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Bareilly News: निलंबन का विरोध, शिक्षकों ने परीक्षा फॉर्म जमा करने से किया इन्कार
Wed, 14 Oct 2026 12:59 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:59 AM IST
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बरेली। बरेली कॉलेज के गणित विभाग में असाइनमेंट से जुड़ीं अनियमितताओं के मामले में तीन शिक्षकों के निलंबन का विरोध शुरू हो गया है। शिक्षकों ने परीक्षा फॉर्म जमा करने से भी इन्कार कर दिया।
बरेली कॉलेज शिक्षक संघ, कर्मचारी समन्वय समिति ने मंगलवार को एक आपात बैठक की। बैठक के बाद सभी शिक्षक कर्मचारी मिलकर प्राचार्य से मिले। गणित विभाग के प्रो. स्वदेश सिंह, प्रो. पूनम सिंह और डॉ. हनुमान वर्मा के निलंबन के फैसले को गलत बताया।
शिक्षकों ने प्राचार्य से कहा कि विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म जमा करने का कार्य अब शिक्षक नहीं करेंगे। संघ के सचिव प्रो. वीपी सिंह ने कहा कि जिस तरह से हर शिक्षक की बायोमीट्रिक अनिवार्य है उसी तरह से विद्यार्थियों की बायोमीट्रिक कराई जाए।
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कहा कि जब छात्रवृत्ति का मामला आता है तो शिक्षकों पर 75 प्रतिशत से कम अनुपस्थिति वाले विद्यार्थियों के फाॅर्म पर हस्ताक्षर कर फर्जी सत्यापन का दबाव बनाया जाता। कहा कि शिक्षक केवल पठन-पाठन का कार्य करेंगे परीक्षा फॉर्म जमा कराना शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं है।
वीपी सिंह ने कहा कि सोमवार को निलंबित हुए तीन शिक्षकों का निलंबन पूर्ण रूप से गलत है। इसे वापस लेना होगा, क्योंकि ये मिडटर्म परीक्षाएं हैं, इन्हें कैसे कराना है और विद्यार्थी को अंक कैसे देने हैं ये पूर्ण रूप से शिक्षक पर ही निर्भर करता है। विश्वविद्यालय की ओर से भी इसको लेकर निर्देश जारी हैं।
पठन-पाठन की प्रक्रिया में प्रबंध समिति हस्तक्षेप नहीं करती। निलंबन गलत है। इसे वापस लिया जाए। शिक्षक संघ के सचिव ने बताया कि मांगों को लेकर बुधवार को काली पट्टी बांधकर काम किया जाएगा। बृहस्पतिवार को सामूहिक अवकाश लेकर शिक्षक प्रदर्शन करेंगे।
निलंबन अवधि में बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य
बरेली। बीएससी के अमूल्यांकित मिडटर्म असाइनमेंट से जुड़े मामले में प्रबंध समिति ने गणित विभाग के तीन प्रोफेसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें स्वदेश सिंह, पूनम सिंह और असिस्टेंट प्रोफेसर हनुमान वर्मा शामिल हैं।
तीनों को रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिनियम की धाराओं के तहत दोषी पाया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राचार्य कार्यालय से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में तीनों शिक्षकों को आने-जाने के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, निलंबन के बाद उन्हें आरोपपत्र भी जारी किए जाएंगे। यह मामला गणित विभाग में रखे बीएससी चतुर्थ एवं षष्ठम सेमेस्टर के अमूल्यांकित असाइनमेंट से संबंधित था। डॉ. हनुमान वर्मा ने इस गलती को लिखित रूप से स्वीकार किया इसके बाद ये फैसला किया गया। गणित विभाग के प्रभारी आरिफ नदीम के प्राचार्य ओमप्रकाश राय को पत्र भेजने पर पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। वहीं, गणित विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सुदेश सिंह पर दो और जांचें चल रही हैं। एमएससी के छात्र रहे स्वतंत्र दीक्षित ने दो मामलों में प्रो. सुदेश सिंह की शिकायत की है। इसमें एक मामला कम अंक देने व दूसरा मामला पीजी फोरम के रुपये निजी खाते में देने को लेकर चल रही है।
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बरेली कॉलेज शिक्षक संघ, कर्मचारी समन्वय समिति ने मंगलवार को एक आपात बैठक की। बैठक के बाद सभी शिक्षक कर्मचारी मिलकर प्राचार्य से मिले। गणित विभाग के प्रो. स्वदेश सिंह, प्रो. पूनम सिंह और डॉ. हनुमान वर्मा के निलंबन के फैसले को गलत बताया।
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शिक्षकों ने प्राचार्य से कहा कि विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म जमा करने का कार्य अब शिक्षक नहीं करेंगे। संघ के सचिव प्रो. वीपी सिंह ने कहा कि जिस तरह से हर शिक्षक की बायोमीट्रिक अनिवार्य है उसी तरह से विद्यार्थियों की बायोमीट्रिक कराई जाए।
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कहा कि जब छात्रवृत्ति का मामला आता है तो शिक्षकों पर 75 प्रतिशत से कम अनुपस्थिति वाले विद्यार्थियों के फाॅर्म पर हस्ताक्षर कर फर्जी सत्यापन का दबाव बनाया जाता। कहा कि शिक्षक केवल पठन-पाठन का कार्य करेंगे परीक्षा फॉर्म जमा कराना शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं है।
वीपी सिंह ने कहा कि सोमवार को निलंबित हुए तीन शिक्षकों का निलंबन पूर्ण रूप से गलत है। इसे वापस लेना होगा, क्योंकि ये मिडटर्म परीक्षाएं हैं, इन्हें कैसे कराना है और विद्यार्थी को अंक कैसे देने हैं ये पूर्ण रूप से शिक्षक पर ही निर्भर करता है। विश्वविद्यालय की ओर से भी इसको लेकर निर्देश जारी हैं।
पठन-पाठन की प्रक्रिया में प्रबंध समिति हस्तक्षेप नहीं करती। निलंबन गलत है। इसे वापस लिया जाए। शिक्षक संघ के सचिव ने बताया कि मांगों को लेकर बुधवार को काली पट्टी बांधकर काम किया जाएगा। बृहस्पतिवार को सामूहिक अवकाश लेकर शिक्षक प्रदर्शन करेंगे।
निलंबन अवधि में बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य
बरेली। बीएससी के अमूल्यांकित मिडटर्म असाइनमेंट से जुड़े मामले में प्रबंध समिति ने गणित विभाग के तीन प्रोफेसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें स्वदेश सिंह, पूनम सिंह और असिस्टेंट प्रोफेसर हनुमान वर्मा शामिल हैं।
तीनों को रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिनियम की धाराओं के तहत दोषी पाया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राचार्य कार्यालय से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में तीनों शिक्षकों को आने-जाने के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, निलंबन के बाद उन्हें आरोपपत्र भी जारी किए जाएंगे। यह मामला गणित विभाग में रखे बीएससी चतुर्थ एवं षष्ठम सेमेस्टर के अमूल्यांकित असाइनमेंट से संबंधित था। डॉ. हनुमान वर्मा ने इस गलती को लिखित रूप से स्वीकार किया इसके बाद ये फैसला किया गया। गणित विभाग के प्रभारी आरिफ नदीम के प्राचार्य ओमप्रकाश राय को पत्र भेजने पर पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। वहीं, गणित विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सुदेश सिंह पर दो और जांचें चल रही हैं। एमएससी के छात्र रहे स्वतंत्र दीक्षित ने दो मामलों में प्रो. सुदेश सिंह की शिकायत की है। इसमें एक मामला कम अंक देने व दूसरा मामला पीजी फोरम के रुपये निजी खाते में देने को लेकर चल रही है।