फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   UP News: Mafia Ashraf S Brother In Law Saddam Had Made Arrangements For Umesh Pal Murder

UP: सद्दाम ने किए थे उमेश पाल की हत्या के लिए इंतजाम, वारदात से 15 दिन पहले किया था ये काम... खुले और भी राज

Sun, 01 Oct 2023 08:12 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 01 Oct 2023 08:12 AM IST
सार

एसटीएफ ने सद्दाम के पास से दो मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है। इस कार का इस्तेमाल हत्या के वक्त किया गया। इसका भी रजिस्ट्रेशन नंबर 0016 है। यह गिरोह इसी नंबर की गाड़ियां लेता है।

विज्ञापन
UP News: Mafia Ashraf S Brother In Law Saddam Had Made Arrangements For Umesh Pal Murder
माफिया अशरफ का साला सद्दाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माफिया अशरफ के साले सद्दाम ने ही प्रयागराज में अधिवक्ता उमेश पाल की हत्या के सारे इंतजाम कराए थे। हालांकि तानाबाना अशरफ ने खुद रचा था। हत्या से 15 दिन पहले सद्दाम ने रिश्ते के भाई अब्दुल बारी के नाम पर काले रंग की कार खरीदी थी। बाद में उसका इस्तेमाल उमेश की हत्या में शामिल रहे गिरोह के बदमाशों को शहर बदलते रहने में किया गया। खुद भी अब इसी कार से भागता फिर रहा था।

विज्ञापन
Trending Videos

एसटीएफ ने सद्दाम के पास से दो मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है। इस कार का इस्तेमाल हत्या के वक्त किया गया। इसका भी रजिस्ट्रेशन नंबर 0016 है। यह गिरोह इसी नंबर की गाड़ियां लेता है। इस कार को लोगों की नजरों से छिपाकर रखा गया था। सूत्र बताते हैं कि हत्याकांड के बाद इसी नई कार से असद, जैनब, शाइस्ता और शूटरों की भी फरारी के दौरान मदद की गई। असद के एनकाउंटर और अतीक-अशरफ की हत्या के बाद सद्दाम इस कार का इस्तेमाल खुद ही कर रहा था। जिस अब्दुल बारी के नाम यह कार है, वह अधिकतर सद्दाम के साथ ही रहता था। पुलिस कार मालिक अब्दुल बारी पर भी शिकंजा कस सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हत्याकांड से 21 दिन पहले झांसी गया था सद्दाम
उमेश पाल की हत्या के बाद शूटरों को कहां छिपाना है, इसकी तैयारी भी पहले से की गई थी। सद्दाम उमेश पाल की हत्या से 21 दिन पहले दो फरवरी को अपनी सफेद कार से झांसी गया था। झांसी में तेज रफ्तार में कार चलाने के कारण उसका चालान भी हुआ था। सूत्र बताते हैं कि हत्याकांड से पहले झांसी जाकर सद्दाम ने असद और उसके साथी मोहम्मद गुलाम के छिपने का इंतजाम किया था। अप्रैल में असद और मोहम्मद गुलाम का झांसी जिले के पारीछा डैम ब्रिज के पास यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया था।

विज्ञापन

सद्दाम की प्रेमिका को बेकसूर मानकर चल रही पुलिस
सद्दाम और पूर्व मंत्री की बेटी के बीच चल रही प्रेम कहानी के बारे में उसके सभी गुर्गों को पता था। सद्दाम की प्रेमिका उससे मिलने खुशबू इन्क्लेव वाले कमरे पर भी जाती थी। मकान मालिक और पड़ोसी उसे सद्दाम की पत्नी समझते थे। उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब पुलिस प्रेमिका के घर नोटिस देने पहुंची तो वह और उसका परिवार तनाव में आ गया था। इसके बाद ही प्रेमिका दिल्ली रहने चली गई। दिल्ली में वह मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर पहचान बना रही है। उसको नोटिस देकर पूछताछ की बात कही जा रही है, हालांकि अधिकारी मान रहे हैं कि सद्दाम से दोस्ती के अलावा उसके कामों से प्रेमिका का कोई लेनादेना नहीं था।

लल्ला गद्दी के साथ लेता था चाय की चुस्कियां
सद्दाम और उसका मददगार लल्ला गद्दी रात में शहर में घूमते थे। श्यामगंज से मालियों की पुलिया तक तीन चाय की दुकानों पर रात दो बजे तक भीड़ जमा रहती है। वह इन दुकानों पर भी लल्ला गद्दी के साथ चाय की चुस्कियां ले चुका है। इन दुकानों पर आए दिन विवाद भी होता है। अभी तीन-चार दिन पहले ही कार सवार परिवार के साथ मारपीट की गई थी। इन्हें पुलिस का संरक्षण भी मिलता है, क्योंकि पुलिस की गाड़ियां भी यहीं खड़ी होती है और पुलिस वाले भी चाय की चुस्की लेते हैं। बाजार 10 बजे तक बंद करा दिया जाता है मगर इन चाय की दुकानाें पर दो बजे तक हुड़दंग कटता है। इस पर पुलिस अधिकारियों को आपत्ति नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed