Bareilly News: सेल्समैन के पैरों में चप्पल देख मांगी एक लाख की फिरौती, फिर ऐसे पकड़ा गया अपहरण का आरोपी
बरेली में शराब की दुकान के सेल्समैन को अगवा करने के आरोपी उमाशंकर ने पूछताछ में पुलिस को चौंकाने वाली बातें बताईं। आरोपी के मुताबिक साइड लगने पर हुई कहासुनी के बाद सेल्समैन को अगवा किया था। इसके बाद उससे फिरौती मांगी गई।
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बरेली में शराब की दुकान के सेल्समैन अभिषेक के अपहरण के मामले का खुलासा कर इज्जतनगर थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार आरोपी उमाशंकर का चालान कर दिया। इससे पहले पुलिस ने उससे पूछताछ की। उमाशंकर ने बताया कि पैरों में चप्पल देखकर उसको अभिषेक के गरीब होने का अहसास हो गया था। इसलिए एक लाख रुपये ही फिरौती मांगी थी। उसे नहीं पता था कि पुलिस उसकी बात सुन रही है। इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि उमाशंकर ने अपने साथियों और उस रात के घटनाक्रम की काफी जानकारी दी है। उसकी बातें कितनी सच हैं, ये बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद तय हो सकेगा। उमाशंकर ने बताया कि नौ मई की रात वह आकाश गंगवार, हरनेश और विमल के साथ कार से नवाबगंज से बरेली आ रहा था।
साइड लगने पर पीलीभीत बाइपास पर बाइक से जा रहे अभिषेक और उसके दोस्तों से कहासुनी हुई। उमाशंकर और उसके साथियों ने अभिषेक को जबरन कार में डाल लिया और उसके हाथ बांध दिए। कुछ दूर आगे बढ़कर विमल नाम के युवक ने फिरौती वसूलने का सुझाव दिया। आरोपियों ने पहले पांच लाख फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी। फिर अभिषेक के पैरों में चप्पल और उसके गिड़गिड़ाने से वे समझ गए कि वह गरीब है। फिर एक लाख रुपये मांगने पर ही रजामंदी बनी।
बचाव के लिए फूंक-फूंककर कदम रख रहे थे आरोपी
उमाशंकर ने बताया कि वह लोग काफी सावधानी बरत रहे थे कि पुलिस अगर उन्हें पकड़े भी तो कोई साक्ष्य न मिल सके। इसके लिए उन्होंने अभिषेक से कहा कि वह किसी भी परिजन या दोस्त को अपने मोबाइल से कॉल करे जो एक लाख रुपये दे सकता हो। अभिषेक ने ललित को कॉल करके परेशानी में होने की बात कही। तब उन लोगों ने अभिषेक से फोन लेकर दुर्घटना का बहाना बनाया और जल्दी एक लाख रुपये भेजने के लिए कहा। इधर, इंस्पेक्टर का कहना था कि दूसरी ओर ललित थाने में उन्हीं के पास बैठे थे तो इंस्पेक्टर खुद फोन पर आरोपियों से बात करने लगे। उन्हें बातों में उलझाने के लिए पहले एक लाख का इंतजाम करने के लिए समय मांगा। फिर पुलिस के कहने पर ही ललित ने भरोसा बढ़ाने के लिए ऑनलाइन पहले एक रुपये और फिर एक हजार रुपये भेजे।
ये है मामला
नौ मई की रात करीब साढ़े नौ बजे इज्जतनगर थाना प्रभारी सुरेश चंद्र गौतम को फन सिटी के पास से सेल्समैन अभिषेक के अपहरण की सूचना मिली। तत्काल दो पुलिस टीमें गठित की गई। दस मई को ललित की तहरीर पर अपहरण का मामला दर्ज हुआ। पुलिस टीम ने विलयधाम से पीलीभीत रोड पर एक सफेद कार का पीछा किया। गुलड़िया के जंगल में कार रोककर अभिषेक को सकुशल बचाया गया। पुलिस ने आरोपी उमाशंकर को गिरफ्तार किया। आकाश गंगवार, हरनेश गंगवार और विमल गंगवार भाग गए। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट ने जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपहरण में प्रयुक्त कार, दो मोबाइल फोन और अभिषेक के हाथ बांधने में इस्तेमाल टी-शर्ट भी बरामद की है।