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ताजिएदारी का सिलसिला शबाब पर
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दिनभर गश्त करते रहे तख्तो ताजियों के जुलूस, आज शाहदाना चौक पर होंगे इकट्ठे
बरेली। ताजिएदारी शबाब पर है। मोहर्रम की शनिवार को सात तारीख को तख्तों के जुलूस दिन भर शहर में गश्त करते रहे। पुराना शहर से लेकर किला तक मोहर्रमदारी का माहौल दिखा। रविवार को पुराना शहर के सभी तखत शाहदाना चौक पर एकत्र होंगे।
पुराना शहर के जगतपुर मोहन तलाब से तखत का जुलूस डॉ. कमाल मियां की सरपरस्ती में निकला। खानकाह नियाजिया से गत दिवस निकला जुलूस शनिवार को वापस इमामबाड़ा पहुंचा। सुभाषनगर के बब्बनपुरवा स्थित चुम्मन बी इमामबाड़े से जुलूसे हुसैनी रीति रिवाज से निकाला गया। इससे पहले चुम्मन बी के इमामबाड़े पर तमाम लोगों ने जियारत कर अलम आदि पेश किए, जिक्रे हुसैन की महफिल भी सजी जिसमें कर्बला का मंजर बयान किया गया। जनसेवा टीम के पम्मी खान वारसी, हाजी नौशाद अली खां, नसीम अहमद खां आदि ने लंगर किया।
इसके बाद चुम्मन बी के तखत का जुलूस निकाला गया। इमामबाड़े पर सलामी के बाद मन्नतों मुराद के अलम पेश किए गए। जुलूस के निर्धारित मार्गों से होते हुए मुस्तफा नगर पहुंचा जहां लंगर और सबील लगाई गई। जुलूस का कई जगह स्वागत किया गया ।
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बरेली। ताजिएदारी शबाब पर है। मोहर्रम की शनिवार को सात तारीख को तख्तों के जुलूस दिन भर शहर में गश्त करते रहे। पुराना शहर से लेकर किला तक मोहर्रमदारी का माहौल दिखा। रविवार को पुराना शहर के सभी तखत शाहदाना चौक पर एकत्र होंगे।
पुराना शहर के जगतपुर मोहन तलाब से तखत का जुलूस डॉ. कमाल मियां की सरपरस्ती में निकला। खानकाह नियाजिया से गत दिवस निकला जुलूस शनिवार को वापस इमामबाड़ा पहुंचा। सुभाषनगर के बब्बनपुरवा स्थित चुम्मन बी इमामबाड़े से जुलूसे हुसैनी रीति रिवाज से निकाला गया। इससे पहले चुम्मन बी के इमामबाड़े पर तमाम लोगों ने जियारत कर अलम आदि पेश किए, जिक्रे हुसैन की महफिल भी सजी जिसमें कर्बला का मंजर बयान किया गया। जनसेवा टीम के पम्मी खान वारसी, हाजी नौशाद अली खां, नसीम अहमद खां आदि ने लंगर किया।
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इसके बाद चुम्मन बी के तखत का जुलूस निकाला गया। इमामबाड़े पर सलामी के बाद मन्नतों मुराद के अलम पेश किए गए। जुलूस के निर्धारित मार्गों से होते हुए मुस्तफा नगर पहुंचा जहां लंगर और सबील लगाई गई। जुलूस का कई जगह स्वागत किया गया ।
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