Bareilly News: ठंड में ठिठुरते लोगों को रैन बसेरे तक पहुंचाएगी पुलिस, एसएसपी ने दिए निर्देश
शीतलहर में खुले आसमान के नीचे कंपकंपाते बुजुर्गों व असहाय लोगों को यूपी 112 रैन बसेरों तक छोड़ेगी। इसके लिए एसएसपी ने लिखित निर्देश जारी कर थानेदारों की भी जिम्मेदारी तय कर दी है।
विस्तार
बरेली में ठंड से बचाव के लिए नगर निगम ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के लिए जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। इसके लिए नगर आयुक्त की ओर से अपने कर्मचारियों की एक लिस्ट जारी की गई है। इसी क्रम में एसएसपी अनुराग आर्य ने भी अनूठी पहल की है।
एसएसपी ने जिले के सभी थानेदारों और यूपी 112 स्टाफ को सर्दी में गरीब असहाय लोगों की मदद के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पुलिसकर्मियों की बाकायदा ड्यूटी भी तय की है कि कहीं भी ठंड से परेशान लाचार व्यक्ति दिखे तो पुलिस अपनी गाड़ी से उसे नजदीकी रैन बसेरे तक पहुंचाए। जरूरत के मुताबिक उसके लिए कपड़े आदि की व्यवस्था भी कर दी जाए, जिससे सर्दी से बचाव हो सके।
रात में बढ़ी गलन
बरेली में रात का पारा गलन का अहसास कराने लगा है। दिन में सर्द हवा के चलते धूप बेअसर साबित हो रही है। जबकि, रविवार को न्यूनतम पारा छह डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन का तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने आगे भी तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। रात में बूंदाबांदी होने से गलन बढ़ गई है।
नाला सफाई करने वाली फर्म को दिया लकड़ियों का ठेक
54 सौ क्विंटल लकड़ियों से शहर की सर्दी दूर होगी। नगर निगम ने इसके लिए टेंडर तो कर दिया है, लेकिन इसमें झोल ही झोल नजर आ रहे हैं। वहीं, नगर निगम की सूची से इस बार तीन रैन बसेरे भी गायब हो गए हैं। ऐसे में इस बार व्यवस्था डांवाडोल नजर आ रही है।
पुरानी फर्म से विवाद की वजह से इस बार नाला सफाई करने वाली फर्म इम्तियाज को लकड़ियों की आपूर्ति का टेंडर दे दिया गया। इस फर्म के पास लकड़ियों की आपूर्ति का कोई अनुभव नहीं। बाजार में जहां 1,200 रुपये प्रति क्विंटल का रेट चल रहा है, वहीं टेंडर 735 रुपये की दर से दिया गया है।
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चर्चा यह भी है कि कम रेट की भरपाई मात्रा घटाकर की जाएगी। यानी, लकड़ियां कम मात्रा में डाली जाएंगी। इसमें सांठगांठ की बात भी सामने आ रही है। इस मामले में पक्ष जानने के लिए नगर निगम के मुख्य अभियंता को कॉल की गई, पर उन्होंने रिसीव नहीं की।
दूसरी ओर, निगम ने इस बार सात स्थायी और चार अस्थायी रैन बसेरों की सूची जारी की है। इसमें हजियापुर के दो स्थायी रैन बसेरों का जिक्र नहीं है। मथुरापुर सामुदायिक केंद्र का अस्थायी रैन बसेरा भी सूची से गायब है। अफसरों का तर्क है कि इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। इसके बदले दूसरे रैन बसेरों में व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं।
बाकरगंज, सैदपुर हॉकिंस, बदायूं रोड, पटेल चौक, हरूनगला, छोटी विहार, प्रेमनगर।
अस्थायी रैन बसेरे
चौपुला चौराहा, पुराना रोडवेज, सेटेलाइट, डेलापीर।