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जुलूस को लेकर शिवसेना के दो नेताओं में तलवारें खिंची
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बरेली। सावन के आखिरी सोमवार 12 अगस्त को निकलने वाले जुलूस को लेकर शिवसेना के दो नेताओं में तलवारें खिंच गई हैं। दोनों खुद को जिला प्रमुख होने का दावा कर रहे हैं। इन दोनों की ओर से जुलूस की अनुमति के लिए आवेदन किया गया है। टकराव को देखते हुए पुलिस और खुफिया विभाग वाले अलर्ट हो गए हैं।
सावन के आखिरी सोमवार को अलख नाथ मंदिर से बाइक जुलूस निकाला जाता है। जुलूस में शामिल लोग अलखनाथ के बाद तपेश्वर नाथ समेत सातो नाथ (मंदिरों) जलाभिषेक करते हैं। यह परंपरा वर्ष 2007 में विद्यार्थी सेना ने शुरू की थी। उस दौरान पंकज पाठक विद्यार्थी सेना के महानगर प्रमुख थे। इस बार जुलूस को लेकर टकराव पैदा हो गया। पंकज पाठक खुद को शिवसेना का जिला प्रमुख बताकर जुलूस निकालने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने जुलूस निकालने की अनुमति के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के यहां आवेदन किया गया है। पंकज का दावा है कि उन्हें जिला प्रमुख शिवसेना की पश्चिमी यूपी इकाई के प्रमुख ललित मोहन शर्मा ने नियुक्त किया है। जबकि बंटू सिंह खुद को जिला प्रमुख बता रहे हैं। बंटू का दावा है कि उन्हें राज्य प्रमुख अनिल सिंह ने जिला प्रमुख बनाया है। उनकी ओर से भी सिटी मजिस्ट्रेट के यहां जुलूस की अनुमति के लिए आवेदन किया गया है।
टकराव के चलते 24 जुलाई को एसपी सिटी कार्यालय में दोनों पक्षों को बुलाकर समझौते की कोशिश की गई थी, लेकिन बात नहीं बनी। इसमें खुफिया विभाग के एक अधिकारी भी शामिल रहे थे। पंकज पाठक ने सोमवार को कमिश्नर और डीआईजी से मिलकर अपना पक्ष रखा। इससे पहले वह एसएसपी से मिले थे। खुफिया विभाग इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। उधर, एसएसपी ने यह मामला सुलझाने की जिम्मेदारी एसपी सिटी को दी है।
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कोतवाल पर पक्षपात का आरोप
पंकज पाठक ने कोतवाल गीतेश कपिल पर पक्षपात का आरोप लगाया है। आरोप है कि उन्हें झूठा मुकदमा दर्ज कर दोबारा जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।
दोनों पक्षों में सहमति की कोशिश की जा रही है। सहमति नहीं बनी तो जुलूस निकालने की अनुमति दोनों में किसी को नहीं दी जाएगी। - राजेश पांडेय, डीआईजी
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सावन के आखिरी सोमवार को अलख नाथ मंदिर से बाइक जुलूस निकाला जाता है। जुलूस में शामिल लोग अलखनाथ के बाद तपेश्वर नाथ समेत सातो नाथ (मंदिरों) जलाभिषेक करते हैं। यह परंपरा वर्ष 2007 में विद्यार्थी सेना ने शुरू की थी। उस दौरान पंकज पाठक विद्यार्थी सेना के महानगर प्रमुख थे। इस बार जुलूस को लेकर टकराव पैदा हो गया। पंकज पाठक खुद को शिवसेना का जिला प्रमुख बताकर जुलूस निकालने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने जुलूस निकालने की अनुमति के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के यहां आवेदन किया गया है। पंकज का दावा है कि उन्हें जिला प्रमुख शिवसेना की पश्चिमी यूपी इकाई के प्रमुख ललित मोहन शर्मा ने नियुक्त किया है। जबकि बंटू सिंह खुद को जिला प्रमुख बता रहे हैं। बंटू का दावा है कि उन्हें राज्य प्रमुख अनिल सिंह ने जिला प्रमुख बनाया है। उनकी ओर से भी सिटी मजिस्ट्रेट के यहां जुलूस की अनुमति के लिए आवेदन किया गया है।
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टकराव के चलते 24 जुलाई को एसपी सिटी कार्यालय में दोनों पक्षों को बुलाकर समझौते की कोशिश की गई थी, लेकिन बात नहीं बनी। इसमें खुफिया विभाग के एक अधिकारी भी शामिल रहे थे। पंकज पाठक ने सोमवार को कमिश्नर और डीआईजी से मिलकर अपना पक्ष रखा। इससे पहले वह एसएसपी से मिले थे। खुफिया विभाग इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। उधर, एसएसपी ने यह मामला सुलझाने की जिम्मेदारी एसपी सिटी को दी है।
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कोतवाल पर पक्षपात का आरोप
पंकज पाठक ने कोतवाल गीतेश कपिल पर पक्षपात का आरोप लगाया है। आरोप है कि उन्हें झूठा मुकदमा दर्ज कर दोबारा जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।
दोनों पक्षों में सहमति की कोशिश की जा रही है। सहमति नहीं बनी तो जुलूस निकालने की अनुमति दोनों में किसी को नहीं दी जाएगी। - राजेश पांडेय, डीआईजी