिया। मौलानां इंतजार कादरी के कांकरटोला में निवास पर कुछ आलिमों का घंटों जमावड़ा रहा। चर्चा थी कि कि इस कानून का औरतों को फायदा कम नुकसान ज्यादा हो सकते हैं। सैलानी में सलमान खान के निवास पर जमे युवाओं में कुछ का कहना था कि बहुमत की सरकार है तो कानून बनेगा ही। अब यह अपने अमाल पर है कि कोई इस कानून का सहारा ले या न ले। पुराना शहर की एक पान की दुकान पर कुछ लोगों ने कहा कि चलो कानून बन गया और एक मुद्दा खत्म हुआ।
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तीन तलाक पीड़ित महिलाओं की लड़ाई लड़ रही आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी अध्यक्ष निदा खान के घर जश्न का माहौल रहा। यहां तमाम पीड़िताएं इकट्ठी थीं और शाम को जब बिल पास हुआ तो सभी ने एक दूसरे को मुबारकबाद देते हुए मिठाइयां खिलाईं। टीवी डिवेट के लिए दिल्ली गई मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने अपने साथ गई महिलाओं को मुबारकबाद दी।