Bareilly News: रिश्वत प्रकरण में फरार इंस्पेक्टर के करीबी पांच पुलिसकर्मी निलंबित, दरोगा-सिपाही लाइन हाजिर
बरेली में सात लाख रुपये रिश्वत लेकर स्मैक तस्करों को छोड़ने वाला फरीदपुर थाने का इंस्पेक्टर रामसेवक फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। इंस्पेक्टर के करीबी पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में स्मैक तस्करों से सात लाख रुपये लेकर उन्हें छोड़ने के आरोपी फरीदपुर इंस्पेक्टर रामसेवक के कारखास तीन हेड कांस्टेबल और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने यह कार्रवाई करते हुए एक दरोगा व एक सिपाही को लाइन हाजिर भी किया है।
इंस्पेक्टर रामसेवक अपने चुनिंदा सिपाहियों के दम पर थाने में वसूली कर रहा था। इसकी पोल खुलने के बाद वह फरार हो गया है। उसके बिस्तर के नीचे से नौ लाख 85 हजार रुपया बरामद किए गए। दूसरे दिन एसपी दक्षिणी मानुष पारीक ने थाने जाकर रामसेवक के करीबी पुलिसकर्मियों की कुंडली जुटाई।
इन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
मोबाइल सर्विलांस और अन्य तरीके से इस घटनाक्रम में शामिल रहे स्टाफ का पता किया गया। उनकी रिपोर्ट पर एसएसपी अनुराग आर्य ने शुक्रवार रात फरीदपुर थाने के मुख्य आरक्षी रिजवान, नीरज, अहसान, आरक्षी सौरभ कुमार व कृष्णा कुमार को निलंबित कर दिया। जबकि दरोगा जावेद अली और आरक्षी अतुल वर्मा की भूमिका संदिग्ध मिलने पर इन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया। सर्विलांस व अन्य स्रोत से जांच अब भी जारी है, कुछ और पुलिसकर्मी दोषी मिले तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
सीओ हाईवे करेंगे विवेचना
फरीदपुर प्रकरण में इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी अधिनियम व अन्य धाराओं में रिपोर्ट सीओ फरीदपुर गौरव सिंह की ओर से दर्ज कराई गई थी। इसलिए सीओ फरीदपुर ने खुद ही इस मामले में विवेचना किसी अन्य सक्षम अधिकारी से कराने का अनुरोध किया था।
एसपी दक्षिणी ने इसकी संस्तुति की तो एसएसपी ने फरीदपुर में दर्ज रिपोर्ट की विवेचना अब सीओ हाईवे नितिन कुमार को सौंप दी है। इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर अब उन्हीं के स्तर से साक्ष्यों का संकलन किया जाएगा।