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छात्रनेताओं के ‘बहरेपन’ की होगी जांच, सत्यापित होंगे सर्टिफिकेट
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बरेली। प्रवेश समिति ने एलएलबी के एडमिशन में फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर दिव्यांगों का हक मारने वाले छात्रनेताओं के ‘बहरेपन’ की जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी है। संदिग्ध सर्टिफिकेट इकट्ठे कर सीएमओ कार्यालय से उनका सत्यापन कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मेडिकल पैनल से जांच भी कराई जाएगी। इसको लेकर छात्रनेताओं में हड़कंप मच गया है।
बरेली कॉलेज में 22 जुलाई से एलएलबी की काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है। पहले ही छात्रनेताओं ने भारांक में गड़बड़ी का आरोप लगाकर हंगामा किया और काउंसलिंग बंद करा दी। इसके बाद सबकुछ अप्रत्याशित रूप से शांत हो गया। इसी बीच सामने आया कि कॉलेज में अच्छे भले घूमने वाले छात्रनेता एलएलबी में एडमिशन के लिए दिव्यांग बन गए हैं। इन्होंने कम सुनाई देने का सर्टिफिकेट लगाकर दिव्यांग कोटे के तहत एडमिशन लिया है। चर्चा शुरू होने पर मीडिया ने मामले को गंभीरता से उठाया तो कॉलेज में हड़कंप मचा है। अब प्रवेश समिति ऐसे संदिग्ध सर्टिफिकेट की जांच कराने की तैयारी कर रही है। जांच में अगर यह सर्टिफिकेट फर्जी साबित हुए तो कुछ छात्रनेताओं के एडमिशन निरस्त होना तय है।
एडमिशन प्रक्रिया को लेकर कम पहुंचे छात्र-छात्राएं
बरेली कॉलेज में विवाद शांत होने के बाद मंगलवार को भी एडमिशन प्रक्रिया जारी रही। मगर जानकारी के अभाव में कम छात्र-छात्राएं ही पहुंचे। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बताया कि जिन छात्र-छात्राओं के नाम स्नातक एवं परास्नातक प्रथम वर्ष की किसी सूची में आए हैं और वे एडमिशन नहीं ले सके हैं तो बुधवार तक हर हाल में ले लें। इस दौरान छात्र-छात्राएं अपने सभी मूल और फोटोस्टेट दस्तावेज भी साथ लेकर आएं।
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सभी संदिग्ध सर्टिफिकेट की जांच कराई जाएगी। प्राचार्य के माध्यम से सभी सर्टिफिकेट सीएमओ को भिजवाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर मेडिकल पैनल से भी जांच कराएंगे। - डॉ. अनुराग मोहन, मुख्य प्रवेश समन्वयक, बरेली कॉलेज
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बरेली कॉलेज में 22 जुलाई से एलएलबी की काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है। पहले ही छात्रनेताओं ने भारांक में गड़बड़ी का आरोप लगाकर हंगामा किया और काउंसलिंग बंद करा दी। इसके बाद सबकुछ अप्रत्याशित रूप से शांत हो गया। इसी बीच सामने आया कि कॉलेज में अच्छे भले घूमने वाले छात्रनेता एलएलबी में एडमिशन के लिए दिव्यांग बन गए हैं। इन्होंने कम सुनाई देने का सर्टिफिकेट लगाकर दिव्यांग कोटे के तहत एडमिशन लिया है। चर्चा शुरू होने पर मीडिया ने मामले को गंभीरता से उठाया तो कॉलेज में हड़कंप मचा है। अब प्रवेश समिति ऐसे संदिग्ध सर्टिफिकेट की जांच कराने की तैयारी कर रही है। जांच में अगर यह सर्टिफिकेट फर्जी साबित हुए तो कुछ छात्रनेताओं के एडमिशन निरस्त होना तय है।
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एडमिशन प्रक्रिया को लेकर कम पहुंचे छात्र-छात्राएं
बरेली कॉलेज में विवाद शांत होने के बाद मंगलवार को भी एडमिशन प्रक्रिया जारी रही। मगर जानकारी के अभाव में कम छात्र-छात्राएं ही पहुंचे। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बताया कि जिन छात्र-छात्राओं के नाम स्नातक एवं परास्नातक प्रथम वर्ष की किसी सूची में आए हैं और वे एडमिशन नहीं ले सके हैं तो बुधवार तक हर हाल में ले लें। इस दौरान छात्र-छात्राएं अपने सभी मूल और फोटोस्टेट दस्तावेज भी साथ लेकर आएं।
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सभी संदिग्ध सर्टिफिकेट की जांच कराई जाएगी। प्राचार्य के माध्यम से सभी सर्टिफिकेट सीएमओ को भिजवाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर मेडिकल पैनल से भी जांच कराएंगे। - डॉ. अनुराग मोहन, मुख्य प्रवेश समन्वयक, बरेली कॉलेज