Bareilly News: स्कूल ने परीक्षा देने से रोका तो छात्रा ने की आत्महत्या, पिता नहीं जमा कर पाए थे फीस
दुर्गा नगर निवासी अशोक मजदूरी कर अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उनकी बेटी नौवीं की छात्रा थी। आरोप है कि वह बेटी के स्कूल की फीस जमा नहीं कर पाए थे। इस पर स्कूल ने उसे परीक्षा देने से रोक दिया था।
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बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के दुर्गानगर में फीस जमा न कर पाने से स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को परीक्षा देने से रोका तो आहत छात्रा ने फंदे से लटककर जान दे दी। छात्रा घर के पास विद्यालय में ही पढ़ रही थी। छात्रा के ऑटो चालक पिता ने बताया कि उन्हें 25 हजार रुपये फीस जमा करनी थी, लेकिन किसी वजह से वह फीस जमा नहीं कर पाए थे।
बारादरी थाना क्षेत्र के दुर्गा नगर में किराये पर रहने वाले ऑटो ड्राइवर अशोक कुमार की 14 वर्षीय बेटी साक्षी गंगवार ने शुक्रवार सुबह घर में ही फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के दौरान पिता बाहर थे, जबकि मां कमलेश घर की सफाई में व्यस्त थीं। इसी दौरान साक्षी ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया।
मां की नहीं सुनी, लटक गई फंदे से
बेटी को फंदा लगाता देख मां कमलेश ने आवाज भी लगाई, लेकिन उसने नहीं सुनी। कमलेश ने अपने पति को कॉल करके जानकारी दी। अशोक पहुंचे और दरवाजे को तोड़ा तो अंदर कुंडे से साड़ी के सहारे साक्षी को लटका हुआ देखा। वह उसे लेकर जिला अस्पताल आए पर वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अशोक ने बताया कि वह लंबे समय से फीस जमा नहीं कर सके थे। इससे साक्षी को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। इससे वह निराश थी। जोगी नवादा चौकी प्रभारी सुशील कुमार ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बारादरी इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह ने बताया कि फिलहाल कोई आरोप या तहरीर नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है।
'आत्महत्या के पीछे अन्य कोई वजह'
सूरजमुखी सरस्वती विद्या मंदिर के प्रबंधक मंगला प्रसाद अवस्थी ने बताया कि छात्रा के आत्महत्या करने के पीछे कोई अन्य वजह है, जिसकी जांच होनी चाहिए। वह 2019 से विद्यालय में पढ़ रही थी। आज तक विद्यालय को उसकी फीस नहीं मिली। इस साल छात्रा नौवीं और उसका भाई हाईस्कूल की परीक्षा दे रहा था।
दोनों भाई बहनों की फीस इस बार भी नहीं आई थी। इसके बाद भी स्कूल ने दोनों को परीक्षा देने से नहीं रोका। छात्रा आखिरी बार 23 फरवरी को पहला पेपर देने आई थी उसके बाद से स्कूल नहीं आई है। आत्महत्या के पीछे की किसी अन्य वजह को स्कूल पर मढ़ा जा रहा है।