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अब बारीनगला में 15 लाख प्रति बीघा से होगी खरीद, कतारपुर में विवादित निकली जमीन
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बरेली। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी लगाने के लिए प्रशासन जमीन का अधिग्रहण नहीं कर पा रहा है। ततारपुर में पहले सरकारी जमीन देखी गई थी, वह खाद के गड्ढे की जमीन निकलने से उसका स्थानांतरण नहीं हो पा रहा है, जबकि चौबारी के पास बारीनगला में एक किसान से करीब 13 बीघा जमीन के लिए 15 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन की खरीद तय हो गई है, जबकि दो अन्य जगहों पर सरकारी भूमि मिलने से प्रशासन उसका प्रस्ताव पहले से ही भेज चुका है।
नमामि गंगा परियोजना के तहत नालों का पानी सीधे नदियों में न मिले इसके लिए शहर में विभिन्न जगहों पर एसटीपी लगाई जानी हैै। एसटीपी लगाने के लिए चौबारी में करीब 0.8 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। यहां सरकारी भूमि न मिल पाने से चौबारी में बरीनगला के पास भूस्वामी सुरेश चंद्र और बाबूराम से यह भूमि खरीदने का प्रस्ताव तैयार हुआ है। यह किसान 15 लाख प्रति बीघा के हिसाब से जमीन देने को तैयार भी हो गए हैं। जल निगम के एक्सईएन ने एसएलएओ से इस पर मंजूरी दिलाने के लिए भूमि क्रय समिति को भी सूचना भेज दी है, जबकि एयरफोर्स के पास कतारपुर में जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पा रहा है। पहले यहां सरकारी भूमि देखी गई थी, लेकिन जांच में पता चला कि वहां भी खाद के गड्ढे थे, जो हस्तांतरणीय नहीं हैं। इसके बाद एक किसान की जमीन देखी गई, लेकिन वह भी विवादित निकली। इसलिए यहां जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। उधर, प्रशासन को एसटीपी के लिए हरूनगला और तुलाशेरपुर में सरकारी जमीन उपलब्ध हो गई है। यहां का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा चुका है।
बारीनगला में जमीन खरीदने की तैयारी हो रही है, जबकि कतारपुर में जिस किसान से जमीन लेनी थी वह विवादित होने से उसकी खरीद नहीं हो सकी है। इन दोनों मामलों का निपटारा जल्द होना है।
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-मदन कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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नमामि गंगा परियोजना के तहत नालों का पानी सीधे नदियों में न मिले इसके लिए शहर में विभिन्न जगहों पर एसटीपी लगाई जानी हैै। एसटीपी लगाने के लिए चौबारी में करीब 0.8 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। यहां सरकारी भूमि न मिल पाने से चौबारी में बरीनगला के पास भूस्वामी सुरेश चंद्र और बाबूराम से यह भूमि खरीदने का प्रस्ताव तैयार हुआ है। यह किसान 15 लाख प्रति बीघा के हिसाब से जमीन देने को तैयार भी हो गए हैं। जल निगम के एक्सईएन ने एसएलएओ से इस पर मंजूरी दिलाने के लिए भूमि क्रय समिति को भी सूचना भेज दी है, जबकि एयरफोर्स के पास कतारपुर में जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पा रहा है। पहले यहां सरकारी भूमि देखी गई थी, लेकिन जांच में पता चला कि वहां भी खाद के गड्ढे थे, जो हस्तांतरणीय नहीं हैं। इसके बाद एक किसान की जमीन देखी गई, लेकिन वह भी विवादित निकली। इसलिए यहां जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। उधर, प्रशासन को एसटीपी के लिए हरूनगला और तुलाशेरपुर में सरकारी जमीन उपलब्ध हो गई है। यहां का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा चुका है।
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बारीनगला में जमीन खरीदने की तैयारी हो रही है, जबकि कतारपुर में जिस किसान से जमीन लेनी थी वह विवादित होने से उसकी खरीद नहीं हो सकी है। इन दोनों मामलों का निपटारा जल्द होना है।
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-मदन कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी