पुलिस की पाठशाला: एसपी यातायात ने छात्राओं को पढ़ाया सुरक्षा का पाठ, साइबर अपराध से बचने के दिए टिप्स
Bareilly News: बरेली के शांतिकुंज गर्ल्स इंटर कॉलेज में अमर उजाला की ओर से मंगलवार को पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें एसपी यातायात अकमल खान ने छात्राओं को साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक किया।
विस्तार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपरिचितों से संपर्क नहीं करें। अगर फ्रेंड रिक्वेस्ट आए तो इसे नजरअंदाज करें। कोई ऑनलाइन परेशान कर रहा है तो उसे ब्लॉक करें या पुलिस की सहायता लें। यह बातें एसपी यातायात अकमल खान ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शांतिकुंज गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों को बताईं। कार्यक्रम अध्यक्षता प्रधानाचार्य राधिका चंद्र और संचालन अजय कुमार ने किया।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को यातायात सुरक्षा, साइबर अपराध व महिला सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। एसपी यातायात ने कहा कि किसी का पीछा करना या उसकी निगरानी करना अपराध की श्रेणी में आता है। अब समय के साथ अपराधी भी तकनीकी रूप से अपडेट हो गए हैं।
साइबर अपराध से बचने के लिए सावधानी जरूरी
वे साइबर स्टॉकिंग करते हैं, इसमें सोशल मीडिया के माध्यम से किसी की हर गतिविधि पर निगरानी रखना या तकनीक का इस्तेमाल कर पीछा करना है। यह भी अपराध की श्रेणी में आता है। इससे बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अज्ञात लोगों से बातचीत न करें।
बैंक कॉल पर नहीं करता केवाईसी
एसपी यातायात ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को फेक कॉल करते हैं। बैंककर्मी बनकर केवाईसी कराने के लिए आधार नंबर और ओटीपी मांगते हैं, जबकि बैंक कॉल के माध्यम से कोई भी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता है। इस तरह की कॉल करने वाले को तत्काल ब्लॉक करें, मांगी गई जानकारी देने पर आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। कहा कि अगर आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसके दुष्परिणाम और इनसे बचने के तरीके भी जानिए। साइबर संबंधी समस्या होने पर पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।
हेलमेट और सीट बेल्ट लगाना जरूरी
सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देकर एसपी ने कहा कि दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले को हेलमेट जरूर लगाना चाहिए। इसी तरह कार में सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें। सड़क हादसों में बड़ी संख्या में लोग सिर की चोट लगने से जान गवां देते हैं। ऐसे में विद्यार्थी बालिग होने पर पहले डीएल बनवाएं और उसके बाद वाहन चलाएं। अभिभावकों को भी जागरूक करें कि वे नियमों का पालन करें।
नियमों का पालन करें, न बनाएं बहाने
यातायात उपनिरीक्षक गजेंद्र शर्मा और टीएसआई देवेश कुमार ने कहा कि वाहनों की चेकिंग के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिलते हैं, जिनके पास हेलमेट होता है। उसे हाथ में फंसाकर वाहन चलाते हैं, इससे हादसा होने पर कोई बचाव नहीं हो सकता। चेकिंग के दौरान चालान किया जाता है, इसमें अधिकतर लोग नियम उल्लंघन करने के बाद बहाने बनाते मिलते हैं। कहा कि हेलमेट हमेशा बीआईएस मार्क वाला ही खरीदें।
इन बातों का रखें ध्यान
- किसी से भी ओटीपी साझा नहीं करें।
- अज्ञात लोगों से ऑनलाइन संपर्क नहीं करें।
- किसी लिंक पर क्लिक न करें, आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।
- व्यक्तिगत जानकारी अनजान से साझा नहीं करें।