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Bareilly News: ओपीडी में मरीजों की कतार, निर्माण कार्यों से आवाजाही प्रभावित
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बरेली। जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे मरीजों को वहां चल रहे निर्माण कार्यों की वजह से जूझना पड़ा। निर्माणाधीन सीसी सड़क पर पानी भरे होने से मरीजों को पर्चा काउंटर से दस मीटर दूर ओपीडी तक पहुंचने के लिए 300 मीटर का सफर तय करना पड़ा। कई जलभराव से होकर भी गुजरे।
सोमवार को जिला अस्पताल, महिला अस्पताल में मरीजों की कतार लगी रही। धूप से बचने के लिए कई मरीज सुबह सात बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे। डॉक्टर पांच-दस मिनट की देरी से ओपीडी में पहुंचे। एडी एसआईसी कार्यालय से सीएमओ कार्यालय जाने वाले मार्ग पर निर्माण सामग्री रखी गई थी। ओपीडी और पर्चा काउंटर के बीच सीसी सड़क बनाकर पानी भर दिया गया था। इससे आवाजाही प्रभावित रही। जो मरीज पानी से बचकर ओपीडी पहुंचे, उन्हें वापस एडी एसआईसी कार्यालय से महिला अस्पताल की ओर होते हुए पैथोलॉजी तक की दूरी तय करनी पड़ी।
सोमवार को जिला अस्पताल में 14 सौ, तीन सौ बेड अस्पताल में 654 और महिला अस्पताल में चार सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सतीश चंद्रा के मुताबिक ओपीडी में सर्वाधिक मरीज उल्टी, दस्त और डायरिया के रहे। त्वचा व नेत्र रोगी भी पहुंचे थे। उन्हें दवाएं और गर्मी से बचाव का परामर्श दिया गया।
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भीषण गर्मी की वजह से जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को ओपीडी में 140 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इसमें डायरिया की चपेट में सात बच्चे रहे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। वहीं, पूर्व में तेज बुखार की चपेट में भर्ती रहे बच्चे स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिए गए। अस्पताल प्रशासन वार्ड में चार बेड बढ़ाए जाने की तैयारी कर रहा है।
सीएमओ कार्यालय में सोमवार को आयोजित शिविर में 59 दिव्यांग पहुंचे थे। डॉक्टर तय समय पर बैठे। आवेदकों की दिव्यांगता संंबंधी जांच दोपहर दो बजे तक हुई। 48 दिव्यांगों का प्रमाणपत्र जारी किया गया। वहीं, निर्माण कार्यों की वजह से दिव्यांगों को भी खासी परेशानी हुई। परिजन उन्हें रास्ता पार कराते रहे। कुछेक की मदद राहगीरों ने भी की।
गर्मी में डिहाइड्रेशन, डायरिया, नेत्र और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं। बच्चा वार्ड में अब चार बेड बढ़ाए जाएंगे। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों की बीमारी को नजरंदाज न करें। डॉक्टर को दिखाएं। - डॉ. अलका शर्मा, एडी एसआईसी, जिला अस्पताल
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सोमवार को जिला अस्पताल, महिला अस्पताल में मरीजों की कतार लगी रही। धूप से बचने के लिए कई मरीज सुबह सात बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे। डॉक्टर पांच-दस मिनट की देरी से ओपीडी में पहुंचे। एडी एसआईसी कार्यालय से सीएमओ कार्यालय जाने वाले मार्ग पर निर्माण सामग्री रखी गई थी। ओपीडी और पर्चा काउंटर के बीच सीसी सड़क बनाकर पानी भर दिया गया था। इससे आवाजाही प्रभावित रही। जो मरीज पानी से बचकर ओपीडी पहुंचे, उन्हें वापस एडी एसआईसी कार्यालय से महिला अस्पताल की ओर होते हुए पैथोलॉजी तक की दूरी तय करनी पड़ी।
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सोमवार को जिला अस्पताल में 14 सौ, तीन सौ बेड अस्पताल में 654 और महिला अस्पताल में चार सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सतीश चंद्रा के मुताबिक ओपीडी में सर्वाधिक मरीज उल्टी, दस्त और डायरिया के रहे। त्वचा व नेत्र रोगी भी पहुंचे थे। उन्हें दवाएं और गर्मी से बचाव का परामर्श दिया गया।
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भीषण गर्मी की वजह से जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को ओपीडी में 140 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इसमें डायरिया की चपेट में सात बच्चे रहे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। वहीं, पूर्व में तेज बुखार की चपेट में भर्ती रहे बच्चे स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिए गए। अस्पताल प्रशासन वार्ड में चार बेड बढ़ाए जाने की तैयारी कर रहा है।
सीएमओ कार्यालय में सोमवार को आयोजित शिविर में 59 दिव्यांग पहुंचे थे। डॉक्टर तय समय पर बैठे। आवेदकों की दिव्यांगता संंबंधी जांच दोपहर दो बजे तक हुई। 48 दिव्यांगों का प्रमाणपत्र जारी किया गया। वहीं, निर्माण कार्यों की वजह से दिव्यांगों को भी खासी परेशानी हुई। परिजन उन्हें रास्ता पार कराते रहे। कुछेक की मदद राहगीरों ने भी की।
गर्मी में डिहाइड्रेशन, डायरिया, नेत्र और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं। बच्चा वार्ड में अब चार बेड बढ़ाए जाएंगे। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों की बीमारी को नजरंदाज न करें। डॉक्टर को दिखाएं। - डॉ. अलका शर्मा, एडी एसआईसी, जिला अस्पताल