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Bareilly News: धोखाधड़ी कर फर्जी नियुक्ति पर प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस
Tue, 14 Jul 2026 12:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 14 Jul 2026 12:12 AM IST
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नवाबगंज। भदपुरा ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ने फर्जी नियुक्ति कर पांच माह तक सरकारी स्कूल में पढ़ाए जाने के मामले में इंचार्ज प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनको एक सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया गया है।
बरखन गांव की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कोतवाली नवाबगंज में धोखाधड़ी की तहरीर दी थी। आरोप है कि एक युवक ने उनकी दोनों बेटियों की सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। अक्तूबर और दिसंबर 2025 में उसने नियुक्ति के नाम पर एक लाख रुपये लिए। युवक ने बिहारीपुर अब्दुल रहमान के प्राथमिक विद्यालय में फर्जी नियुक्ति पत्र दिए। उसने विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक से सांठगांठ कर दोनों बेटियों की नियुक्ति करा दी। बेटियों ने करीब पांच माह तक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया लेकिन वेतन नहीं मिला। आरोप है कि वेतन मांगने पर प्रधानाध्यापक और आरोपी युवक टालमटोल की। बाद में जानकारी हुई कि नियुक्ति पत्र फर्जी थे और उनसे धोखाधड़ी हुई है। संवाद
वर्जन,
मामला संज्ञान में आने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे एक सप्ताह में नोटिस का जवाब देने का आदेश दिया है। विभागीय जांच भी कराई जा रही है। - विजय कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी
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बरखन गांव की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कोतवाली नवाबगंज में धोखाधड़ी की तहरीर दी थी। आरोप है कि एक युवक ने उनकी दोनों बेटियों की सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। अक्तूबर और दिसंबर 2025 में उसने नियुक्ति के नाम पर एक लाख रुपये लिए। युवक ने बिहारीपुर अब्दुल रहमान के प्राथमिक विद्यालय में फर्जी नियुक्ति पत्र दिए। उसने विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक से सांठगांठ कर दोनों बेटियों की नियुक्ति करा दी। बेटियों ने करीब पांच माह तक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया लेकिन वेतन नहीं मिला। आरोप है कि वेतन मांगने पर प्रधानाध्यापक और आरोपी युवक टालमटोल की। बाद में जानकारी हुई कि नियुक्ति पत्र फर्जी थे और उनसे धोखाधड़ी हुई है। संवाद
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वर्जन,
मामला संज्ञान में आने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे एक सप्ताह में नोटिस का जवाब देने का आदेश दिया है। विभागीय जांच भी कराई जा रही है। - विजय कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी
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