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यात्री भड़के, आग लगा देंगे तब चलाई ‘रोजा’
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Mon, 16 Apr 2018 06:50 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेंमो
मालगाड़ियां गुजारने के लिए बरेली-रोजा पैसेंजर (बीआर) को फतेहगंज पूर्वी में करीब दो घंटे रोका गया तो दैनिक यात्री भड़क गए। हंगामा करते हुए, स्टेशन मास्टर को घेर लिया और कहा कि ट्रेन में आग लगा देंगे। इसके बाद ट्रेन को चलाया गया।
रविवार को सुबह आठ बजे बिलपुर स्टेशन पर रोजा-बरेली पैसेंजर पहुंची। यात्रियों का मानना था कि रोजाना की तरह ट्रेन दस बजे तक बरेली पहुंच जाएगी और वह समय से आफिस पहुंच जाएंगे। ट्रेन ज्यादा देर रुकी तो यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद एक के बाद एक चार मालगाड़ियां भी गुजर गईं। पांचवीं ट्रेन गुजारने के लिए सिग्नल दिया गया तो यात्री भड़क गए। दैनिक यात्रियों के साथ अन्य यात्री हंगामा करते हुए स्टेशन मास्टर आफिस पहुंच गए। बिलपुर के स्टेशन अधीक्षक एचआर मीना को आडे़ हाथों लेते हुए वहां भी जमकर हंगामा किया और ट्रेन को रोकने पर नाराजगी जताई। कामर्शियल कंट्रोल के अधिकारियों को भी काफी खरी-खोटी सुनाई। यात्री बोले कि दो घंटे से ट्रेन खड़ी है, अगर अब भी पास नहीं किया तो आग लगा देंगे। मामला खराब होते देख स्टेशन मास्टर ने रन थ्रू ट्रेन का सिग्नल फिर से रेड कर दिया। इसके बाद यात्री शांत हो गए। सुबह दस बजे ट्रेन को वहां से रवाना किया गया।
मालगाड़ियां गुजारने से यात्रियों में रोष
छोटे स्टेशनों के यात्रियों का कहना है कि रेलवे पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बंद करने की साजिश रच रहा है। पैसेंजर ट्रेनों के संचालन से सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड नहीं बन पाती है। रेलवे अफसर यात्री गाड़ियों के चलाने से कम फायदे का दावा अक्सर करते हैं। इसी वजह से सवारी गाड़ियों की अपेक्षा मालगाड़ियों को तरजीह दी रही है। इसके चलते ही एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को तक रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता से गुजारा जा रहा है।
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रविवार को सुबह आठ बजे बिलपुर स्टेशन पर रोजा-बरेली पैसेंजर पहुंची। यात्रियों का मानना था कि रोजाना की तरह ट्रेन दस बजे तक बरेली पहुंच जाएगी और वह समय से आफिस पहुंच जाएंगे। ट्रेन ज्यादा देर रुकी तो यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद एक के बाद एक चार मालगाड़ियां भी गुजर गईं। पांचवीं ट्रेन गुजारने के लिए सिग्नल दिया गया तो यात्री भड़क गए। दैनिक यात्रियों के साथ अन्य यात्री हंगामा करते हुए स्टेशन मास्टर आफिस पहुंच गए। बिलपुर के स्टेशन अधीक्षक एचआर मीना को आडे़ हाथों लेते हुए वहां भी जमकर हंगामा किया और ट्रेन को रोकने पर नाराजगी जताई। कामर्शियल कंट्रोल के अधिकारियों को भी काफी खरी-खोटी सुनाई। यात्री बोले कि दो घंटे से ट्रेन खड़ी है, अगर अब भी पास नहीं किया तो आग लगा देंगे। मामला खराब होते देख स्टेशन मास्टर ने रन थ्रू ट्रेन का सिग्नल फिर से रेड कर दिया। इसके बाद यात्री शांत हो गए। सुबह दस बजे ट्रेन को वहां से रवाना किया गया।
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मालगाड़ियां गुजारने से यात्रियों में रोष
छोटे स्टेशनों के यात्रियों का कहना है कि रेलवे पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बंद करने की साजिश रच रहा है। पैसेंजर ट्रेनों के संचालन से सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड नहीं बन पाती है। रेलवे अफसर यात्री गाड़ियों के चलाने से कम फायदे का दावा अक्सर करते हैं। इसी वजह से सवारी गाड़ियों की अपेक्षा मालगाड़ियों को तरजीह दी रही है। इसके चलते ही एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को तक रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता से गुजारा जा रहा है।
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