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Bareilly News: सिंथेटिक ट्रैक की स्थायी मरम्मत कराने की तैयारी
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अस्थायी समाधान कारगर नहीं, अब कार्यदायी संस्था को भेजा जाएगा पत्र
बरेली। स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सिंथेटिक ट्रैक पांच महीनों में ही खराब होने लगा है। एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर की सुविधा देने के उद्देश्य से बनाया गया यह ट्रैक अब खिलाड़ियों के लिए खतरा बनता जा रहा है। अस्थायी समाधान कारगर न होने पर अब कार्यदायी संस्था यूपी सिडको को पत्र लिखकर स्थायी मरम्मत के लिए कहा जाएगा।
ट्रैक में लगे रबर के दानों के लगातार उखड़ने से सतह असमतल होती जा रही है। कई हिस्सों में पैच वर्क कराना पड़ा, लेकिन पैच भी कुछ ही दिनों में ढीले पड़ गए। खिलाड़ियों के मुताबिक पूरे ट्रैक पर रबर के टूटे दाने रेत की तरह बिखरे हुए हैं। यह स्थिति दौड़ते समय फिसलने और चोटिल होने का खतरा बढ़ा रही है।
ट्रैक की खराबी को लेकर कई बार अधिकारियों को सूचित किया गया। आरएसओ चंचल मिश्रा ने बताया कि चूंकि हम नोडल नहीं हैं, ऐसे में नोटिस देने का अधिकार हमारे पास नहीं है। हालांकि, पहले भी कार्यदायी संस्था को सूचित किया गया था, इसके बाद कुछ हिस्सों में पैच लगाकर मरम्मत की गई। कहा कि ट्रैक की वर्तमान स्थिति को फिर से पत्र भेजा जाएगा। संवाद
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बरेली। स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सिंथेटिक ट्रैक पांच महीनों में ही खराब होने लगा है। एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर की सुविधा देने के उद्देश्य से बनाया गया यह ट्रैक अब खिलाड़ियों के लिए खतरा बनता जा रहा है। अस्थायी समाधान कारगर न होने पर अब कार्यदायी संस्था यूपी सिडको को पत्र लिखकर स्थायी मरम्मत के लिए कहा जाएगा।
ट्रैक में लगे रबर के दानों के लगातार उखड़ने से सतह असमतल होती जा रही है। कई हिस्सों में पैच वर्क कराना पड़ा, लेकिन पैच भी कुछ ही दिनों में ढीले पड़ गए। खिलाड़ियों के मुताबिक पूरे ट्रैक पर रबर के टूटे दाने रेत की तरह बिखरे हुए हैं। यह स्थिति दौड़ते समय फिसलने और चोटिल होने का खतरा बढ़ा रही है।
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ट्रैक की खराबी को लेकर कई बार अधिकारियों को सूचित किया गया। आरएसओ चंचल मिश्रा ने बताया कि चूंकि हम नोडल नहीं हैं, ऐसे में नोटिस देने का अधिकार हमारे पास नहीं है। हालांकि, पहले भी कार्यदायी संस्था को सूचित किया गया था, इसके बाद कुछ हिस्सों में पैच लगाकर मरम्मत की गई। कहा कि ट्रैक की वर्तमान स्थिति को फिर से पत्र भेजा जाएगा। संवाद
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