{"_id":"5dc86a2b8ebc3e5b181617a8","slug":"religion-bareilly-news-bly383574043","type":"story","status":"publish","title_hn":"खानकाह शराफतिया की ओर से पेश की बशीर मियां की दरगाह पर चादर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खानकाह शराफतिया की ओर से पेश की बशीर मियां की दरगाह पर चादर
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बरेली। हजरत शाह शराफत मियां के कुल अगले रोज रविवार को खानकाह शरीफ से चादरों का जुलूस हजरत बशीर मियां दरगाह पर पहुंचा। जहां चादरों को पेश किया गया। इस चादर को लेकर सकलैनियों का भारी काफिला जुलूस के रूप में सड़कों से गुजरा।
बाहर रवीउन्नूर जश्ने ईद मिलादुन्नबी के नूरानी व मुकद्दस मौके जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस पीरो मुर्शिद शाह सकलैन मियां की सरपरस्ती में निकाला गया। जो शाहबाद से कोड़ापीर से होता हुआ गुलाबनगर स्थित हजरत बशीर मियां की दरगाह पर पहुंचा। इसमें सकलैन मियां हुजूर भारी अकीदतमंदों काफिले के बीच बग्घी पर सवार थे। जुलूस के दरगाह पहुंचने पर चादर फूल पेश किए गए। इसके बाद नबी-ए-करीम के पाक तबर्रुकात के साथ हजरत बशीर मियां, हजरत शाह जी मियां सहित यहां के तमाम बुजुर्गों के भी तबर्रुकात की जियारत कराई गई।
इस दौरान हाजी मोहम्मद गाजी मियां, हाजी मुमताज मियां, हाजी मुंतखब मियां, मोहम्मद गौसी मियां, सादिकैन मियां, मोहम्मद हमजा सकलैनी, मुनीफ सकलैनी आदि मौजूद रहे। जियारत के बाद मियां हुजूर बग्घी पर शाहबाद स्थित खानकाह वापस आए। जुलूस के दौरान रास्ते में जगह जगह गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
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बाहर रवीउन्नूर जश्ने ईद मिलादुन्नबी के नूरानी व मुकद्दस मौके जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस पीरो मुर्शिद शाह सकलैन मियां की सरपरस्ती में निकाला गया। जो शाहबाद से कोड़ापीर से होता हुआ गुलाबनगर स्थित हजरत बशीर मियां की दरगाह पर पहुंचा। इसमें सकलैन मियां हुजूर भारी अकीदतमंदों काफिले के बीच बग्घी पर सवार थे। जुलूस के दरगाह पहुंचने पर चादर फूल पेश किए गए। इसके बाद नबी-ए-करीम के पाक तबर्रुकात के साथ हजरत बशीर मियां, हजरत शाह जी मियां सहित यहां के तमाम बुजुर्गों के भी तबर्रुकात की जियारत कराई गई।
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इस दौरान हाजी मोहम्मद गाजी मियां, हाजी मुमताज मियां, हाजी मुंतखब मियां, मोहम्मद गौसी मियां, सादिकैन मियां, मोहम्मद हमजा सकलैनी, मुनीफ सकलैनी आदि मौजूद रहे। जियारत के बाद मियां हुजूर बग्घी पर शाहबाद स्थित खानकाह वापस आए। जुलूस के दौरान रास्ते में जगह जगह गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
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