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Bareilly News: 'माशाअल्लाह और नाम लिखे नकाब शरीयत के खिलाफ', मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने दिया बयान
Thu, 21 Nov 2024 09:38 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 21 Nov 2024 09:38 PM IST
सार
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि आजकल बाजार में नकाब को फैशन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। बाजार में ऐसे नकाब बिक रहे हैं, जिसके ऊपर माशाअल्लाह या नाम लिखा है, इस तरह नकाब इस्लाम में जायज नहीं हैं।
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
माशाअल्लाह या खुद का नाम लिखे डिजाइनर नकाब शरीयत के खिलाफ हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बृहस्पतिवार को यह बयान जारी किया। उन्होंने ऐसे नकाब बनाने वाली कंपनियों को भी चेताया है कि सिर्फ रुपये कमाने के लिए इस तरह के नकाब न बनाएं।
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मौलाना ने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को बहुत बड़ा मुकाम और हैसियत दी है। महिलाओं को घरों की जीनत बताया है। मुस्लिम औरतों के लिए पर्दा इसलिए जरूरी है, ताकि पुरुषों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित न हो। जबकि, डिजाइनर नकाब पहनने से बेवजह ही पुरुषों का ध्यान उस महिला की ओर आकर्षित हो जाता है। इसलिए, इस तरह का पर्दा इस्लाम में जायज नहीं है।
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ऐसे नकाब से सवाब नहीं, बल्कि गुनाह हो रहा है। इसलिए मुस्लिम महिलाओं से गुजारिश है कि वे इस तरह के नकाब का इस्तेमाल न करें, ताकि उनकी सादगी और पाकीजगी बनी रहे। मौलाना शहाबुद्दीन औरतों पर पहले भी कई बयान और फतवे दे चुके हैं।
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