फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Parents' behavior is making Zen-G aggressive

Bareilly News: जेन-जी को आक्रामक बना रहा अभिभावकों का व्यवहार

Sat, 04 Oct 2025 02:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 04 Oct 2025 02:57 AM IST
विज्ञापन
Parents' behavior is making Zen-G aggressive
क्रोध में उठाए कदमों का पछतावा भी नहीं, मनोवैज्ञानिक केंद्र तक पहुंच रहे मामले
विज्ञापन

बरेली। जेन-जी निरंकुश भावनाओं और आक्रामकता की चपेट में हैं। उनको क्रोध के दौरान उठाए गए कदमों का पछतावा भी नहीं होता। मंडलीय मनोवैज्ञानिक केंद्र के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। यहां पहुंच रहे अभिभावक अपने बच्चों के आक्रामक व्यवहार से परेशान हैं। उनका कहना है जब वे बच्चों को डांटते हैं तो सुधारने के बजाय उनका व्यवहार आक्रामक हो जाता है। मनोवैज्ञानिक केंद्र की काउंसलर यशिका वर्मा इसे अभिभावकों के व्यवहार का असर बताती हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के गर्म मिजाज को देखकर बड़े हो रहे बच्चे युवावस्था में आक्रामक हो जाते हैं। काउंसलर रविंद्र कुमार ने बताया कि सितंबर में युवाओं की आक्रामकता के 12 मामले आए हैं।

प्रोफेसर ने डांटा तो चुरा लिया लैपटॉप
22 वर्षीय बेटे के साथ मनोवैज्ञानिक केंद्र आए अभिभावक ने बताया कि प्रोफेसर के डांटने पर बेटे ने क्लास से ही उनका लैपटॉप चोरी कर लिया। इसकी शिकायत मिलने पर उन्होंने बेटे से पूछताछ की। बेटे ने बताया कि उसने चोरी नहीं की, केवल लैपटॉप उठाया है, जिसे वह कल लौटा देता। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए पिता बेटे को मनोवैज्ञानिक केंद्र ले आए।
विज्ञापन

बेटे ने पिता को दे दिया धक्का
सुरेश शर्मा नगर निवासी अभिभावक अपने 16 वर्षीय बेटे को काउंसलिंग के लिए ले आए। पिता ने बताया एक दिन उन्होंने अपने बेटे को एक साधारण कार्य करने के लिए कहा, लेकिन वह इतने में ही बिगड़ गया। जब पिता ने दबाव बनाना चाहा तो बेटे ने उन्हें धक्का दे दिया। बाद में पूछने पर बेटे ने बताया जो मेरे साथ करेंगे, वैसा ही मैं भी करूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुझे अपने किए पर अफसोस नहीं
प्रेमनगर निवासी अभिभावक ने अपने 20 वर्षीय बेटे को किसी काम के लिए टोका तो वह आक्रामक हो गया। यहां भी जब पिता ने बेटे को मारना चाहा तो बेटे हे उन्हें धक्का दे दिया। काउंसलिंग में बेटे ने बताया कि पिता हमेशा मेरे साथ ऐसा ही व्यवहार करते हैं। कभी मुझ पर विश्वास नहीं किया। अब जो मैंने किया है, मुझे उसका अफसोस नहीं है।

बेटी का व्यवहार सामान्य नहीं
सुभाषनगर की महिला अपनी 14 वर्षीय बेटी को लेकर पहुंची। बताया कि बेटी दिन-रात फोन चलाती है। हालांकि, अब यह आम हो चला है, लेकिन मना करने पर बेटी कहती है कि अपनी जिंदगी वह अपने हिसाब से जिएगी। ऐसे शब्दों से आहत मां को लगा कि बेटी का व्यवहार सामान्य नहीं है। इसलिए उसकी काउंसलिंग करा रही है।
जानिए, क्या होता है जेन-जी
वर्ष 1997 से 2012 के बीच जन्मे बच्चे जेन-जी की श्रेणी में आते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed